वोडाफोन आइडिया (Vi) के शेयरों ने पिछले कुछ महीनों में निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है। अप्रैल में निचले स्तर पर पहुंचने के बाद कंपनी के शेयरों में जोरदार रिकवरी देखने को मिली और तीन महीने से भी कम समय में करीब 80% की तेजी दर्ज की गई। एक साल के दौरान यह शेयर 110% तक चढ़ चुका है। हालिया तेजी के बाद निवेशकों के बीच सवाल उठ रहा है कि क्या अब भी इसमें निवेश करना सही रहेगा या मुनाफावसूली का समय आ गया है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि शेयर में तेजी जरूर आई है, लेकिन निवेश से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति और जोखिम को समझना जरूरी है।
तीन महीने में शानदार उछाल, लेकिन रिकॉर्ड हाई से थोड़ा नीचे आया शेयर
इस साल अप्रैल में वोडाफोन आइडिया का शेयर एनएसई पर करीब 8.13 रुपये के स्तर तक फिसल गया था। इसके बाद शेयर में लगातार खरीदारी देखने को मिली और यह बढ़कर 52 सप्ताह के उच्च स्तर 15.34 रुपये तक पहुंच गया। फिलहाल शेयर करीब 14.05 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा है। यानी रिकॉर्ड हाई से कुछ नीचे आने के बावजूद यह अपने निचले स्तर की तुलना में काफी मजबूत स्थिति में बना हुआ है।
प्रमोटर निवेश और AGR राहत से कंपनी को मिला बड़ा सहारा
हाल के महीनों में कंपनी को कई सकारात्मक संकेत मिले हैं। आदित्य बिड़ला समूह ने वारंट जारी होने के बाद कंपनी में 1,182.50 करोड़ रुपये का नया निवेश किया है। वहीं, दूरसंचार विभाग (DoT) ने कंपनी के AGR बकाये को करीब 27% घटाकर 64,046 करोड़ रुपये कर दिया है, जिससे वित्तीय दबाव कुछ कम हुआ है। इसके अलावा मार्च तिमाही के नतीजे अपेक्षा से बेहतर रहे और प्रति ग्राहक औसत आय (ARPU) बढ़कर 190 रुपये तक पहुंच गई। इन सुधारों को देखते हुए रेटिंग एजेंसी ICRA ने भी कंपनी की रेटिंग में सुधार किया है।
ब्रोकरेज फर्मों की राय, तेजी के बावजूद जल्दबाजी में निवेश से बचें
हालांकि शेयर में तेजी आई है, लेकिन अधिकांश ब्रोकरेज हाउस अभी भी इस स्टॉक पर ‘तटस्थ’ (Neutral) रुख अपनाए हुए हैं। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा तेजी का लाभ शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स उठा सकते हैं, लेकिन लंबी अवधि के निवेशकों को अभी सावधानी बरतनी चाहिए। उनका मानना है कि कंपनी की मूल वित्तीय स्थिति अभी पूरी तरह मजबूत नहीं हुई है और कई चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं।
लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए जोखिम अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ
विशेषज्ञों के अनुसार लंबी अवधि का निवेश हमेशा ऐसी कंपनियों में बेहतर माना जाता है, जो लगातार मुनाफा कमा रही हों और जिनकी वित्तीय स्थिति मजबूत हो। वोडाफोन आइडिया फिलहाल अपने कारोबार को स्थिर करने की दिशा में काम कर रही है। जब तक कंपनी बिना अतिरिक्त सहारे के लगातार लाभ कमाने की स्थिति में नहीं पहुंचती, तब तक इसमें निवेश को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। ऐसे में निवेशकों को किसी भी फैसले से पहले अपनी जोखिम क्षमता और वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लेनी चाहिए।





