बंगाल में धार्मिक भत्तों पर रोक…शुभेंदु सरकार का बड़ा फैसला

Shubhendu government

पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari की सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए धर्म के आधार पर दी जाने वाली सरकारी आर्थिक सहायता योजनाओं को बंद करने का ऐलान किया है। सरकार का यह निर्णय 1 जून 2026 से लागू होगा। इसके तहत इमामों, मुअज्जिनों और मंदिरों के पुजारियों को मिलने वाला मासिक भत्ता बंद कर दिया जाएगा। ये योजनाएं पूर्व मुख्यमंत्री Mamata Banerjee की सरकार के दौरान शुरू की गई थीं।

बंगाल में धार्मिक भत्तों पर रोक, शुभेंदु सरकार का बड़ा फैसला

ममता सरकार में इमामों को हर महीने 3 हजार रुपये, मुअज्जिनों को 1500 रुपये और पुजारियों को 2 हजार रुपये तक का मानदेय दिया जाता था। सरकार के इस फैसले से हजारों लाभार्थियों पर असर पड़ने की संभावना है। हालांकि किन-किन अन्य योजनाओं में बदलाव होगा, इसकी स्पष्ट जानकारी विस्तृत नोटिफिकेशन जारी होने के बाद सामने आएगी।

सरकार ने दूसरी कैबिनेट बैठक में कई और अहम फैसले भी लिए। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि पिछली सरकार के दौरान फंड वितरण में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए रिटायर्ड जस्टिस बिस्वजीत दास की अध्यक्षता में जांच आयोग गठित किया गया है। वहीं महिलाओं पर अत्याचार से जुड़े मामलों की समीक्षा के लिए रिटायर्ड जस्टिस समापति चटर्जी की अध्यक्षता में अलग कमेटी बनाई गई है।

इसके अलावा 1 जून से “अन्नपूर्णा योजना” लागू करने का फैसला लिया गया है, जिसके तहत महिलाओं को 3 हजार रुपये की सहायता और सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जाएगी। सरकार ने सातवें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी देने के साथ ओबीसी सूची की समीक्षा के लिए भी नई जांच समिति बनाने का निर्णय लिया है।

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