Change of power in Bihar

बिहार में सत्ता परिवर्तन तय: नीतीश कुमार 14 अप्रैल को देंगे इस्तीफा, सम्राट चौधरी सबसे आगे

 

पटना/दिल्ली: बिहार की राजनीति में एक बड़ा बदलाव तय माना जा रहा है। लंबे समय से मुख्यमंत्री पद संभाल रहे नीतीश कुमार अब राज्य की सत्ता छोड़कर राष्ट्रीय राजनीति की ओर कदम बढ़ाने जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, नीतीश कुमार 14 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं, जिसके बाद राज्य में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू होगी।

  1. दो दशक बाद बदलेगा बिहार का नेतृत्व
  2. राज्यसभा शपथ के बाद नीतीश छोड़ेंगे सीएम पद
  3. बीजेपी पहली बार बना सकती है अपना मुख्यमंत्री
  4. सम्राट चौधरी का नाम सबसे आगे
  5. 15 अप्रैल को नई सरकार के गठन की संभावना

जानकारी के अनुसार, नीतीश कुमार 10 अप्रैल को दिल्ली में राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे। इसके लिए वह पटना से दिल्ली रवाना होंगे। राज्यसभा की सदस्यता ग्रहण करने के बाद वह पटना लौटेंगे और तय कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देंगे।

यह फैसला बिहार की सियासत में एक नए अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है। करीब दो दशकों तक राज्य की सत्ता संभालने के बाद अब नीतीश कुमार राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाने की तैयारी में हैं।

बीजेपी को मिल सकती है कमान
सूत्रों के मुताबिक, इस बार बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के तहत भारतीय जनता पार्टी पहली बार अपना मुख्यमंत्री बनाने की तैयारी में है। इस रेस में सबसे आगे नाम सम्राट चौधरी का बताया जा रहा है, जो वर्तमान में उपमुख्यमंत्री हैं और पार्टी के प्रमुख चेहरों में गिने जाते हैं।

जेडीयू की ओर से भी संकेत मिल चुके हैं कि आगे राज्य की सत्ता में बीजेपी की भूमिका प्रमुख हो सकती है। नीतीश कुमार के करीबी माने जाने वाले नेताओं ने भी इस दिशा में इशारा किया है कि अब नेतृत्व परिवर्तन का समय आ गया है।

14 अप्रैल को इस्तीफा, 15 को नई सरकार संभव
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, 14 अप्रैल को पटना में एनडीए विधायक दल की बैठक बुलाई जा सकती है। इसी बैठक में नीतीश कुमार अपने इस्तीफे का औपचारिक ऐलान कर सकते हैं। इसके बाद 15 अप्रैल को नई सरकार के गठन की संभावना जताई जा रही है। इस दौरान मुख्यमंत्री पद के लिए नाम पर सहमति बनाई जाएगी और फिर शपथ ग्रहण समारोह आयोजित होगा।

दिल्ली में अहम बैठक, बड़े नेताओं की मौजूदगी
10 अप्रैल को दिल्ली में बीजेपी के शीर्ष नेताओं की एक अहम बैठक भी प्रस्तावित है। इस बैठक में नरेंद्र मोदी और अमित शाह के शामिल होने की संभावना है। बैठक में बिहार के नए मुख्यमंत्री के नाम और सरकार गठन की रणनीति पर चर्चा हो सकती है। इसके अलावा बिहार बीजेपी के कई वरिष्ठ नेता भी इस बैठक में हिस्सा लेंगे, जहां अंतिम निर्णय लिया जा सकता है।

शपथ ग्रहण में पीएम मोदी की मौजूदगी संभव
सूत्रों के अनुसार, नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शामिल होने की संभावना है। इससे इस राजनीतिक बदलाव को और अधिक महत्व मिलने की उम्मीद है।

बिहार की राजनीति में नया दौर
साल 2005 से लगातार बिहार की सत्ता के केंद्र में रहे नीतीश कुमार अब एक नई भूमिका में नजर आ सकते हैं। उनके हटने के बाद राज्य की राजनीति में शक्ति संतुलन बदलना तय माना जा रहा है।

यदि बीजेपी अपना मुख्यमंत्री बनाती है, तो यह बिहार के सियासी इतिहास में एक बड़ा बदलाव होगा। वहीं, सम्राट चौधरी के नाम पर मुहर लगती है, तो यह उनके राजनीतिक करियर का सबसे बड़ा पड़ाव साबित होगा। कुल मिलाकर, बिहार में आने वाले कुछ दिन राजनीतिक रूप से बेहद अहम होने वाले हैं। सत्ता परिवर्तन की यह प्रक्रिया न केवल राज्य बल्कि राष्ट्रीय राजनीति पर भी असर डाल सकती है।

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