यूपी में मौसम का यू-टर्न: 35 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, आंधी-बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी
लखनऊ, गोरखपुर समेत कई जिलों में तेज हवाओं का असर, 8 अप्रैल तक मौसम रहेगा अस्थिर
उत्तर प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट लेते हुए लोगों को चौंका दिया है। भीषण गर्मी और लू के बीच अब प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर शुरू हो गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 5 अप्रैल को राज्य के 35 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। मौसम विभाग के अनुसार यह अस्थिर स्थिति 8 अप्रैल तक बनी रह सकती है।
राजधानी लखनऊ समेत सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, बुलंदशहर, फिरोजाबाद, महोबा, झांसी, जालौन, हमीरपुर, हरदोई और कानपुर जैसे जिलों में तेज बारिश और आंधी की चेतावनी दी गई है। इन इलाकों में अचानक मौसम बदलने से जनजीवन प्रभावित हो सकता है। दिन में जहां तेज धूप और गर्मी का असर रहता है, वहीं शाम होते-होते मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल जा रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड क्षेत्र के करीब 35 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जो कुछ स्थानों पर 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। इसके साथ ही गरज-चमक, आकाशीय बिजली और ओलावृष्टि की भी आशंका जताई गई है। तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और यातायात प्रभावित होने की संभावना भी बढ़ गई है।
पूर्वांचल और तराई क्षेत्रों में भी मौसम का असर साफ देखने को मिल रहा है। गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती और अंबेडकर नगर में तेज बारिश और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है। कई इलाकों में धूल भरी आंधी भी चल सकती है, जिससे दृश्यता कम हो सकती है और सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है।
इस अचानक मौसम परिवर्तन का असर तापमान पर भी देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग का अनुमान है कि तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी और लू से राहत मिलेगी। हालांकि राहत के साथ खतरे भी जुड़े हुए हैं, खासकर तेज हवाएं और बिजली गिरने की घटनाएं लोगों के लिए जोखिम पैदा कर सकती हैं।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस बदलाव के पीछे सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ मुख्य कारण है। यह विक्षोभ जब अरब सागर से आने वाली नमी के साथ मिल जाता है, तो वातावरण में अस्थिरता पैदा करता है। इसी कारण आंधी, बारिश और ओलावृष्टि जैसी स्थितियां बनती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अप्रैल में मौसम बदलाव असामान्य नहीं…लेकिन इस बार बदलाव का प्रभाव ज्यादा नजर आ रहा है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि यह उतार-चढ़ाव 8 अप्रैल तक जारी रहेगा। 5 अप्रैल को जहां कई इलाकों में बारिश और बादल छाए रहेंगे, वहीं 6 अप्रैल को कुछ क्षेत्रों में मौसम साफ हो सकता है और तापमान बढ़कर 33 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। इसके बाद 7 और 8 अप्रैल को गरज-चमक के साथ बारिश का दौर फिर शुरू होने की संभावनाहै।
इस बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है। यह समय गेहूं की कटाई और दलहनी फसलों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान हो सकता है। अयोध्या और गोंडा जैसे जिलों में बादल छाने और हल्की बारिश शुरू होने से किसानों के चेहरे पर चिंता साफ देखी जा रही है। खेतों में तैयार फसल को बचाने के लिए किसान हर संभव प्रयास कर रहे हैं।
प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान घरों में सुरक्षित रहें और अनावश्यक बाहर निकलने से बचें। तेज आंधी के समय पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है। साथ ही आकाशीय बिजली गिरने के दौरान खुले स्थानों, खेतों और जलाशयों के पास जाने से बचने को कहा गया है।
कुल मिलाकर उत्तर प्रदेश में मौसम का यह अचानक बदला मिजाज जहां गर्मी से राहत लेकर आया है, वहीं सतर्कता की भी मांग कर रहा है। आने वाले कुछ दिनों तक लोगों को मौसम के हर अपडेट पर नजर बनाए रखने की जरूरत है, ताकि किसी भी संभावित खतरे से समय रहते बचा जा सके।





