मिडिल ईस्ट तनाव के बीच मॉस्को पहुंचे अजित डोभाल, आतंकवाद पर दुनिया को दिया सख्त संदेश

Ajit Doval arrives in Moscow

रूस यात्रा के दौरान सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग पर हुई अहम चर्चा

आतंकवाद को लेकर भारत ने दोहरे रवैये पर जताई कड़ी आपत्ति

ब्रिक्स सुरक्षा सलाहकारों की बैठक की तैयारियों पर भी मंथन

पश्चिम एशिया संकट और वैश्विक व्यापार मार्गों पर बढ़ी चिंता

रूस-यूक्रेन युद्ध और ऊर्जा संकट के बीच भारत की कूटनीतिक सक्रियता तेज

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों के बीच भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार Ajit Doval की रूस यात्रा को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। Moscow में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मंच में शामिल होने पहुंचे डोभाल ने आतंकवाद के मुद्दे पर भारत का सख्त रुख दुनिया के सामने रखा। उन्होंने बिना किसी देश का नाम लिए साफ कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में “दोहरा रवैया” स्वीकार नहीं किया जा सकता।

रूस के सुरक्षा सलाहकार से हुई अहम बैठक

रूस यात्रा के दौरान Ajit Doval ने रूसी सुरक्षा परिषद के सचिव Sergei Shoigu से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच रक्षा, सुरक्षा, ऊर्जा, व्यापार और आर्थिक सहयोग जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक में भारत और रूस के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने पर जोर दिया गया। दोनों पक्षों ने मौजूदा वैश्विक हालात को देखते हुए सुरक्षा सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर भी सहमति जताई।

आतंकवाद पर भारत का स्पष्ट संदेश

अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मंच में अपने संबोधन के दौरान डोभाल ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो देश आतंकवादी संगठनों को शरण या समर्थन देते हैं, उन्हें तय करना होगा कि वे शांति और स्थिरता के साथ खड़े हैं या हिंसा और अस्थिरता के साथ।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत ने इस बयान के जरिए सीमा पार आतंकवाद और आतंकियों को समर्थन देने वाले देशों को कड़ा संदेश देने की कोशिश की है।

ब्रिक्स बैठक की तैयारियों पर भी चर्चा

भारत और रूस के सुरक्षा अधिकारियों के बीच हुई बैठक में ब्रिक्स देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की आगामी बैठक की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। यह बैठक New Delhi में आयोजित की जानी है, हालांकि इसकी तारीखों की आधिकारिक घोषणा अभी नहीं की गई है।

सूत्रों के मुताबिक वैश्विक सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी रणनीति और साइबर सुरक्षा जैसे मुद्दे इस बैठक के प्रमुख एजेंडे में शामिल हो सकते हैं।

पश्चिम एशिया संकट ने बढ़ाई चिंता

Iran और United States के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। एक ओर दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है, वहीं दूसरी ओर सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल हमलों की खबरें भी सामने आ रही हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार इस तनाव का असर वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है। खासतौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य और लाल सागर जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में किसी भी बाधा का सीधा असर तेल कीमतों और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।

रूस-यूक्रेन युद्ध का भी जारी असर

चार साल से जारी Russia-Ukraine War ने वैश्विक सुरक्षा और आर्थिक व्यवस्था को गहराई से प्रभावित किया है। युद्ध के कारण ऊर्जा आपूर्ति, खाद्यान्न व्यापार और अंतरराष्ट्रीय संबंधों में लगातार तनाव बना हुआ है।

ऐसे समय में भारत की कूटनीतिक सक्रियता बढ़ी हुई दिखाई दे रही है। हाल ही में विदेश मंत्री S. Jaishankar ने साइप्रस में यूक्रेन के विदेश मंत्री Andrii Sybiha से मुलाकात कर शांति प्रयासों पर चर्चा की थी।

वैश्विक संतुलन बनाने की कोशिश में भारत

विशेषज्ञ मानते हैं कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात में भारत संतुलित और सक्रिय कूटनीति की नीति पर आगे बढ़ रहा है। एक तरफ भारत रूस के साथ रणनीतिक संबंध मजबूत बनाए हुए है, वहीं दूसरी ओर पश्चिमी देशों और यूक्रेन के साथ भी संवाद जारी रखे हुए है।

Ajit Doval की मॉस्को यात्रा को इसी व्यापक रणनीतिक और सुरक्षा नीति का हिस्सा माना जा रहा है, जहां भारत वैश्विक मंच पर अपनी भूमिका को और मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।

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