चीन एआई और तकनीक के फील्ड में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। चीन में हो रहे नवाचार और
शोधकार्यों का नतीजा यह हुआ कि चीन ने स्मार्ट और दुनिया को चौकाने वाले ह्यूमॉनइड रोबोट
तैयार किए हैं। पिछले दिनों न केवल कुंगफू करने वाले रोबोट्स ने अपनी धाक जमायी, बल्कि सबसे
तेज़ दौड़ का विश्व रिकार्ड भी चीनी रोबोट्स ने बनाया। पिछले 5 वर्षों के दौरान ही रोबोट निर्माण और
एआई के क्षेत्र में चीन ने जबरदस्त छलांग लगाई है। चीन द्वारा हासिल तकनीकी प्रगति से ग्लोबल
स्तर पर एक बड़ा संदेश पहुंचा है कि चीन विज्ञान और तकनीक के विकास को काफी महत्व देता है।
इसके साथ ही चीन द्वारा पिछले दिनों एक एक्शन प्लान जारी किया गया, जिसका मकसद अगले
पांच वर्षों में चीन की अर्थव्यवस्था और समाज में समन्वित डिजिटल और हरित रूपांतरण की गति को
तेज़ करना है। क्योंकि चीन में एआई निर्माण और इनोवेशन हो रहा है, ऐसे में उसे समग्र रूप से आगे
बढ़ाना जरूरी है। इसके लिए ऊर्जा दक्षता बढ़ाने और कम कार्बन विकास को बढ़ावा देने के लिए
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
उक्त योजना को चीन के साइबरस्पेस प्रशासन, राष्ट्रीय विकास और सुधार आयोग आदि विभिन्न
विभागों ने संयुक्त रूप से जारी किया है। बताया जाता है कि इस एक्शन प्लान में वर्ष 2026 से 2030
तक किए जाने वाले विभिन्न कार्यों का उल्लेख किया गया है।
इस योजना के लागू होने पर वर्ष 2030 तक, चीन की एआई तकनीक से काफी ज़्यादा लागत कम होने
और कार्य क्षमता बढ़ने की उम्मीद है। जिससे चीन के संबंधित उद्योग में हरित और कम कार्बन
नवाचार के साथ गहराई से समेकन हो सकेगा। इसके साथ ही कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और 5जी बेस
स्टेशन जैसे उभरते सेक्टर में ऊर्जा दक्षता में काफी सुधार होने का अनुमान है।
इस योजना में कृषि, विनिर्माण, व्यापार, उपभोग और शहरी संचालन जैसे क्षेत्रों में गहरे डिजिटल और
ग्रीन अपग्रेड करने पर ध्यान दिया जाएगा। इससे पर्यावरणीय प्रशासन को मजबूत करने और चीन के
हरित ग्रोथ और उच्च गुणवत्ता वाले विकास में व्यापक बदलाव में मदद करने के लिए स्मार्ट तकनीक
के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलेगा।
इस बारे में चीन के साइबरस्पेस प्रशासन ने कहा कि यह पहल ऐसे समय में हुई है जब दुनिया भर में
तकनीकी और औद्योगिक बदलाव की एक नई लहर ज़ोर पकड़ रही है, जिसमें सूचना तकनीक, ऊर्जा,
बायोटेक्नोलॉजी और अन्य क्षेत्रों में हो रही तरक्की एक-दूसरे से मिल रही है और एक-दूसरे को मजबूती
भी प्रदान कर रही है। बताया जाता है कि डिजिटलीकरण और हरित विकास दो बड़े ट्रेंड के तौर पर उभर रहे हैं जो वैश्विक
अर्थव्यवस्था और समाज को नया आकार दे रहे हैं।
इसमें यह भी कहा गया कि यह योजना एक मज़बूत साइबर देश और एक सुंदर चीन बनाने की चीन
सरकार महत्वपूर्ण रणनीति को लागू करने की दिशा में भी एक ठोस कदम है।
इससे पता चलता है कि चीन इस क्षेत्र में हो रहे व्यापक बदलावों को देखते हुए खुद को तैयार कर रहा है।
ताकि डिजिटिल निर्माण और तकनीकी नवाचार को सही ढंग से आगे बढ़ाया जा सके।
(अनिल पांडेय, चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)