अग्निवीरों के लिए खुला वर्दीधारी भर्ती का नया रास्ता, MP कैबिनेट का बड़ा फैसला

CM Mohan Yadav investment have paid off

मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने अग्निवीरों के लिए वर्दीधारी सरकारी नौकरियों में 20% आरक्षण को मंजूरी देकर सेना से सेवा पूरी करने वाले युवाओं के लिए रोजगार का नया रास्ता खोला है। कैबिनेट का यह फैसला सिर्फ आरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि अग्निवीरों के सैन्य अनुभव को राज्य की सुरक्षा व्यवस्था से जोड़ने की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा सकता है।

पांच विभागों में मिलेगा 20% आरक्षण

सरकार के फैसले के मुताबिक वन विभाग में वनरक्षक, गृह विभाग में सामान्य आरक्षक, SAF में सशस्त्र आरक्षक, जेल विभाग में जेल प्रहरी और आबकारी विभाग में आबकारी आरक्षक के पदों पर अग्निवीरों को 20% आरक्षण मिलेगा। अभी इन वर्दीधारी पदों पर होमगार्ड और भूतपूर्व सैनिकों के लिए आरक्षण का प्रावधान है। यानी अग्निवीरों के लिए सैन्य सेवा के बाद सरकारी सुरक्षा तंत्र में प्रवेश का एक नया अवसर तैयार किया गया है।

सैनिक प्रशिक्षण को सरकारी नौकरी से जोड़ने की कोशिश

कैबिनेट बैठक में अग्निवीरों को सैन्य प्रशिक्षण, अनुशासन और सुरक्षा संबंधी अनुभव मिलता है। ऐसे में पुलिस, जेल, वन और आबकारी जैसे विभागों में उनकी भर्ती का सीधा संबंध उनके पूर्व प्रशिक्षण से बनता है। सरकार का फैसला इस अनुभव को राज्य की वर्दीधारी सेवाओं में उपयोग करने की नीति के तौर पर देखा जा सकता है।

कैबिनेट के फैसलों का दायरा बड़ा

कैबिनेट बैठक में कक्षा 1 से 8 तक के 58 लाख विद्यार्थियों के लिए गणवेश की राशि सीधे खातों में भेजने को मंजूरी दी गई। दमोह-कटनी 105 किलोमीटर मार्ग को फोरलेन करने के लिए ₹4,470 करोड़, स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए ₹3,113 करोड़ और विभिन्न परियोजनाओं को अगले पांच साल तक जारी रखने के लिए करीब ₹24,500 करोड़ की मंजूरी दी गई।

यानी एक तरफ युवा रोजगार और वर्दीधारी सेवाओं पर फोकस, तो दूसरी तरफ शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और सिंचाई जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए बड़े वित्तीय फैसले लिए गए। कैबिनेट के फैसलों से सरकार की प्राथमिकताओं में रोजगार के साथ बुनियादी ढांचे और सामाजिक योजनाओं को आगे बढ़ाने का संकेत मिलता है।

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