भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को आईटी सेक्टर में जोरदार गिरावट देखने को मिली। वैश्विक टेक्नोलॉजी कंपनी Accenture द्वारा अपने आगामी कारोबारी वर्ष के राजस्व अनुमान में कटौती किए जाने के बाद निवेशकों में चिंता बढ़ गई। इसका सीधा असर भारतीय आईटी कंपनियों के शेयरों पर पड़ा और बाजार खुलते ही टेक सेक्टर में बिकवाली का दबाव बढ़ गया। निफ्टी आईटी इंडेक्स 1,636.20 अंक यानी 5.57 प्रतिशत गिरकर 26,830.25 के स्तर पर पहुंच गया। इस तेज गिरावट ने बाजार के माहौल को पूरी तरह बदल दिया और निवेशकों की बड़ी रकम कुछ ही घंटों में साफ हो गई।
Accenture के बदले अनुमान ने वैश्विक टेक सेक्टर की चिंताएं बढ़ाईं
दुनिया की प्रमुख टेक्नोलॉजी और कंसल्टिंग कंपनियों में शामिल Accenture ने वित्त वर्ष 2026 के लिए अपने विकास अनुमान को पहले के 3-5 प्रतिशत से घटाकर 3-4 प्रतिशत कर दिया है। बाजार विशेषज्ञ Accenture को वैश्विक आईटी उद्योग का महत्वपूर्ण संकेतक मानते हैं। ऐसे में कंपनी के कमजोर आउटलुक ने यह संकेत दिया कि आने वाले समय में तकनीकी सेवाओं की मांग अपेक्षा से कम रह सकती है। यही वजह रही कि दुनिया भर के निवेशकों ने टेक शेयरों में सतर्कता दिखानी शुरू कर दी।
Infosys, TCS और Tech Mahindra जैसे दिग्गज शेयरों पर टूटा दबाव
भारतीय बाजार में सबसे ज्यादा असर बड़े आईटी शेयरों पर देखने को मिला। Infosys, Tata Consultancy Services (TCS) और Tech Mahindra जैसे प्रमुख शेयरों में कारोबार के दौरान 7 से 8 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा HCL Technologies, Mphasis और LTIMindtree के शेयर भी बिकवाली की चपेट में आ गए। निवेशकों ने टेक कंपनियों के भविष्य को लेकर अनिश्चितता के बीच तेजी से मुनाफावसूली शुरू कर दी, जिससे पूरे सेक्टर पर दबाव बढ़ गया।
निफ्टी आईटी इंडेक्स बना सबसे कमजोर सेक्टर, बाजार में बढ़ी घबराहट
शुक्रवार के कारोबार में सभी सेक्टोरल इंडेक्स में सबसे अधिक नुकसान निफ्टी आईटी इंडेक्स को हुआ। शुरुआती सत्र में यह लगभग 6 प्रतिशत तक फिसल गया। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि आईटी सेक्टर का प्रदर्शन भारतीय शेयर बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाता है। ऐसे में इस क्षेत्र में आई बड़ी गिरावट ने निवेशकों का भरोसा कमजोर किया और अन्य सेक्टरों में भी सतर्कता बढ़ा दी।
कुछ ही मिनटों में निवेशकों की बड़ी संपत्ति हुई स्वाहा
आईटी शेयरों में आई तेज गिरावट का असर बाजार पूंजीकरण पर भी दिखाई दिया। बाजार खुलने के साथ ही निवेशकों की कुल संपत्ति में करीब 2 लाख करोड़ रुपये की कमी दर्ज की गई। कई ब्रोकरेज और विश्लेषण रिपोर्टों का मानना है कि यह हाल के वर्षों में टेक सेक्टर की सबसे बड़ी गिरावटों में से एक है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के बढ़ते प्रभाव और तकनीकी खर्च में संभावित कटौती को लेकर भी निवेशकों की चिंताएं बढ़ी हैं।
आगे क्या रहेगा बाजार का रुख, निवेशकों की नजर अगले संकेतों पर
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक आईटी कंपनियों के नतीजे और आर्थिक संकेतक बाजार की दिशा तय करेंगे। यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर टेक सेक्टर को लेकर सकारात्मक संकेत नहीं मिलते हैं, तो आईटी शेयरों में दबाव बना रह सकता है। फिलहाल निवेशक सावधानी के साथ कारोबार कर रहे हैं और बाजार की अगली चाल पर करीबी नजर बनाए हुए हैं।





