Saturday, September 5, 2026
  • Contact
India News
  • मुख्य समाचार
  • राजनीति
  • संपादक की पसंद
  • शहर और राज्य
    • उत्तर प्रदेश
      • आगरा
      • कानपुर
      • लखनऊ
      • मेरठ
    • छत्तीसगढ
      • जगदलपुर
      • बिलासपुर
      • भिलाई
      • रायपुर
    • दिल्ली
    • बिहार
      • पटना
    • मध्य प्रदेश
      • इंदौर
      • ग्वालियर
      • जबलपुर
      • भोपाल
    • महाराष्ट्र
      • नागपुर
      • नासिको
      • पुणे
      • मुंबई
    • राजस्थान
      • अजमेर
      • कोटा
      • जयपुर
      • जैसलमेर
      • जोधपुर
  • स्टार्टअप
  • कृषि
  • मनोरंजन
  • बिजनेस
  • धर्म
  • ऑटो
  • सरकारी नौकरी
  • वीडियो
No Result
View All Result
India News
Home मुख्य समाचार

क्यों आता है तुर्किये में बार-बार भूकंप?, क्या धरती की 3 प्लेट के जोड़ पर बसा है तुर्किये,जानें यहां इतनी क्यों कांपती है धरती

DigitalDesk by DigitalDesk
February 7, 2023
in मुख्य समाचार
0
earthquakes in Turkey
0
SHARES
0
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterWhatsapp

तुर्किये जिसे पहले तुर्की कहा जाता था वहां भूकंप के बाद तबाही बीच  दूसरे दिन मंगलवार को एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए। इस बार भूकंप के झटकों की तीव्रता 5.9 थी। जबकि तुर्की में इससे पहले सोमवार को भूकंप के तीन तेज झटके लगे थे। इनमें से पहला भूकंप सुबह करीब 4 बजे 7.8 तीव्रता का आया था। जिससे सबसे ज्यादा तबाही मची। इसके बाद 7.5 और 6 तीव्रता के भूकंप आए। बता दें तुर्की में पिछले 24 घंटे में 2900 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। जबकि तुर्की और सीरिया में अब तक 4360 लोगों की मौत हो चुकी है। भूकंप के बाद मची तबाही के चलते तुर्की में 7 दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की गई है। तुर्की के स्वास्थ्य मंत्री फहार्टिन कोका के अनुसार खराब मौसम के चलते सहायता टीमों के लिए चुनौतियां बढ़ गई हैं। कोका ने कहा, “मौसम की स्थिति और आपदा की भयावहता के कारण हमारी टीमों के लिए क्षेत्र में पहुंचना मुश्किल हो गया है।

भारत ने बढ़ाया मदद का हाथ

तुर्की और सीरिया में आए भूकंप के बाद कई देशों ने मदद के लिए हाथ बढ़ाया है। मुश्किल की इस घड़ी में भारत ने भी तुर्की की मदद की पेशकश की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आदेश पर भारत, तुर्की को फौरन मदद भेज रहा है। भारत ने NDRF की रेस्क्यू टीम, दवाइयां और मेडिकल टीम तुरंत तुर्की भेजी जा रही है। बुरे वक्त में भारत की इस मदद पर तुर्की ने शुक्रिया अदा किया है।

Related posts

Braking news today

Breaking News: 5 सितंबर की 10 बड़ी खबरें: ISRO की उड़ान से लेकर बाढ़, साइबर ठगी और सोने की तेजी तक देश-दुनिया में हलचल

September 5, 2026
राशिफल और पंचांग: भाद्रपद शुक्ल पक्ष की सप्तमी पर चंद्रमा रहेगा वृश्चिक राशि में..जानें किसकी चमकेगी किस्मत

Rashifal: 5 सितंबर राशिफल इन राशियों के लिए खुल सकते हैं तरक्की और धन लाभ के रास्ते, जानें मेष से मीन तक का हाल

September 5, 2026

इसलिए आते हैं बार-बार भूकंप

तुर्की दुनिया के सबसे अधिक भूकंप संभावित देशों में से एक है। तुर्की में बार-बार भूकंप आने के पीछे की वजह यह है कि दरअसल तुर्की का लोकेशन इसे तीन अलग-अलग टेक्टोनिक प्लेटों के ठीक ऊपर खड़ा करता है। तुर्की के उत्तर में यूरेशियन प्लेट स्थित है तो दक्षिण में अफ्रीकी प्लेट और इसके पूर्व में अरेबियन प्लेट स्थित है। यानी अरब प्लेट यूरेशियन प्लेट को धक्का देता है। जिससे तुर्की बड़े भूकंप आते हैं। उत्तरी Anatolian fault line तुर्की के उत्तर में स्थित है। पश्चिम से पूर्व की ओर जाती है जबकि पूर्वी Anatolian fault line देश के बाकी दक्षिणपूर्वी क्षेत्र में स्थित है। बता दें पूर्वी Anatolian fault line के ऊपर ही सोमवार का भूकंप आया था। जिसने वहां तबाही मचा दी।

