बिहार में फिर ढहा पु​ल….60 साल पुराने मधेपुरा पु​ल ढहने से दर्जनों गांवों का टूटा संपर्क

bridge collapsed

मधेपुरा में ढहा 60 साल पुराना पुल, दर्जनों गांवों का टूटा संपर्क

भारी वाहन के गुजरने के बाद रातोंरात धंसा जर्जर पुल, प्रशासन में मची अफरा-तफरी

अचानक ढहा पुल, इलाके में हड़कंप
बिहार के मधेपुरा में शनिवार को बड़ा हादसा सामने आया, जब करीब 60 साल पुराना जर्जर पुल अचानक धंस गया। यह पुल जिला मुख्यालय से सटे साहुगढ़ इलाके में स्थित था। सुबह घटना की जानकारी मिलते ही पूरे प्रशासनिक तंत्र में हड़कंप मच गया और मौके पर अफसरों की टीम पहुंची।

कई गांवों का टूटा सीधा संपर्क
पुल ध्वस्त होने के बाद साहुगढ़, भेलवा और घैलाढ़ समेत दर्जनों गांवों का मधेपुरा शहर से सीधा संपर्क पूरी तरह टूट गया। अचानक हुए इस घटनाक्रम से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और आवागमन ठप हो गया है।

जर्जर हालत पहले से थी, फिर भी नहीं हुई मरम्मत
स्थानीय लोगों के मुताबिक पुल लंबे समय से जर्जर हालत में था। कई बार इसकी मरम्मत की मांग उठाई गई, लेकिन संबंधित विभाग ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। अब पुल धंसने के बाद सवाल उठ रहे हैं कि समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की गई।

भारी वाहन बना हादसे की वजह
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार पुल पर पहले से ही भारी वाहनों के आवागमन पर रोक थी। इसके बावजूद शुक्रवार देर रात एक भारी वाहन के गुजरने से पुल की संरचना जवाब दे गई और वह धंस गया। गनीमत रही कि घटना के समय कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ और जनहानि टल गई।

मौके पर पहुंचे अधिकारी, रास्ता बंद
घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम संतोष कुमार और ट्रैफिक डीएसपी चेतनानंद झा मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। पुलिस ने तुरंत बैरिकेडिंग कर पुल पर आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी है, ताकि कोई और हादसा न हो।

लोगों की बढ़ी मुश्किलें, लंबा रास्ता मजबूरी
पुल के ध्वस्त होने से हजारों लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो गई है। अब लोगों को कई किलोमीटर लंबा चक्कर लगाकर वैकल्पिक रास्तों से आना-जाना पड़ रहा है, जिससे समय और खर्च दोनों बढ़ गए हैं।

अस्थायी समाधान की कोशिश, राहत दूर
प्रशासन की ओर से अस्थायी डायवर्जन बनाने का काम शुरू कर दिया गया है, लेकिन फिलहाल इससे तुरंत राहत मिलने की उम्मीद कम है। ग्रामीणों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि उनकी बार-बार की शिकायतों के बावजूद समय रहते पुल की मरम्मत नहीं कराई गई।

जिम्मेदारी तय करने की मांग तेज
घटना के बाद अब स्थानीय लोग जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि लापरवाही की वजह से पूरे इलाके को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में पुट टूटने का यह मुद्दा और भी अधिक तूल पकड़ सकता है।

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