Tuesday, August 25, 2026
  • Contact
India News
  • मुख्य समाचार
  • राजनीति
  • संपादक की पसंद
  • शहर और राज्य
    • उत्तर प्रदेश
      • आगरा
      • कानपुर
      • लखनऊ
      • मेरठ
    • छत्तीसगढ
      • जगदलपुर
      • बिलासपुर
      • भिलाई
      • रायपुर
    • दिल्ली
    • बिहार
      • पटना
    • मध्य प्रदेश
      • इंदौर
      • ग्वालियर
      • जबलपुर
      • भोपाल
    • महाराष्ट्र
      • नागपुर
      • नासिको
      • पुणे
      • मुंबई
    • राजस्थान
      • अजमेर
      • कोटा
      • जयपुर
      • जैसलमेर
      • जोधपुर
  • स्टार्टअप
  • कृषि
  • मनोरंजन
  • बिजनेस
  • धर्म
  • ऑटो
  • सरकारी नौकरी
  • वीडियो
No Result
View All Result
India News
Home शहर और राज्य उत्तर प्रदेश

भदोही के कालीन उद्योग को ODOP की ताकत, पूंजी-बाजार और हुनर से बदल रही तस्वीर

DigitalDesk by DigitalDesk
August 25, 2026
in उत्तर प्रदेश, बिजनेस, मुख्य समाचार, लखनऊ
0
Bhadohi carpet industry
0
SHARES
0
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterWhatsapp

उत्तर प्रदेश के भदोही की पहचान सिर्फ एक जिले के रूप में नहीं, बल्कि दुनिया के प्रमुख कालीन उत्पादन केंद्रों में होती है। हाथ से बुनी कालीनों की अपनी अलग पहचान है और यहां का कारोबार अमेरिका, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, जापान और मध्य-पूर्व समेत दुनिया के कई बाजारों तक पहुंचता है। अब इस पारंपरिक उद्योग को एक जिला, एक उत्पाद यानी ODOP योजना से नई आर्थिक ताकत मिल रही है। इस बदलाव की सबसे बड़ी खासियत यह है कि सरकारी मदद सिर्फ कर्ज तक सीमित नहीं है। पूंजी, प्रशिक्षण, टूलकिट और बाजार—चारों स्तर पर सहायता देने की कोशिश की जा रही है। भदोही में ODOP की वित्त पोषण योजना के तहत अब तक 347 लाभार्थियों को 1,228 लाख रुपये यानी करीब 12.28 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी जा चुकी है। योजना के तहत बैंक के माध्यम से उद्यमियों को वित्त उपलब्ध कराया जाता है और पात्र मामलों में 25 प्रतिशत तक सब्सिडी का प्रावधान है। यानी जिस उद्योग में लंबे समय तक पैसा फंसा रहता है, वहां सरकारी सब्सिडी वाला वित्त छोटे और मध्यम उद्यमियों के लिए बड़ा सहारा बन सकता है।

कालीन उद्योग में पैसा क्यों इतना महत्वपूर्ण?

भदोही के कालीन उद्योग की सबसे बड़ी चुनौती इसकी लंबी प्रोडक्शन साइकिल है। एक सामान्य औद्योगिक उत्पाद कुछ दिनों में तैयार होकर बाजार में पहुंच सकता है, लेकिन हाथ से बनी कालीन को तैयार होने में कई महीने लग सकते हैं। कालीन निर्यातक पियूष बरनवाल के मुताबिक, उत्पादन प्रक्रिया करीब 21 चरणों से गुजरती है और एक कालीन को तैयार होने में चार महीने से लेकर एक साल तक का समय लग सकता है। इसका सीधा अर्थ है कि उद्यमी को उत्पादन शुरू करने से काफी पहले पूंजी लगानी पड़ती है, जबकि बिक्री से पैसा बाद में वापस आता है। ऐसे उद्योग में सस्ती और आसानी से उपलब्ध पूंजी कारोबार के लिए ऑक्सीजन की तरह काम करती है।

Related posts

Madhya Pradesh Chief Minister Mohan Yadav

जन विश्वास अभियान: कार्रवाई से विकास तक, CM मोहन यादव का फील्ड मॉडल

August 25, 2026
Boarding pass from September 1 Abolition of immigration stamps elimination of a single stamp

इंटरनेशनल ट्रैवल में बड़ा बदलाव: बोर्डिंग पास पर इमिग्रेशन स्टैंप खत्म, डिजिटल सफर की ओर बढ़ा भारत