अब तक इतनी बार आया जानलेवा भूकंप

साल 1939 में 27 दिसंबर को तुर्की में आए भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 8.2 दर्ज की गई थी। यह देश के इतिहास में अब तक का सबसे शक्तिशाली भूकंप है। इसके कारण 30,000 से अधिक लोगों की जान चली गई थी।

जबकि नवंबर 1976- इस भूकंप का केंद्र पूर्वी तुर्की के वान प्रांत में मुरादिये से 20 किमी उत्तर-पूर्व में कैलडीरन के पास था। भूकंप में मरने वालों की संख्या 4,000 और 5,000 के बीच थी जबकि भूकंप की तीव्रता 7.3 थी।

वहीं अगस्त 1999- तुर्की के पश्चिमी शहर इज़मित में आए 7.4 तीव्रता के भूकंप में 17 हजार से अधिक लोग मारे गए थे।

अक्टूबर 2011- ईरानी बॉर्डर के करीब बसा वान का क्षेत्र दशकों से भूकंप से विशेष रूप से बुरी तरह प्रभावित हुआ है। यहां साल 2011 के अक्टूबर और नवंबर में दो भूकंप आए थे। जिससे 900 से अधिक लोगों की जान चली गई थी।

हर साल दुनिया में आते हैं 20 हजार भूकंप

हर साल दुनिया में कई भूकंप आते हैं। हालांकि लेकिन इनकी तीव्रता कम होती है। नेशनल अर्थक्वेक इन्फॉर्मेशन सेंटर हर साल करीब 20 हजार भूकंप रिकॉर्ड करता है। इसमें से 100 भूकंप ऐसे होते हैं जिनसे नुकसान ज्यादा होता है। भूकंप कुछ सेकेंड या कुछ मिनट तक रहता है। अब तक के इतिहास में सबसे ज्यादा देर तक रहने वाला भूकंप 2004 में हिंद महासागर में आया था। यह भूकंप 10 मिनट तक रहा था।

Tags: 3 plates of the earthfrequent earthquakesTurkeyTurkey settled on the jointwhy the earth trembles
LIVE India News

लाइव इंडिया न्यूज 2016 से आप तक खबरें पंहुचा रहा है। लाइव इंडिया वेबसाइट का मकसद ब्रेकिंग, नेशनल, इंटरनेशनल, राजनीति, बिजनेस और अर्थतंत्र से जुड़े हर अपडेट्स सही समय पर देना है। देश के हिंदी भाषी राज्यों से रोजमर्रा की खबरों से लेकर राजनीति नेशनल व इंटरनेशनल मुद्दों से जुडी खबरें और उनके पीछे छुपे सवालों को बेधड़क सामने लाना, देश-विदेश के राजनैतिक, आर्थिक और सामाजिक मुद्दों का विश्लेषण बेबाकी से करना हमारा मकसद है।

Vihan Limelite Event & Entertainment Pvt Ltd
Regd Office Flat No 1
Mig 3 E 6
Arera Colony Bhopal

Branch Office
Main Road. Tikraparaa
Raipur CG

Director Deepti Chaurasia
Mobile No 7725016291

Email id - liveindianewsandviews@gmail.com

Currently Playing

Rohit Sharma के संन्यास की अटकलों के बीच BCCI की अहम बैठक, क्या 2027 वर्ल्ड कप खेलेंगे हिटमैन?

Rohit Sharma के संन्यास की अटकलों के बीच BCCI की अहम बैठक, क्या 2027 वर्ल्ड कप खेलेंगे हिटमैन?

Rohit Sharma के संन्यास की अटकलों के बीच BCCI की अहम बैठक, क्या 2027 वर्ल्ड कप खेलेंगे हिटमैन?

मुख्य समाचार
Apple CEO जॉन टर्नस की सैलरी कितनी? टिम कुक से कितना बड़ा है नया पैकेज

Apple CEO जॉन टर्नस की सैलरी कितनी? टिम कुक से कितना बड़ा है नया पैकेज

बिजनेस
Cricket News Update: दलीप ट्रॉफी में वैभव सूर्यवंशी का धमाका, 15 साल 157 दिन की उम्र में रचा इतिहास

Cricket News Update: दलीप ट्रॉफी में वैभव सूर्यवंशी का धमाका, 15 साल 157 दिन की उम्र में रचा इतिहास

मनोरंजन

RSS Unknown Feed

  • Contact

© Copyright 2022,LIVE INDIA NEWS. All Rights Reserved | Email: Info@liveindia.news

No Result
View All Result
  • Home
  • मुख्य समाचार
  • शहर और राज्य
  • राजनीति
  • बिजनेस
  • संपादक की पसंद
  • मनोरंजन
  • स्टार्टअप
  • धर्म
  • कृषि

© Copyright 2022,LIVE INDIA NEWS. All Rights Reserved | Email: Info@liveindia.news

Go to mobile version