AI पर आंख बंद कर भरोसा खतरनाक!..चैटबॉट्स की बढ़ती लोकप्रियता के बीच बड़ा खतरा…रिसर्च में सामने आई ये सच्चाई

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AI पर आंख बंद कर भरोसा खतरनाक! स्टडी में खुलासा—50% मामलों में गलत मेडिकल सलाह

चैटबॉट्स की बढ़ती लोकप्रियता के बीच बड़ा खतरा, रिसर्च में सामने आई चौंकाने वाली सच्चाई

तेजी से बदलती डिजिटल दुनिया में Artificial Intelligence अब लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुकी है। लेकिन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील मामलों में इस तकनीक पर आंख बंद कर भरोसा करना जोखिम भरा साबित हो सकता है।  हाल ही में प्रकाशित एक अध्ययन ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। रिसर्च के मुताबिक, AI चैटबॉट्स द्वारा दी गई करीब 50 प्रतिशत मेडिकल सलाह गलत पाई गई है, जबकि इनमें से लगभग 20 प्रतिशत सलाह बेहद गंभीर रूप से गलत थीं। यह निष्कर्ष मेडिकल जर्नल BMJ Open में प्रकाशित किया गया है।

इस अध्ययन को अमेरिका, कनाडा और यूके के शोधकर्ताओं ने मिलकर किया। उन्होंने पांच प्रमुख AI प्लेटफॉर्म्स—Gemini, ChatGPT, Meta AI, DeepSeek और Grok—का मूल्यांकन किया। हर प्लेटफॉर्म से हेल्थ से जुड़े अलग-अलग विषयों पर सवाल पूछे गए।

रिपोर्ट के अनुसार, चैटबॉट्स ने वैक्सीन और कैंसर जैसे सीधे (क्लोज्ड) सवालों पर अपेक्षाकृत बेहतर जवाब दिए, लेकिन न्यूट्रीशन, स्टेम सेल और ओपन-एंडेड सवालों पर इनका प्रदर्शन कमजोर रहा। खास बात यह रही कि कई बार ये प्लेटफॉर्म गलत जवाब भी पूरे आत्मविश्वास के साथ देते पाए गए, जिससे यूजर्स भ्रमित हो सकते हैं।

शोधकर्ताओं ने यह भी पाया कि किसी भी AI प्लेटफॉर्म ने अपने जवाबों के साथ पूरी तरह सटीक और भरोसेमंद संदर्भ नहीं दिए। सिर्फ दो मौकों पर जवाब देने से इनकार किया गया और दोनों ही बार यह Meta AI की ओर से हुआ।

यह अध्ययन उस बढ़ती चिंता को उजागर करता है कि लोग बिना सोचे-समझे AI प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल स्वास्थ्य सलाह के लिए कर रहे हैं, जबकि इन टूल्स के पास न तो मेडिकल लाइसेंस होता है और न ही किसी बीमारी का सटीक निदान करने की क्लिनिकल क्षमता।

बढ़ती लोकप्रियता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि OpenAI के अनुसार हर हफ्ते 20 करोड़ से ज्यादा लोग ChatGPT से स्वास्थ्य और फिटनेस से जुड़े सवाल पूछते हैं। इसके अलावा Anthropic ने भी अपने Claude प्रोडक्ट के जरिए हेल्थकेयर सेक्टर में नई सेवाएं शुरू करने की घोषणा की है।

विशेषज्ञों का मानना है कि AI एक सहायक उपकरण जरूर हो सकता है, लेकिन इसे डॉक्टर का विकल्प नहीं माना जा सकता। खासकर गंभीर बीमारियों या लक्षणों के मामलों में विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह लेना ही सबसे सुरक्षित और सही तरीका है।

AI तकनीक जितनी तेजी से आगे बढ़ रही है, उतनी ही सावधानी बरतना भी जरूरी है। खासकर स्वास्थ्य के मामलों में AI पर पूरी तरह निर्भर रहना खतरनाक हो सकता है। इसलिए किसी भी मेडिकल सलाह को अपनाने से पहले विशेषज्ञ की राय जरूर लें—यही आपकी सेहत के लिए सबसे सुरक्षित कदम है।

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