यीछुन शहर जंगली जानवरों के संरक्षण के लिए वन आर्क है
पूर्वोत्तर चीन के लेसर खिंगन पर्वतों के भीतरी क्षेत्र में एक अज्ञात हरा-भरा स्वर्ग छिपा है। इसका नाम यीछुन शहर है। विदेशी पर्यटकों के लिए यह नाम शायद थोड़ा नया है। लेकिन 40 लाख हेक्टेयर में फैले विशाल जंगल वाले इस शहर में जीवन, रक्षा और विकास की विचारधारा के बारे में दिल को छू लेने वाली कहानी सामने आ रही है।
यीछुन के बारे में सबसे आश्चर्यजनक बात यह है कि यहां वन कवरेज दर 83.8 प्रतिशत है। यह मात्रा पूरे चीन के औसत स्तर की तीन गुना अधिक है। यह विशाल जंगल न केवल दुनिया में सबसे बड़ा और सबसे अच्छी तरह से सुरक्षित प्राकृतिक कोरियन पाइन का घर है, बल्कि सचमुच “वन्यजीवों के लिए आर्क” भी है। जंगल, नदी और आर्द्रभूमि समेत कई तरह की पारिस्थितिकी प्रणालियां यहां मौजूद हैं। इससे 330 से ज़्यादा जंगली जानवरों और 1,390 से अधिक उच्च पौधों को रहने की जगह मिलती है। राष्ट्रीय प्रथम श्रेणी के संरक्षित वन्य जीवों की 11 प्रजातियां और दूसरी श्रेणी के संरक्षित जानवरों की 54 प्रजातियां यीछुन के जंगल में रहती हैं।
यह जीवन शक्ति अपने आप नहीं आई। लगभग एक दशक पहले यीछुन “संसाधन संकट” और “आर्थिक संकट” की दोहरी मुश्किल में फंसा हुआ था। दशकों से हो रही कटाई से जंगल के संसाधन लगभग खत्म हो गए थे। वर्ष 2013 से यीछुन में प्राकृतिक जंगलों की व्यावसायिक कटाई पूरी तरह से रोकी गई। तब से यीछुन शहर बचाव पर आधारित बदलाव के रास्ते पर चलने लगा। इस रास्ते का सार यह वैज्ञानिक शोध है कि “स्वच्छ जल और हरे-भरे पहाड़ अमूल्य संपत्ति हैं”, जिसकी चीन हाल के सालों में ज़ोर-शोर से वकालत कर रहा है।
यीछुन के निर्णयकर्ताओं के विचार में अच्छी पारिस्थितिकी विकास पर बोझ नहीं है, बल्कि सबसे कीमती संपत्ति है। जंगलों और वन्यजीवों की रक्षा करना अनवरत विकास के आधार की रक्षा करने के बराबर है।
आज, यीछुन में करीब आधी ज़मीन को पारिस्थितिकी संरक्षण की लाल रेखा में शामिल किया जा चुका है। पूरे शहर में विभिन्न स्तरों पर 23 प्रकृति रिजर्व हैं। इनमें 12 राष्ट्रीय प्रकृति रिजर्व हैं, जिसका कुल क्षेत्रफल 6 लाख 71 हजार हेक्टेयर है। कोरियन पाइन का संरक्षण विनियम लागू करने, पारिस्थितिकी दिवस निर्धारित करने, संयुक्त सुरक्षा तंत्र स्थापित करने और वायु-भूमि एकीकृत गश्त व निगरानी नेटवर्क का निर्माण करने से यीछुन में वन स्टॉक की मात्रा में औसत वार्षिक शुद्ध वृद्धि 1 करोड़ घन मीटर से ज़्यादा है और वन्यजीवों की आबादी में सुधार हुआ है।
अधिक महत्वपूर्ण बात है कि यीछुन में “स्वच्छ जल और हरे-भरे पहाड़” सचमुच “अमूल्य संपत्ति” में बदले हैं। पारिस्थितिक पर्यटन इस जंगल वाले शहर का नया आकर्षण बन गया है। चिनशान हिरण पार्क में पर्यटक घास के मैदान में मुक्त-श्रेणी के सिका हिरण के करीब जा सकते हैं। वूयिंग राष्ट्रीय वन पार्क में 500 साल पुराने कोरियन पाइन आने वाले हरेक व्यक्ति को समय की कहानी सुनाते हैं। इसके साथ, वन-आधारित अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है। लाल पाइन नट्स, काले कवक, ब्लूबेरी और जंगल के नीचे जिनसेंग जैसे हरे उत्पाद पहाड़ों से निकलकर देश और विदेशों में लोकप्रिय होने लगे। स्थानीय लोग एक भी पेड़ काटे बिना भी अच्छा जीवन जी सकते हैं।
यीछुन की कहानी दुनिया को एक सरल सत्य बताती है कि जब इंसान झुकना और रक्षा करना सीख जाएगा, तो प्रकृति हमें हज़ार गुना ज़्यादा इनाम देगी। पर्यटकों के लिए यीछुन घूमने लायक जगह ही नहीं, बल्कि इंसान और प्रकृति के बीच मेल खाने का मॉडल शहर भी है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)





