मध्यप्रदेश से लैटिन अमेरिका तक बढ़ी व्यापारिक उड़ान, 19% निर्यात वृद्धि ने खोले नए वैश्विक अवसर

Investment Forum 2026 in Indore

इंदौर बना भारत-लैटिन अमेरिका साझेदारी का नया केंद्र

मध्यप्रदेश अब केवल भारत के हृदय प्रदेश के रूप में ही नहीं, बल्कि वैश्विक व्यापार और निवेश के एक उभरते केंद्र के रूप में भी अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। इंदौर में आयोजित भारत-लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन व्यापार एवं निवेश मंच-2026 में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश की आर्थिक प्रगति और वैश्विक व्यापारिक संभावनाओं का विस्तृत खाका प्रस्तुत करते हुए लैटिन अमेरिकी देशों के साथ मजबूत और दीर्घकालिक साझेदारी का आह्वान किया।

  1. लैटिन अमेरिका और कैरेबियन देशों को मध्यप्रदेश का निर्यात 19% बढ़कर 3,835 करोड़ रुपये पहुंचा।
  2. फार्मास्यूटिकल्स, कृषि, इंजीनियरिंग और विनिर्माण क्षेत्र निर्यात वृद्धि के मुख्य आधार बने।
  3. इंदौर और पीथमपुर वैश्विक फार्मा हब के रूप में तेजी से उभर रहे हैं।
  4. प्रदेश में 1.25 लाख एकड़ भूमि, मजबूत लॉजिस्टिक्स और उद्योग अनुकूल नीतियां निवेशकों को आकर्षित कर रही हैं।
  5. भारत-लैटिन अमेरिका व्यापार मंच ने नई आर्थिक और रणनीतिक साझेदारियों के द्वार खोले हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में मध्यप्रदेश का लैटिन अमेरिका और कैरेबियन देशों को निर्यात 19 प्रतिशत बढ़कर 3,835 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। यह वृद्धि न केवल प्रदेश की औद्योगिक क्षमता को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि “मेड इन एमपी” उत्पादों को वैश्विक बाजार में तेजी से स्वीकार्यता मिल रही है।

फार्मा, कृषि और इंजीनियरिंग उत्पाद बने निर्यात की ताकत

डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के फार्मास्यूटिकल्स, इंजीनियरिंग उत्पाद, कृषि आधारित वस्तुएं, प्लास्टिक उत्पाद और जंबो बैग जैसे विनिर्माण उत्पाद निर्यात वृद्धि के प्रमुख आधार बनकर उभरे हैं। विशेष रूप से इंदौर और पीथमपुर फार्मास्यूटिकल्स उत्पादन के वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित हो रहे हैं।

उन्होंने बताया कि यहां निर्मित दवाएं ब्राजील, पेरू और चिली जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच रही हैं। वहीं इंजीनियरिंग मशीनों और औद्योगिक उत्पादों की मांग भी लैटिन अमेरिकी देशों में लगातार बढ़ रही है। ब्राजील, मेक्सिको, अर्जेंटीना, कोलंबिया, डोमिनिकन रिपब्लिक और पेरू के साथ प्रदेश का व्यापारिक संबंध लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

निवेशकों के लिए तैयार है मध्यप्रदेश

मुख्यमंत्री ने मंच से विदेशी निवेशकों को प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में 1.25 लाख एकड़ से अधिक रेडी-टू-यूज भूमि उपलब्ध है। राज्य में उद्योग अनुकूल नीतियां, स्थिर कानून-व्यवस्था, पर्याप्त जल संसाधन और कुशल श्रमिकों की उपलब्धता निवेशकों को आकर्षित कर रही है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में 5 लाख किलोमीटर से अधिक का सड़क नेटवर्क, आधुनिक रेल संपर्क और हवाई सुविधाएं मौजूद हैं। अगले पांच वर्षों में छह प्रमुख औद्योगिक कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे, जो प्रदेश की लॉजिस्टिक क्षमता को और मजबूत करेंगे।

आईटी, स्टार्टअप और स्वच्छ ऊर्जा में भी अपार संभावनाएं

डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश का इंदौर देश के तेजी से विकसित होते आईटी और स्टार्टअप हब्स में शामिल है। प्रदेश में 6 हजार से अधिक स्टार्टअप सक्रिय हैं, जिनमें 45 प्रतिशत से अधिक महिला उद्यमियों द्वारा संचालित किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि आईटी, डिजिटल टेक्नोलॉजी, फिनटेक, पर्यटन-टेक और नवाचार आधारित उद्योगों में भारत और लैटिन अमेरिकी देशों के बीच सहयोग की व्यापक संभावनाएं हैं। इसके अलावा मध्यप्रदेश 31 हजार मेगावाट से अधिक बिजली उत्पादन क्षमता के साथ ऊर्जा क्षेत्र में भी मजबूत स्थिति रखता है, जिसमें लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा स्वच्छ ऊर्जा का है।

सांस्कृतिक समानताएं भी बढ़ा रही हैं निकटता

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में आर्थिक संबंधों के साथ-साथ सांस्कृतिक जुड़ाव पर भी विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि भारत और लैटिन अमेरिका की प्राचीन सभ्यताओं में कई समानताएं हैं। जिस प्रकार लैटिन अमेरिकी समाज ‘पचमामा’ यानी धरती माता की पूजा करता है, उसी प्रकार भारत में भी प्रकृति और पंच तत्वों का सम्मान किया जाता है।

उन्होंने कहा कि दोनों क्षेत्रों की सांस्कृतिक विरासत, पारिवारिक मूल्य, संगीत, उत्सव और जनजातीय परंपराएं एक-दूसरे के बेहद करीब हैं, जो व्यापारिक रिश्तों को और मजबूत बनाने में सहायक होंगी।

वैश्विक साझेदारी की नई नींव

इंदौर में आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय मंच में 15 देशों के व्यापार प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विशेष डिजिटल प्लेटफॉर्म और वेबसाइट का शुभारंभ किया तथा भारत-लैटिन अमेरिका व्यापार संबंधों पर आधारित विशेष पत्रिका “द बिजनेस टायकून्स” का विमोचन भी किया। उन्होंने कहा कि यह मंच केवल व्यापारिक समझौतों तक सीमित नहीं है, बल्कि महाद्वीपों को जोड़ने वाली दीर्घकालिक साझेदारियों की नींव रखने का अवसर है। अब समय केवल आयातक-निर्यातक संबंधों का नहीं, बल्कि संयुक्त उद्यम, तकनीकी सहयोग, कौशल विकास और निवेश साझेदारी का है।

विकसित भारत के लक्ष्य में मध्यप्रदेश की अहम भूमिका

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विश्वास जताया कि भारत-लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन व्यापार एवं निवेश मंच से निकलने वाले सुझाव दोनों क्षेत्रों के आर्थिक संबंधों को नई दिशा देंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के “विकसित भारत-2047” के संकल्प को साकार करने में मध्यप्रदेश महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैयार है।

प्रदेश सरकार की उद्योग समर्थक नीतियां, मजबूत बुनियादी ढांचा, बढ़ती निर्यात क्षमता और वैश्विक साझेदारी की सोच मध्यप्रदेश को अंतरराष्ट्रीय निवेश मानचित्र पर तेजी से स्थापित कर रही हैं। लैटिन अमेरिका के साथ बढ़ते व्यापारिक संबंध इस बात का संकेत हैं कि आने वाले वर्षों में मध्यप्रदेश वैश्विक अर्थव्यवस्था का एक मजबूत और विश्वसनीय भागीदार बनकर उभरेगा।

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