Tuesday, October 20, 2026
  • Contact
India News
  • मुख्य समाचार
  • राजनीति
  • संपादक की पसंद
  • शहर और राज्य
    • उत्तर प्रदेश
      • आगरा
      • कानपुर
      • लखनऊ
      • मेरठ
    • छत्तीसगढ
      • जगदलपुर
      • बिलासपुर
      • भिलाई
      • रायपुर
    • दिल्ली
    • बिहार
      • पटना
    • मध्य प्रदेश
      • इंदौर
      • ग्वालियर
      • जबलपुर
      • भोपाल
    • महाराष्ट्र
      • नागपुर
      • नासिको
      • पुणे
      • मुंबई
    • राजस्थान
      • अजमेर
      • कोटा
      • जयपुर
      • जैसलमेर
      • जोधपुर
  • स्टार्टअप
  • कृषि
  • मनोरंजन
  • बिजनेस
  • धर्म
  • ऑटो
  • सरकारी नौकरी
  • वीडियो
No Result
View All Result
India News
Home शहर और राज्य उत्तर प्रदेश

mukhyamantri samuhik vivah yojana: बेटियों की शादी का जिम्मा उठा रही योगी सरकार, 9 साल में 5.54 लाख विवाह; खाते में सीधे पहुंच रहे 60 हजार रुपये

DigitalDesk by DigitalDesk
June 19, 2026
in उत्तर प्रदेश, मुख्य समाचार, लखनऊ
0
Yogi government
0
SHARES
0
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterWhatsapp

गरीब परिवार की बेटियों के लिए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना बनी सहारा

लखनऊ। Yogi Adityanath के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं लगातार जरूरतमंद लोगों तक पहुंच रही हैं। इन्हीं योजनाओं में से एक है मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, जिसने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के विवाह को आसान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पिछले नौ वर्षों में इस योजना के तहत 5.54 लाख से अधिक गरीब बेटियों की शादी कराई जा चुकी है।

सभी वर्गों के जरूरतमंद परिवारों को लाभ

समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित यह योजना अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी), सामान्य वर्ग और अल्पसंख्यक समुदाय के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए संचालित की जा रही है। सरकार का दावा है कि योजना का लाभ जाति या धर्म के आधार पर नहीं, बल्कि पात्रता के आधार पर दिया जा रहा है।

Related posts

Major change in petrol and diesel prices Nayara hikes rates by ₹5 Check today prices in major cities including Delhi

पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर, लेकिन आम आदमी की जेब पर महंगाई का दबाव बरकरार

October 20, 2026
Breaking News: 9 अक्टूबर 2026 की 10 बड़ी खबरें: लखनऊ में विपक्ष का प्रदर्शन, दिल्ली में मौसम का अलर्ट और नाना पाटेकर के निधन से शोक

Breaking News: 20 अक्टूबर 2026 की 10 बड़ी खबरें: दशहरा, भारत-न्यूजीलैंड व्यापार समझौता, मौसम अलर्ट और राजनीति से जुड़ी अहम अपडेट

October 20, 2026

ओबीसी वर्ग के 1.80 लाख से अधिक जोड़ों का हुआ विवाह

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले नौ वर्षों में अकेले ओबीसी वर्ग के 1,80,017 जोड़ों का विवाह मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत संपन्न कराया गया है। वहीं वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 26,286 ओबीसी जोड़े इस योजना का लाभ प्राप्त कर चुके हैं।

कुल मिलाकर योगी सरकार के कार्यकाल में 5,54,202 गरीब बेटियों की शादी इस योजना के माध्यम से कराई गई है।

प्रत्येक जोड़े पर सरकार खर्च कर रही 1 लाख रुपये

योजना के तहत अब प्रत्येक जोड़े पर कुल 1 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसमें सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा नवविवाहिता को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का है।

  • 60,000 रुपये सीधे वधू के बैंक खाते में डीबीटी (DBT) के माध्यम से भेजे जाते हैं।
  • 25,000 रुपये मूल्य का गृहस्थी का सामान और आभूषण दिए जाते हैं।
  • 15,000 रुपये विवाह समारोह के आयोजन पर खर्च किए जाते हैं।

इस व्यवस्था का उद्देश्य नवविवाहित दंपती को नए जीवन की शुरुआत में आर्थिक सहयोग प्रदान करना है।

