पहली नौकरी पर 15 हजार का फायदा, जानिए पूरी योजना..किसे मिलेंगे 15 हजार रुपये?

benefit of your first job

देश के युवाओं के लिए रोजगार से जुड़ी जिस योजना का ऐलान 2025 में किया गया था, वह अब प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना यानी PM-VBRY के रूप में लागू है। इसे पहले Employment Linked Incentive यानी ELI योजना के नाम से जाना जाता था। योजना का मकसद पहली बार औपचारिक रोजगार में प्रवेश करने वाले युवाओं को प्रोत्साहित करना और कंपनियों को अतिरिक्त रोजगार देने के लिए प्रोत्साहन देना है। सरकार ने इसके लिए 99,446 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है और दो वर्षों में 3.5 करोड़ से अधिक रोजगार अवसरों को प्रोत्साहित करने का लक्ष्य रखा है।

किसे मिलेंगे 15 हजार रुपये?

योजना का पहला हिस्सा पहली बार नौकरी करने वाले कर्मचारियों के लिए है। अगर कोई युवा पहली बार ईपीएफओ से जुड़ता है और उसकी मासिक ईपीएफ वेतन सीमा एक लाख रुपये तक है, तो उसे एक महीने के ईपीएफ वेतन के बराबर प्रोत्साहन मिलेगा, जिसकी अधिकतम सीमा 15 हजार रुपये है। यानी हर पात्र कर्मचारी को अनिवार्य रूप से 15 हजार रुपये नहीं मिलेंगे। राशि उसकी पात्र ईपीएफ वेतन के आधार पर होगी।

एक साथ नहीं, दो किस्तों में पैसा

इस योजना की खास बात यह है कि 15 हजार रुपये एक साथ खाते में नहीं आते। पहली किस्त अधिकतम 7,500 रुपये की है, जो छह महीने की लगातार नौकरी पूरी करने के बाद मिलती है। दूसरी किस्त 12 महीने की नौकरी पूरी करने और निर्धारित वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम पूरा करने के बाद मिलती है। दूसरी किस्त की राशि का एक हिस्सा निर्धारित अवधि के लिए बचत साधन या खाते में रखा जा सकता है।

पैसा खाते में कैसे पहुंचेगा?

पात्र कर्मचारियों को अलग से सामान्य आवेदन प्रक्रिया नहीं करनी होती। भुगतान डीबीटी यानी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए आधार ब्रिज पेमेंट सिस्टम से किया जाता है। इसलिए आधार से जुड़ा बैंक खाता और ईपीएफओ से संबंधित रिकॉर्ड महत्वपूर्ण हैं।

कंपनियों को भी मिलेगा प्रोत्साहन

योजना सिर्फ कर्मचारी के लिए नहीं है। अतिरिक्त रोजगार पैदा करने वाली पात्र कंपनियों को भी प्रत्येक अतिरिक्त कर्मचारी पर अधिकतम 3,000 रुपये प्रतिमाह तक प्रोत्साहन दिया जाएगा। यह लाभ सामान्य क्षेत्रों में दो साल तक और विनिर्माण क्षेत्र में अतिरिक्त अवधि के लिए उपलब्ध है। 50 से कम कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठानों को कम से कम दो और 50 या उससे अधिक कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठानों को कम से कम पांच अतिरिक्त कर्मचारियों की नियुक्ति जैसी शर्तें पूरी करनी होती हैं।

किस अवधि की नौकरियों पर लागू है योजना?

योजना के तहत 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 के बीच पैदा होने वाली पात्र नौकरियों को शामिल किया गया है। सरकार के मुताबिक करीब 1.92 करोड़ पहली बार औपचारिक कार्यबल में आने वाले कर्मचारी योजना के पहले हिस्से से लाभान्वित हो सकते हैं।

योजना का असली फोकस क्या है?

इस योजना का बड़ा फोकस सिर्फ आर्थिक प्रोत्साहन देना नहीं, बल्कि युवाओं को औपचारिक रोजगार और सामाजिक सुरक्षा से जोड़ना है। ईपीएफओ से जुड़ने का मतलब कर्मचारी के लिए भविष्य निधि जैसी सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ना भी है। दूसरी तरफ कंपनियों को अतिरिक्त नियुक्तियां करने के लिए आर्थिक प्रोत्साहन मिलता है। यानी योजना का मॉडल दो तरफा है—पहली नौकरी पाने वाले युवा को प्रोत्साहन और नई नौकरी देने वाली कंपनी को प्रोत्साहन। यही व्यवस्था रोजगार बढ़ाने, औपचारिक कार्यबल का विस्तार करने और युवाओं को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने के उद्देश्य से तैयार की गई है।

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