चीन श्रीलंका में क्षतिग्रस्त पुलों के पुनर्निर्माण में करेगा मदद

चीन द्वारा श्रीलंका को आपदा के बाद पुलों के पुनर्निर्माण के लिए आपातकालीन सहायता देने से
जुड़े कार्यान्वयन समझौते पर सोमवार को श्रीलंका के परिवहन, राजमार्ग एवं शहरी विकास
मंत्रालय में हस्ताक्षर किए गए। इस सहायता परियोजना का उद्देश्य उष्णकटिबंधीय चक्रवात
‘दितवा’ से क्षतिग्रस्त हुए पुलों के पुनर्निर्माण में श्रीलंका की मदद करना है।

चीनी विशेषज्ञ दल ने मौके पर निरीक्षण और मूल्यांकन के बाद श्रीलंका में 14 पुलों के पुनर्निर्माण
का फैसला किया है। इनमें से 9 पुलों का पुनर्निर्माण आपातकालीन परियोजना के मानकों के
अनुसार किया जाएगा।

हस्ताक्षर समारोह में श्रीलंका में चीनी राजदूत वेई ह्वाश्यांग ने कहा कि यह समझौता चीनी
सरकार और जनता की श्रीलंकाई जनता के प्रति गहरी मित्रता को दर्शाता है। साथ ही, यह दोनों
देशों के बीच ‘स्वतंत्रता, आत्मनिर्भरता, एकजुटता और पारस्परिक सहायता’ की रबर-चावल संधि
की भावना को आगे बढ़ाने का भी प्रतीक है। उन्होंने बताया कि नए बनाए जाने वाले पुलों का नाम
‘चीन-श्रीलंका मैत्री पुल’ रखा जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि परियोजना के सफल कार्यान्वयन
से दोनों देशों के लोगों के बीच आपसी संपर्क और मित्रता और मजबूत होगी।

वहीं, श्रीलंका के परिवहन, राजमार्ग एवं शहरी विकास मंत्रालय के स्थायी सचिव अशिरी
करुणावर्धने ने चीन की सहायता के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पुलों का
पुनर्निर्माण प्राकृतिक आपदा के बाद श्रीलंका की तत्काल परिवहन समस्याओं को दूर करने में
मदद करेगा। इसके साथ ही, लंबे समय में इससे देश के परिवहन बुनियादी ढांचे को मजबूत करने
में भी मदद मिलेगी और श्रीलंकाई जनता को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

उल्लेखनीय है कि पिछले साल नवंबर के अंत से दिसंबर की शुरुआत तक श्रीलंका में
उष्णकटिबंधीय चक्रवात ‘दितवा’ ने भारी तबाही मचाई थी। इस आपदा में 600 से अधिक लोगों
की मौत हुई थी, जबकि 20 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए थे।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

 

Exit mobile version