HbA1c क्या है? जानिए कैसे 3 महीने का ‘ब्लड शुगर रिपोर्ट कार्ड’ खोल देता है यह एक टेस्ट

HbA1c Find out how this single test reveals a 3 month blood sugar

सिर्फ एक ब्लड टेस्ट से पता चल जाता है कि पिछले 90 दिनों में आपका शुगर लेवल कितना नियंत्रित रहा। आखिर HbA1c कैसे मापा जाता है और डॉक्टर 7% या 6.5% का क्या मतलब बताते हैं?

शुगर की असली कहानी सिर्फ एक दिन की नहीं, पूरे 3 महीने की होती है

डायबिटीज़ की जांच कराने वाले अधिकांश लोग रोज़ाना ग्लूकोमीटर से ब्लड शुगर मापते हैं। यह टेस्ट केवल उसी समय का शुगर लेवल बताता है। लेकिन डॉक्टर जब HbA1c (हीमोग्लोबिन A1c) टेस्ट कराने की सलाह देते हैं, तो वे पिछले 2 से 3 महीनों के औसत ब्लड शुगर का आकलन करना चाहते हैं। यही कारण है कि HbA1c को डायबिटीज़ मरीजों का “90 दिन का रिपोर्ट कार्ड” कहा जाता है।

HbA1c आखिर है क्या?

हमारे खून में मौजूद लाल रक्त कोशिकाओं (Red Blood Cells) के भीतर हीमोग्लोबिन नामक प्रोटीन होता है, जो पूरे शरीर में ऑक्सीजन पहुंचाने का काम करता है। जब रक्त में ग्लूकोज (शुगर) मौजूद रहता है, तो उसका कुछ हिस्सा प्राकृतिक रूप से हीमोग्लोबिन से चिपक जाता है। इस प्रक्रिया को ग्लाइकेशन (Glycation) कहा जाता है। एक बार ग्लूकोज हीमोग्लोबिन से जुड़ जाए तो यह संबंध स्थायी होता है और लाल रक्त कोशिका के जीवनकाल तक बना रहता है।


कैसे मापा जाता है HbA1c?

डॉक्टर ब्लड शुगर नहीं मापते, बल्कि यह देखते हैं कि कुल हीमोग्लोबिन में से कितना प्रतिशत ग्लूकोज से जुड़ चुका है।

लैब में आधुनिक तकनीकों जैसे—

की मदद से सामान्य और ग्लाइकेटेड हीमोग्लोबिन को अलग किया जाता है।

फिर यह अनुपात निकाला जाता है—

HbA1c (%) = (ग्लाइकेटेड हीमोग्लोबिन ÷ कुल हीमोग्लोबिन) × 100

यदि रिपोर्ट में HbA1c 7% आता है, तो इसका अर्थ है कि शरीर के कुल हीमोग्लोबिन का लगभग 7 प्रतिशत हिस्सा ग्लूकोज से जुड़ा हुआ है।

क्यों बताता है पिछले 3 महीने का शुगर लेवल?

लाल रक्त कोशिकाओं का औसत जीवनकाल लगभग 120 दिन (चार महीने) होता है।

चूंकि शरीर में हर समय नई और पुरानी दोनों प्रकार की लाल रक्त कोशिकाएं मौजूद रहती हैं, इसलिए HbA1c रिपोर्ट पिछले कई सप्ताह और महीनों के औसत शुगर स्तर को दर्शाती है।

विशेषज्ञों के अनुसार—

यानी यदि हाल ही में शुगर कंट्रोल बेहतर हुआ है तो उसका असर HbA1c में सबसे पहले दिखाई देता है।

ब्लड शुगर और HbA1c में क्या अंतर है?

ब्लड शुगर टेस्ट HbA1c टेस्ट
उसी समय का शुगर लेवल बताता है पिछले 2-3 महीने का औसत बताता है
रोज़ाना कई बार किया जा सकता है आमतौर पर 3 महीने में एक बार
भोजन से प्रभावित होता है भोजन का तत्काल असर नहीं पड़ता

HbA1c से कैसे निकलता है औसत ब्लड शुगर?

HbA1c प्रतिशत को डॉक्टर एक विशेष गणितीय सूत्र की मदद से औसत ब्लड शुगर (Estimated Average Glucose – eAG) में बदलते हैं।

सूत्र:

eAG (mg/dL) = (28.7 × HbA1c) – 46.7

उदाहरण के लिए—

यदि HbA1c 7% है—

eAG = (28.7 × 7) – 46.7 = 154 mg/dL

यानी पिछले लगभग तीन महीनों में व्यक्ति का औसत ब्लड शुगर करीब 154 mg/dL रहा।


HbA1c कितना होना चाहिए?

HbA1c मतलब
5.7% से कम सामान्य
5.7% – 6.4% प्रीडायबिटीज़
6.5% या अधिक डायबिटीज़ की संभावना

डायबिटीज़ के अधिकांश मरीजों के लिए डॉक्टर HbA1c को 7% से कम रखने का लक्ष्य देते हैं। हालांकि उम्र और अन्य बीमारियों के अनुसार यह लक्ष्य अलग हो सकता है।

क्या हर व्यक्ति के लिए HbA1c सही होता है?

नहीं।

कुछ परिस्थितियों में HbA1c की रिपोर्ट पूरी तरह सटीक नहीं होती, जैसे—

ऐसे मामलों में डॉक्टर अन्य जांचों की सलाह देते हैं।

डायबिटीज़ कंट्रोल करने में क्यों जरूरी है यह टेस्ट?

HbA1c केवल एक रिपोर्ट नहीं, बल्कि यह बताता है कि मरीज लंबे समय से अपनी शुगर कितनी अच्छी तरह नियंत्रित रख पा रहा है।

इसी आधार पर डॉक्टर—

यदि ब्लड शुगर टेस्ट किसी एक दिन की तस्वीर है, तो HbA1c पिछले तीन महीनों की पूरी फिल्म है। यह डायबिटीज़ नियंत्रण का सबसे भरोसेमंद संकेतक माना जाता है। नियमित जांच, संतुलित आहार, व्यायाम और डॉक्टर की सलाह का पालन करके HbA1c को नियंत्रित रखा जा सकता है, जिससे हृदय, किडनी, आंखों और नसों से जुड़ी गंभीर जटिलताओं का खतरा काफी हद तक कम किया जा सकता है।

अस्वीकरण: यह लेख केवल सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। किसी भी चिकित्सा निर्णय या उपचार के लिए योग्य चिकित्सक की सलाह अवश्य लें।

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