चीन: 2028 तक तैयार होगा मंगल का नया भूवैज्ञानिक मानचित्र

Mars, illustration. Mars is the fourth planet from the Sun. It is a rocky desert world. It orbits the Sun at an average distance of around 227 million kilometres. Its diameter is around half Earth's. The red colour is due to the iron oxides in the rocks.

चीनी विज्ञान अकादमी के शिक्षाविद और थ्येनवन-3 मिशन के मुख्य वैज्ञानिक होउ ज़ंगछ्येन ने
सोमवार को बताया कि नई पीढ़ी का संपूर्ण मंगल भूवैज्ञानिक मानचित्र मंगल के भूवैज्ञानिक काल के
विभाजन के लिए चीन की योजना पेश करेगा। इससे चीन द्वारा स्वतंत्र रूप से विकसित मंगल काल
विभाजन मानक को वैश्विक स्तर पर मान्यता दिलाने में मदद मिलेगी।

होउ ज़ंगछ्येन ने चीनी भूवैज्ञानिक विज्ञान अकादमी के भूवैज्ञानिक अनुसंधान संस्थान में
आयोजित एक उच्च गुणवत्ता विकास संगोष्ठी के दौरान बताया कि इस मानचित्र को 2028 के अंत
तक पूरा करने की योजना है। उन्होंने कहा कि चुरोंग रोवर की खोजों को भी नई पीढ़ी के संपूर्ण मंगल
भूवैज्ञानिक मानचित्र में शामिल किया जाएगा। इनमें मंगल पर 3.5 अरब वर्ष पहले महाद्वीपीय
स्तर का एक प्राचीन महासागर मौजूद होने और 1.6 अरब वर्ष पहले थोड़े समय के लिए बाढ़ आने की
संभावना से जुड़ी खोजें शामिल हैं।

जानकारी के अनुसार, नई पीढ़ी के मंगल भूवैज्ञानिक मानचित्र परियोजना के तहत इसी अवधि में
1:50,000 पैमाने का लैंडिंग क्षेत्र भूवैज्ञानिक मानचित्र और एक विशेष श्रृंखला का एटलस भी तैयार
किया जाएगा। इन उपलब्धियों को थ्येनवन-3 मिशन की वैज्ञानिक तैयारियों के महत्वपूर्ण परिणामों
के रूप में पेश किया जाएगा। साथ ही, इन्हें दुनिया के पहले बुद्धिमान मंगल भूवैज्ञानिक मानचित्र
के रूप में जारी किया जाएगा। इससे भविष्य में चंद्रमा, शुक्र और क्षुद्रग्रहों के भूवैज्ञानिक मानचित्र
तैयार करने के लिए शोध का एक नया मॉडल और कार्यान्वयन का

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

 

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