August 25, 2026

2,350 लोगों को ट्रेनिंग और टूलकिट

ODOP की दूसरी महत्वपूर्ण कड़ी कौशल विकास है। विभाग के मुताबिक भदोही में अब तक 2,350 लोगों को प्रशिक्षण देकर टूलकिट उपलब्ध कराई गई है। 10 दिन के प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षुओं को प्रतिदिन 200 रुपये के हिसाब से कुल 2,000 रुपये का मानदेय भी दिया जाता है। इस पहल का महत्व इसलिए ज्यादा है क्योंकि कालीन उद्योग की ताकत मशीनों से ज्यादा कुशल हाथों में है। अगर नई पीढ़ी को बुनाई, डिजाइन और उत्पादन की तकनीक से जोड़ा जाता है तो पारंपरिक हुनर को रोजगार में बदला जा सकता है।

स्थानीय हुनर से ग्लोबल मार्केट तक

भदोही की कालीनें दुनिया के 88 से अधिक देशों में पहुंचती हैं। अमेरिका, जर्मनी, फ्रांस, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, जापान और मध्य-पूर्व इसके प्रमुख बाजारों में शामिल हैं।

भारत के कुल कालीन निर्यात में भदोही क्षेत्र की हिस्सेदारी महत्वपूर्ण है। यही वजह है कि अगर स्थानीय उद्यमियों की उत्पादन क्षमता बढ़ती है तो इसका असर सिर्फ भदोही तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उत्तर प्रदेश के निर्यात और ग्रामीण रोजगार पर भी पड़ता है।

मेलों से बाजार तक पहुंच

कालीन उद्योग के लिए उत्पादन जितना महत्वपूर्ण है, बाजार उतना ही जरूरी है। ODOP की विपणन सहायता योजना के तहत अब तक 546 बुनकरों और उद्यमियों को देश-विदेश की प्रदर्शनियों और मेलों में भाग लेने के लिए सहायता दी गई है।

विभाग के अनुसार इसके लिए करीब 6.50 करोड़ रुपये का रीइंबर्समेंट दिया जा चुका है।

यह कदम छोटे उद्यमियों के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि बड़े अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक सीधे पहुंच बनाना उनके लिए महंगा होता है। प्रदर्शनी और ट्रेड फेयर में भागीदारी से उन्हें नए खरीदार, डिजाइन ट्रेंड और अंतरराष्ट्रीय बाजार की मांग समझने का अवसर मिलता है।

ODOP ने रोजगार का मॉडल बदला

भदोही में ODOP से जुड़े उद्यमियों के अनुभव बताते हैं कि योजना का असर सिर्फ एक कारोबारी को कर्ज देने तक सीमित नहीं है।

कालीन बुनाई सेंटर संचालक अक्षय उपाध्याय के मुताबिक, उन्होंने योजना के तहत 50 लाख रुपये का ऋण लेकर उत्पादन केंद्र स्थापित किया और इसके जरिए 100 से ज्यादा लोगों को रोजगार मिला। उनके अनुसार उत्पादन क्षमता करीब 2,000 गलीचों तक पहुंची है।

कालीन निर्यातक इम्तियाज अहमद बताते हैं कि छोटे बुनकर और ठेकेदार भी ODOP के जरिए ऋण लेकर कारखाने स्थापित कर रहे हैं।  योजना का प्रभाव एक उद्यमी से आगे बढ़कर स्थानीय रोजगार श्रृंखला तक पहुंच रहा है।

ODOP की असली ताकत क्या है?

भदोही की कहानी यह बताती है कि पारंपरिक उद्योग को बचाने के लिए सिर्फ विरासत की बात करना पर्याप्त नहीं है। उसे आधुनिक बाजार, पूंजी और तकनीक से जोड़ना भी जरूरी है।

ODOP का मॉडल इसी जगह महत्वपूर्ण हो जाता है।

पहली ताकत—पहचान।
जिले के पहले से प्रसिद्ध उत्पाद को सरकारी ब्रांडिंग और बाजार से जोड़ना आसान होता है।

दूसरी ताकत—वित्त।
लंबी उत्पादन अवधि वाले कालीन उद्योग को सस्ती पूंजी मिलने से छोटे उद्यमियों का विस्तार संभव होता है।

तीसरी ताकत—हुनर।
प्रशिक्षण और टूलकिट नई पीढ़ी को पारंपरिक काम से जोड़ने का माध्यम बन सकते हैं।

चौथी ताकत—बाजार।
मेलों और प्रदर्शनियों में सहायता छोटे उत्पादकों को स्थानीय बाजार से अंतरराष्ट्रीय खरीदारों तक पहुंचने का अवसर देती है।

