कोटा के बोरखेड़ा निवासी यशराज साहू ने यह दिखाया है कि खेती को सिर्फ पारंपरिक काम मानने के बजाय इसे आधुनिक बिजनेस के रूप में भी आगे बढ़ाया जा सकता है। कोटा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी से B.Sc. Agriculture की पढ़ाई करने के बाद उनके सामने नौकरी का विकल्प था, लेकिन उन्होंने खुद का काम शुरू करने का फैसला किया। इसी सोच के साथ उन्होंने Agro Steps Pvt Ltd की नींव रखी। आज उनका यह कारोबार सालाना करीब ₹20 लाख का टर्नओवर कर रहा है और 15 से 20 स्थानीय लोगों को काम भी दे रहा है। खास बात यह है कि इस सफर की शुरुआत किसी बड़े निवेश से नहीं, बल्कि बहुत छोटी पूंजी और लगातार मेहनत से हुई थी।
स्कूल के दिनों में देखा मशरूम का काम, फिर सिर्फ 10 बैग से शुरू किया पहला प्रयोग
मशरूम उगाने की दिलचस्पी यशराज के मन में स्कूल के समय ही पैदा हो गई थी। उन्होंने अपने गांव में एक किसान को मशरूम की खेती करते देखा और इसी से उन्हें इस क्षेत्र में काम करने का विचार आया। 2017 में कॉलेज में प्रवेश लेने से पहले उन्होंने केवल 10 बैग से ट्रायल शुरू किया। कॉलेज पहुंचने के बाद उनकी मुलाकात दोस्त राहुल मीणा से हुई। दोनों ने इस छोटे प्रयोग को आगे बढ़ाकर व्यावसायिक स्तर पर ले जाने की योजना बनाई।
बैंक से लोन नहीं मिला तो दोस्तों के साथ अपनी जेब से जुटाए ₹10-15 हजार
स्टार्टअप शुरू करने के लिए पूंजी की जरूरत थी, लेकिन बैंक से लोन नहीं मिल पाया। इसके बावजूद यशराज और उनके दोस्तों ने हिम्मत नहीं छोड़ी। सभी ने मिलकर अपनी पॉकेट मनी से करीब ₹10 हजार से ₹15 हजार जुटाए। इसी रकम से 625 वर्गफीट की जगह पर बांस, ग्रीन नेट और ब्लैक पॉलिथीन की मदद से सॉयल-लेस फार्म तैयार किया गया। यशराज ने लगातार 10 रातों तक मेहनत करके मशरूम उत्पादन के लिए 500 हैंगिंग बैग तैयार किए।
KVK की सलाह और आधुनिक तकनीक से कम जगह में बढ़ाया मशरूम उत्पादन
उत्पादन बेहतर करने के लिए यशराज ने कृषि विज्ञान केंद्र (KVK), कोटा के विशेषज्ञों से मार्गदर्शन लिया। इसके बाद उन्होंने वर्टिकल सॉयल-लेस फार्मिंग तकनीक अपनाई। इस तरीके में कम जगह का इस्तेमाल करके अधिक उत्पादन लेने की कोशिश की जाती है। मेहनत और तकनीकी जानकारी के सहारे उन्हें 45 से 60 दिनों में 1,000 किलो फ्रेश ऑयस्टर मशरूम का उत्पादन मिला। पहले कमर्शियल बैच से ही उन्हें ₹80 हजार से ज्यादा का मुनाफा हुआ।
मशरूम को पाउडर में बदलकर बनाया वैल्यू एडेड प्रोडक्ट, ₹1,500-2,000 किलो तक कीमत
यशराज ने केवल ताजा मशरूम बेचने तक कारोबार को सीमित नहीं रखा। बाजार की मांग को देखते हुए उन्होंने मशरूम से पाउडर तैयार करना शुरू किया। इस वैल्यू एडिशन से उत्पाद को दूसरे बाजारों तक पहुंचाने का रास्ता बना। उपलब्ध जानकारी के अनुसार मशरूम पाउडर की कीमत करीब ₹1,500 से ₹2,000 प्रति किलो तक बताई जाती है। इस रणनीति ने उनके छोटे प्रयोग को धीरे-धीरे बड़े कारोबार में बदलने में मदद की।
किसानों को फार्म लगाने में मदद और बाय-बैक सुविधा देकर बढ़ा रहे ग्रामीण रोजगार
आज Agro Steps Pvt Ltd सिर्फ यशराज का कारोबार नहीं है, बल्कि दूसरे किसानों को भी मशरूम उत्पादन से जोड़ने का प्रयास कर रहा है। कंपनी कम बजट में मशरूम फार्म तैयार करने में किसानों और ग्रामीणों की मदद करती है। साथ ही उनकी उपज को खरीदने के लिए बाय-बैक गारंटी की सुविधा भी देती है। इस तरह यशराज ने खेती के अपने अनुभव को रोजगार और ग्रामीण उद्यमिता से जोड़ने की दिशा में कदम बढ़ाया है।