quot;सांस्कृतिक विषय-वस्तु को सुदृढ़ करके चीनी शैली के आधुनिकीकरण को आगे बढ़ाना" विषय पर
आधारित शी चिनफिंग सांस्कृतिक विचार पर दूसरी अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी 6 सितंबर को चीन के
क्वांगतोंग प्रांत के शनचन में आयोजित की गई। संगोष्ठी में देश-विदेश के संबंधित अनुसंधान
संस्थानों और विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञों, विद्वानों और अतिथियों समेत करीब 130 लोगों ने
हिस्सा लिया।
सीपीसी की केंद्रीय समिति के प्रचार-प्रसार विभाग के उप प्रमुख होंग तायोंग ने उद्घाटन समारोह
में कहा कि शी चिनफिंग सांस्कृतिक विचार नए युग में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के सांस्कृतिक
निर्माण के व्यावहारिक अनुभव का सैद्धांतिक सार है। उन्होंने कहा कि यह मार्क्सवादी सांस्कृतिक
सिद्धांत में नवाचार को आगे बढ़ाने की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह नए युग और नई यात्रा में
वैचारिक एवं सांस्कृतिक कार्यों को बेहतर ढंग से करने, सांस्कृतिक समृद्धि को बढ़ावा देने और
सांस्कृतिक महाशक्ति के निर्माण के लिए मजबूत वैचारिक आधार और वैज्ञानिक कार्य मार्गदर्शन
प्रदान करता है।
उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक विषय-वस्तु को सुदृढ़ करना शी चिनफिंग सांस्कृतिक विचार का एक
महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो सांस्कृतिक विरासत और सभ्यता के विकास के गहरे नियमों को उजागर
करता है। यह इस महत्वपूर्ण सवाल का जवाब भी देता है कि आधुनिकीकरण की प्रक्रिया में किसी
राष्ट्र की ऐतिहासिक संस्कृति के साथ सही तरीके से कैसे व्यवहार किया जाए और अंतरराष्ट्रीय
सांस्कृतिक आदान-प्रदान एवं सहयोग को किस तरह आगे बढ़ाया जाए।
वहीं, शिन्हुआ समाचार एजेंसी के प्रधान संपादक ल्यू यानसोंग ने अपने संबोधन में कहा कि
शिन्हुआ शी चिनफिंग सांस्कृतिक विचार पर अनुसंधान, प्रचार और व्याख्या को और गहरा करेगा।
साथ ही, अंतरराष्ट्रीय अकादमिक आदान-प्रदान का विस्तार करते हुए संचार और अभिव्यक्ति के
तरीकों में नवाचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य दुनिया भर के देशों को चीनी
शैली के आधुनिकीकरण के जीवंत अभ्यास के माध्यम से चीनी सभ्यता की ऐतिहासिक गहराई,
विचारगत गहराई और युग की जीवंतता को समझने में मदद करना है।
इसी क्रम में, क्वांगतोंग प्रांतीय पार्टी समिति की स्थायी समिति के सदस्य और प्रचार-प्रसार
विभाग के प्रमुख हू चिनचुन ने कहा कि क्वांगतोंग इस संगोष्ठी को एक अवसर के रूप में लेते हुए
शी चिनफिंग सांस्कृतिक विचार का गहन अध्ययन और अभ्यास करेगा। उन्होंने कहा कि प्रांत
सांस्कृतिक विषय-वस्तु को लगातार सुदृढ़ करेगा, चीनी शैली के आधुनिकीकरण के क्वांगतोंग
अभ्यास को ठोस रूप से आगे बढ़ाएगा और नए युग की सांस्कृतिक जिम्मेदारी निभाने में
क्वांगतोंग की ताकत का योगदान देगा। संगोष्ठी में शामिल चीनी और विदेशी विद्वानों तथा विशेषज्ञों ने कहा कि चीनी शैली का
आधुनिकीकरण चीनी सभ्यता की गहरी नींव पर आधारित है। यह परंपरा और आधुनिकता,
राष्ट्रीयता और विश्वव्यापीता के बीच नए विकास पथों की खोज करता है और वैश्विक दक्षिण के
देशों को स्वतंत्र रूप से अपने आधुनिकीकरण के रास्ते तलाशने में महत्वपूर्ण सबक प्रदान करता
है।
उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक विषय-वस्तु को सुदृढ़ करना तथा सभ्यताओं के बीच आदान-प्रदान
और पारस्परिक सीख को गहरा करना विभिन्न सभ्यताओं के बीच आपसी सम्मान और समझ
बढ़ाने, संवाद के माध्यम से सहमति बनाने और मानव समाज के सामने मौजूद वैश्विक चुनौतियों
का मिलकर सामना करने में मदद करेगा।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)