अगली चुनौती और बड़ी है

भदोही के कालीन उद्योग को अब सिर्फ उत्पादन बढ़ाने की नहीं, बल्कि डिजाइन, ब्रांडिंग, ई-कॉमर्स, प्रमाणन और वैश्विक प्रतिस्पर्धा की चुनौती का सामना करना है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में मशीन से बनी सस्ती कालीनों से मुकाबला आसान नहीं है। भदोही की ताकत हाथ से बनी कालीन है, इसलिए इसे सिर्फ कीमत के आधार पर नहीं बल्कि क्वालिटी, डिजाइन, कारीगरी और ‘मेड इन भदोही’ की ब्रांड वैल्यू के आधार पर बाजार में स्थापित करना होगा। साथ ही कारीगरों की आय और सामाजिक सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। अगर वैश्विक बाजार से मिलने वाला फायदा उत्पादन की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी यानी बुनकर तक नहीं पहुंचता, तो उद्योग की स्थिरता प्रभावित हो सकती है। भदोही में ODOP योजना ने कालीन उद्योग को कर्ज, कौशल और बाजार—तीनों स्तरों पर सहारा दिया है। 347 लाभार्थियों को वित्तीय सहायता, 2,350 लोगों को प्रशिक्षण-टूलकिट और 546 बुनकरों-उद्यमियों को विपणन सहायता इस मॉडल के व्यापक असर को दिखाती है। अब अगला लक्ष्य होना चाहिए—भदोही के कालीन को सिर्फ दुनिया के बाजार तक पहुंचाना नहीं, बल्कि दुनिया के प्रीमियम बाजार में उसकी कीमत और पहचान दोनों बढ़ाना। यही ODOP की असली सफलता होगी—जब भदोही का पारंपरिक हुनर स्थानीय रोजगार से निकलकर वैश्विक ब्रांड और मजबूत ग्रामीण अर्थव्यवस्था में बदल जाएगा।

Tags: #Bhadohi carpet industry #transformed by the power of ODOP #capital markets and skilled craftsmanship
LIVE India News

लाइव इंडिया न्यूज 2016 से आप तक खबरें पंहुचा रहा है। लाइव इंडिया वेबसाइट का मकसद ब्रेकिंग, नेशनल, इंटरनेशनल, राजनीति, बिजनेस और अर्थतंत्र से जुड़े हर अपडेट्स सही समय पर देना है। देश के हिंदी भाषी राज्यों से रोजमर्रा की खबरों से लेकर राजनीति नेशनल व इंटरनेशनल मुद्दों से जुडी खबरें और उनके पीछे छुपे सवालों को बेधड़क सामने लाना, देश-विदेश के राजनैतिक, आर्थिक और सामाजिक मुद्दों का विश्लेषण बेबाकी से करना हमारा मकसद है।

Vihan Limelite Event & Entertainment Pvt Ltd
Regd Office Flat No 1
Mig 3 E 6
Arera Colony Bhopal

Branch Office
Main Road. Tikraparaa
Raipur CG

Director Deepti Chaurasia
Mobile No 7725016291

Email id - liveindianewsandviews@gmail.com

Currently Playing

चार महीने में बदले सियासी तेवर: मोदी सरकार पर शायरी से वार करने वाली सायोनी घोष अब बनेंगी सरकार की आवाज़

Saayoni Ghosh

चार महीने में बदले सियासी तेवर: मोदी सरकार पर शायरी से वार करने वाली सायोनी घोष अब बनेंगी सरकार की आवाज़

मुख्य समाचार
Drone Technology: चीन में हर काम कर रहे हैं ड्रोन! देखकर रह जाएंगे हैरान

Drone Technology: चीन में हर काम कर रहे हैं ड्रोन! देखकर रह जाएंगे हैरान

मुख्य समाचार
क्यों लगातार फेल हो रही टीम इंडिया? मोहम्मद कैफ ने टीम मैनेजमेंट के फैसलों पर उठाए बड़े सवाल

क्यों लगातार फेल हो रही टीम इंडिया? मोहम्मद कैफ ने टीम मैनेजमेंट के फैसलों पर उठाए बड़े सवाल

मुख्य समाचार

RSS Unknown Feed

  • Contact

© Copyright 2022,LIVE INDIA NEWS. All Rights Reserved | Email: Info@liveindia.news

No Result
View All Result
  • Home
  • मुख्य समाचार
  • शहर और राज्य
  • राजनीति
  • बिजनेस
  • संपादक की पसंद
  • मनोरंजन
  • स्टार्टअप
  • धर्म
  • कृषि

© Copyright 2022,LIVE INDIA NEWS. All Rights Reserved | Email: Info@liveindia.news

Go to mobile version