8th Pay Commission HRA: जानें कैसे 8th Pay Commission में होगा सैलरी फिक्सेसन और HRA

8th Pay Commission HRA

8th Pay Commission HRA: जानें कैसे 8th Pay Commission में होगा सैलरी फिक्सेसन और HRA

केंद्र सरकार जल्दी ही अपने कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन की समीक्षा करने वाला है , जिसमें भविष्य के पे-स्ट्रक्चर (वेतन ढांचे) को तय करने में 8वें वेतन आयोग की अहम भूमिका होने की उम्मीद है। रेलवे कर्मचारी, डिफेंस कर्मी और पेंशनभोगी इसके मुख्य लाभार्थी होंगे, और पैनल की सिफारिशें 2027 के मध्य तक आने की उम्मीद है।
एक करोड़ से ज्यादा लोगों को होगा फायदा
इस घोषणा से लगभग 1 करोड़ लोगों को फायदा होने की उम्मीद है, जिसमें करीब 50 लाख केंद्र सरकार के कर्मचारी और लगभग 65 लाख पेंशनभोगी शामिल होंगे। डिफेंस और रेलवे सेक्टर में काम करने वाले लोग और रिटायर हो चुके कर्मचारी भी लाभार्थियों में शामिल हैं।

हालांकि सेलरी रिविजीन में ‘फिटमेंट फैक्टर’ के साथ साथ कमाई तय करने में ‘हाउस रेंट अलाउंस’ (HRA) भी अहम भूमिका निभाएगा। चूंकि HRA बेसिक सैलरी से जुड़ा होता है, इसलिए बेहतर फिटमेंट फैक्टर के कारण बेसिक पे में कोई भी बढ़ोतरी अलाउंस में भी बढ़ोतरी का कारण बनेगी। इन दोनों के मिले-जुले असर से मासिक आय में काफी बढ़ोतरी हो सकती है।

8वें वेतन आयोग: मुख्य बातें

विषय जानकारी
संभावित लागू होने का समय 2027
संभावित लाभार्थी 1 करोड़ से अधिक
केंद्रीय कर्मचारी लगभग 50 लाख
पेंशनभोगी लगभग 65 लाख
प्रमुख लाभार्थी रेलवे, रक्षा एवं अन्य केंद्रीय कर्मचारी
सैलरी तय करने का आधार फिटमेंट फैक्टर
HRA तय होने का आधार नई बेसिक सैलरी एवं शहर की श्रेणी

शहरों के अनुसार मौजूदा HRA दरें

शहर की श्रेणी HRA (%)
X कैटेगरी (महानगर) 27%
Y कैटेगरी 18%
Z कैटेगरी 9%

फिटमेंट फैक्टर का संभावित असर (उदाहरण)

मौजूदा बेसिक वेतन फिटमेंट फैक्टर संभावित नई बेसिक
₹18,000 2.00 ₹36,000
₹18,000 2.57 ₹46,260

एक नजर में

जानें क्या होता है HRA

HRA को कर्मचारी के सैलरी पैकेज में इसलिए शामिल किया जाता है ताकि किराए के घर का खर्च उठाने में मदद मिल सके। बड़े शहरों में यह अलाउंस और भी ज़रूरी हो जाता है, क्योंकि वहाँ रहने का खर्च अक्सर काफ़ी ज़्यादा होता है।
X, Y और Z कैटेगरी के शहरों में लेवल 6 से 10 तक के कर्मचारियों के लिए HRA में अलग अलग होता है।

क्या होता है फिटमेंट फैक्टर
फिटमेंट फ़ैक्टर वह तरीका है जिससे वेतन में बदलाव के समय केंद्र सरकार के कर्मचारियों की मौजूदा बेसिक सैलरी को एडजस्ट किया जाता है। फ़ैक्टर जितना ज़्यादा होगा, बेसिक पे में उतनी ही ज़्यादा बढ़ोतरी होगी और साथ ही HRA जैसे सैलरी-बेस्ड अलाउंस भी बढ़ सकते हैं।

8वें वेतन आयोग की संभावित सिफ़ारिशों पर काफ़ी चर्चा के बावजूद, सरकार ने फ़ैक्टर के बारे में कोई जानकारी जारी नहीं की है। 2.0 से 2.57 के बीच के अनुमान सिर्फ़ अंदाज़े हैं और इनका मकसद संभावित नतीजों को समझना है।

Exit mobile version