यूपी 2027 विधानसभा चुनाव…किसको मिलेगा टिकट?..मायवती ने किया साफ

Bahujan Samaj Party

2027 की तैयारी: बसपा ने कसी कमर

बहुजन समाज पार्टी ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर अपनी रणनीति तेज कर दी है। इसी कड़ी में पार्टी सुप्रीमो मायावती ने लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में राज्य और जिला स्तर के पदाधिकारियों के साथ अहम बैठक की। बैठक में संगठन की मजबूती, बूथ स्तर तक पकड़ और चुनावी तैयारियों की समीक्षा की गई। साफ संकेत दिया गया कि बसपा इस बार कोई ढिलाई नहीं बरतना चाहती और 403 सीटों पर मजबूती से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है।

टिकट वितरण पर साफ संदेश

बैठक का सबसे बड़ा फोकस उम्मीदवार चयन रहा। मायावती ने स्पष्ट किया कि आगामी चुनाव में आपराधिक छवि वाले लोगों को टिकट नहीं दिया जाएगा। पार्टी ऐसे उम्मीदवारों को प्राथमिकता देगी जो साफ-सुथरी छवि के हों और जनता के बीच मजबूत पकड़ रखते हों। यह संदेश कार्यकर्ताओं के लिए भी अहम माना जा रहा है,बसपा “सख्त-अनुशासित” छवि मजबूत करना चाहती है।

संगठन और फंडिंग पर जोर

लखनऊ बैठक में संगठन की जमीनी मजबूती और आर्थिक संसाधनों पर भी चर्चा हुई। मायावती ने पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में संगठन को मजबूत करें और कार्यकर्ताओं को सक्रिय रखें। पार्टी ने यह भी साफ किया कि मजबूत संगठन ही चुनावी जीत की कुंजी होगा। इसके लिए बूथ स्तर तक नेटवर्क को मजबूत करने की रणनीति पर काम किया जा रहा है।

जनता के मुद्दों को बनाया एजेंडा

बैठक में मायावती ने प्रदेश की मौजूदा समस्याओं पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि

आज सबसे बड़े मुद्दे हैं। उनके मुताबिक जनता सरकार की उदासीनता से परेशान है और बसपा से उम्मीद लगाए बैठी है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से इन मुद्दों को जनता के बीच जोर-शोर से उठाने को कहा।

‘सर्वजन हिताय’ का फोकस

मायावती ने अपने पुराने नारे “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” को फिर दोहराया। उन्होंने कहा कि विकास सिर्फ कुछ लोगों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि समाज के हर वर्ग तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने मौजूदा सरकारों पर आरोप लगाया कि विकास का लाभ सीमित वर्ग तक ही सिमट कर रह गया है, जिससे व्यापक जनहित प्रभावित हो रहा है।

आरक्षण और अधिकारों पर हमला

बैठक में आरक्षण और कमजोर वर्गों के अधिकारों का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया गया। मायावती ने केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि बहुजन समाज को उसका हक नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे इस मुद्दे को जन-जन तक पहुंचाएं और इसे चुनावी अभियान का अहम हिस्सा बनाएं।

अंबेडकर जयंती का बड़ा ऐलान

मायावती ने 14 अप्रैल को डॉ. भीमराव आंबेडकर जयंती को बड़े स्तर पर मनाने का ऐलान किया। पार्टी इस दिन को सामाजिक न्याय और बहुजन एकता के संदेश के रूप में प्रस्तुत करेगी। इससे संगठन को मजबूती देने और कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।

आत्मनिर्भरता पर उठाए सवाल

बैठक में आत्मनिर्भरता के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। मायावती ने कहा कि आत्मनिर्भरता सिर्फ नारा नहीं होना चाहिए, बल्कि इसे जमीन पर उतारना जरूरी है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या केवल प्राइवेट सेक्टर पर निर्भर रहकर देश वास्तव में आत्मनिर्भर बन सकता है? इस पर गंभीर चिंतन की जरूरत बताई गई।

 साफ रणनीति के साथ मैदान में बसपा

कुल मिलाकर, लखनऊ बैठक से यह साफ हो गया है कि बहुजन समाज पार्टी 2027 के चुनाव को लेकर पूरी तैयारी में है।

इन तीन स्तंभों पर बसपा अपनी रणनीति बना रही है। अब देखना होगा कि यह रणनीति चुनावी मैदान में कितना असर दिखा पाती है।

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