समाज कल्याण विभाग निभा रहा अहम भूमिका

योजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी समाज कल्याण विभाग के पास है। विभाग लाभार्थियों का सत्यापन करने के बाद सामूहिक विवाह समारोह आयोजित करता है। विवाह समारोह में टेंट, पंडाल, सजावट, भोजन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं प्रशासन की ओर से की जाती हैं, जिससे गरीब परिवारों पर आर्थिक बोझ नहीं पड़ता।

आर्थिक तंगी नहीं बनेगी बेटियों की शादी में बाधा

सरकार का कहना है कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का उद्देश्य केवल विवाह संपन्न कराना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक अभाव किसी भी गरीब परिवार की बेटी के विवाह में बाधा न बने। योजना के माध्यम से सामाजिक समानता, आर्थिक सहयोग और सम्मानजनक विवाह की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।

पारदर्शिता और डीबीटी पर जोर

योजना की सबसे बड़ी विशेषता प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) प्रणाली है। इससे लाभार्थियों के खाते में राशि सीधे पहुंचती है और बिचौलियों की भूमिका समाप्त होती है। सरकार का दावा है कि पारदर्शिता और जवाबदेही के कारण यह योजना गरीब परिवारों के बीच भरोसे का माध्यम बनी है।

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना आज उत्तर प्रदेश में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए एक बड़ी राहत के रूप में उभरकर सामने आई है, जिससे लाखों बेटियों को सम्मानपूर्वक नया जीवन शुरू करने का अवसर मिला है।

Tags: # yogi government#mukhyamantri samuhik vivah yojana#Yogi government in Uttar Pradesh #responsibility for the wedding of daughter #5.54 lakh weddings in up #transferred directly into bank accounts
LIVE India News

लाइव इंडिया न्यूज 2016 से आप तक खबरें पंहुचा रहा है। लाइव इंडिया वेबसाइट का मकसद ब्रेकिंग, नेशनल, इंटरनेशनल, राजनीति, बिजनेस और अर्थतंत्र से जुड़े हर अपडेट्स सही समय पर देना है। देश के हिंदी भाषी राज्यों से रोजमर्रा की खबरों से लेकर राजनीति नेशनल व इंटरनेशनल मुद्दों से जुडी खबरें और उनके पीछे छुपे सवालों को बेधड़क सामने लाना, देश-विदेश के राजनैतिक, आर्थिक और सामाजिक मुद्दों का विश्लेषण बेबाकी से करना हमारा मकसद है।

Vihan Limelite Event & Entertainment Pvt Ltd
Regd Office Flat No 1
Mig 3 E 6
Arera Colony Bhopal

Branch Office
Main Road. Tikraparaa
Raipur CG

Director Deepti Chaurasia
Mobile No 7725016291

Email id - liveindianewsandviews@gmail.com

Currently Playing

मोदी-योगी की सवा घंटे की मुलाकात, यूपी में चुनावी गणित और संगठन की अगली चाल

Modi Yogi 75 minute meeting

मोदी-योगी की सवा घंटे की मुलाकात, यूपी में चुनावी गणित और संगठन की अगली चाल

उत्तर प्रदेश
अजीत अगरकर के बाद कौन बनेगा टीम इंडिया का नया चीफ सेलेक्टर?

अजीत अगरकर के बाद कौन बनेगा टीम इंडिया का नया चीफ सेलेक्टर?

मनोरंजन
हलफनामे में 3.82 करोड़ की संपत्ति, रोल्स रॉयस की कीमत 13 करोड़, मैथिली ठाकुर पर क्यों उठे सवाल?

हलफनामे में 3.82 करोड़ की संपत्ति, रोल्स रॉयस की कीमत 13 करोड़, मैथिली ठाकुर पर क्यों उठे सवाल?

स्पेशल

RSS feed: Unknown Feed Unknown Feed

  • Contact

© Copyright 2022,LIVE INDIA NEWS. All Rights Reserved | Email: Info@liveindia.news

No Result
View All Result
  • Home
  • मुख्य समाचार
  • शहर और राज्य
  • राजनीति
  • बिजनेस
  • संपादक की पसंद
  • मनोरंजन
  • स्टार्टअप
  • धर्म
  • कृषि

© Copyright 2022,LIVE INDIA NEWS. All Rights Reserved | Email: Info@liveindia.news

Go to mobile version