Paytm Share: पेटीएम के शेयरों में 10% की जोरदार गिरावट, RBI की कार्रवाई और UPI MDR की खबर से निवेशकों में बढ़ी बेचैनी

पेटीएम की पैरेंट कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस लिमिटेड के शेयरों में 8 अक्टूबर 2026 को बाजार खुलते ही तेज गिरावट देखने को मिली। कंपनी के शेयर शुरुआती कारोबार में करीब 10 फीसदी तक टूट गए। इस गिरावट के पीछे पेटीएम पेमेंट्स बैंक को लेकर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की हालिया कार्रवाई के साथ-साथ UPI पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू होने में संभावित देरी की खबरों को भी प्रमुख वजह माना जा रहा है। RBI ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड को दूसरी अनुसूची से बाहर कर दिया है, जबकि बैंक का लाइसेंस पहले ही रद्द किया जा चुका है।

RBI की कार्रवाई से पेटीएम पेमेंट्स बैंक को लगा एक और बड़ा झटका
RBI ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड को RBI Act, 1934 की Second Schedule में शामिल शेड्यूल्ड बैंकों की सूची से बाहर कर दिया है। इसके लिए अधिसूचना 31 जुलाई 2026 को जारी की गई थी, जिसे सितंबर में भारत के राजपत्र में प्रकाशित किया गया। यह कदम अप्रैल में बैंकिंग लाइसेंस रद्द किए जाने के बाद उठाया गया है। RBI ने लाइसेंस रद्द करते समय नियामकीय नियमों के अनुपालन में कमी और बैंक के कामकाज को जमाकर्ताओं के हितों के प्रतिकूल बताया था।

अप्रैल में रद्द हुआ था बैंकिंग लाइसेंस, अब बंद करने की प्रक्रिया आगे बढ़ी
पेटीएम पेमेंट्स बैंक पर RBI की कार्रवाई अचानक नहीं हुई है। केंद्रीय बैंक ने मार्च 2022 में नए ग्राहकों को जोड़ने पर रोक लगाई थी। इसके बाद जनवरी और फरवरी 2024 में बैंक के जमा, क्रेडिट और वॉलेट टॉप-अप से जुड़े कारोबार पर कई प्रतिबंध लगाए गए। अप्रैल 2026 में RBI ने बैंकिंग लाइसेंस रद्द कर दिया। इसके बाद दिल्ली हाई कोर्ट ने भी पेटीएम पेमेंट्स बैंक को बंद करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का आदेश दिया। RBI के अनुसार, बैंक के पास जमा देनदारियों को चुकाने के लिए पर्याप्त तरलता थी।

UPI पर MDR की समयसीमा बढ़ने की खबर से भी शेयरों पर दबाव
पेटीएम के शेयरों में गिरावट का दूसरा बड़ा कारण UPI से जुड़ी MDR व्यवस्था को लेकर सामने आई रिपोर्ट्स हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, 15 अक्टूबर 2026 से लागू होने वाली प्रस्तावित व्यवस्था को अब 1 जनवरी 2027 तक टाला जा सकता है। इसके तहत 2,000 रुपये से अधिक के कुछ मर्चेंट UPI लेनदेन पर 0.4 फीसदी शुल्क लगाने की व्यवस्था प्रस्तावित है। हालांकि, इस बदलाव को टालने पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है। संभावित देरी की खबर के बाद डिजिटल पेमेंट कंपनियों के शेयरों में व्यापक बिकवाली देखी गई।

चार महीने में 50 फीसदी से ज्यादा चढ़े थे पेटीएम के शेयर
गुरुवार की तेज गिरावट से पहले पेटीएम के शेयरों ने पिछले कुछ महीनों में शानदार तेजी दर्ज की थी। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, 8 जून 2026 को शेयर 1,031.70 रुपये के स्तर पर थे, जबकि 8 अक्टूबर को कारोबार के दौरान यह 1,560.60 रुपये तक पहुंचा। यानी करीब चार महीनों में शेयर में 50 फीसदी से अधिक की बढ़त हुई थी। हालांकि, गुरुवार की बिकवाली ने इस तेजी पर अचानक दबाव बढ़ा दिया। कारोबार के दौरान शेयर करीब 10 फीसदी तक नीचे गया।

IPO के मुकाबले अभी भी नीचे है पेटीएम का शेयर भाव
पेटीएम की पैरेंट कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस का IPO नवंबर 2021 में आया था और इसका IPO प्राइस 2,150 रुपये था। कंपनी का IPO करीब 18,300 करोड़ रुपये का था और इसे कुल 1.89 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था। मौजूदा स्तर पर पेटीएम का शेयर अभी भी अपने IPO प्राइस से काफी नीचे कारोबार कर रहा है। हालांकि, कंपनी की मौजूदा पेमेंट सेवाएं पूरी तरह पेटीएम पेमेंट्स बैंक पर निर्भर नहीं हैं। पेटीएम ने अपने पेमेंट कारोबार को अलग बैंकिंग साझेदारों और अपनी पेमेंट एग्रीगेटर इकाइयों के जरिए संचालित करने की व्यवस्था की है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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