UP SIR अपडेट: नोटिस पर जवाब का आखिरी मौका, 10 अप्रैल को जारी होगी फाइनल वोटर लिस्ट
करोड़ों मतदाताओं पर फैसला अंतिम चरण में, नए और संशोधित नामों की हो रही अंतिम जांच
उत्तर प्रदेश में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर अहम चरण पर प्रक्रिया पहुंच चुकी है। Election Commission of India द्वारा जारी नोटिस पर जवाब देने का आज अंतिम मौका है। इसके बाद आयोग 10 अप्रैल को फाइनल वोटर लिस्ट प्रकाशित करेगा, जिसमें नए, संशोधित और हटाए गए नामों का अंतिम फैसला सामने आएगा।
- नोटिस पर जवाब का आखिरी दिन
- 3.26 करोड़ वोटरों की जांच
- 86 लाख नए मतदाता कतार में
- संशोधन और हटाने के आवेदन बढ़े
- 10 अप्रैल को फाइनल सूची
नोटिस पर जवाब का आखिरी दिन
SIR प्रक्रिया के तहत लाखों मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए थे, जिनमें दस्तावेजों की जांच और पहचान से जुड़े सवाल शामिल थे। आज शुक्रवार तक जवाब और सुनवाई का अंतिम अवसर दिया गया है। इसके बाद जिन लोगों ने संतोषजनक जवाब या दस्तावेज नहीं दिए होंगे, उनके नाम सूची से हटाए जा सकते हैं।
3.26 करोड़ वोटरों पर हुई जांच
इस बार की समीक्षा में करीब 3.26 करोड़ मतदाता नोटिस के दायरे में आए। इनमें से 1.04 करोड़ ऐसे थे, जिनका डेटा 2003 की वोटर लिस्ट से मेल नहीं खा रहा था, जबकि 2.22 करोड़ मामलों में तार्किक विसंगतियां पाई गईं। चुनाव आयोग के सूत्रों के मुताबिक, अधिकांश नोटिसों पर सुनवाई की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है और अब अंतिम निर्णय का चरण चल रहा है।
86 लाख से ज्यादा नए वोटर कतार में
इस बार बड़ी संख्या में नए मतदाताओं ने भी आवेदन किया है। कुल 86.69 लाख फॉर्म-6 जमा किए गए, जिनमें से 70 लाख से ज्यादा आवेदन ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होने के बाद आए। हालांकि, 10 अप्रैल को जारी होने वाली अंतिम सूची में केवल उन्हीं नए वोटरों के नाम शामिल होंगे, जिन्होंने 6 मार्च तक आवेदन पूरा किया है।
संशोधन और हटाने के भी हजारों आवेदन
वोटर लिस्ट में सुधार के लिए भी बड़ी संख्या में आवेदन आए हैं। करीब 16.33 लाख मतदाताओं ने अपने विवरण में बदलाव के लिए फॉर्म-8 भरा, जबकि 2.68 लाख से अधिक लोगों की ओर से अपने नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 भी जमा किया गया है। इनमें पता बदलने, जानकारी सुधारने और वोटर आईडी अपडेट कराने के मामले शामिल हैं।
बूथ स्तर तक हो रही दोबारा जांच
नोटिस और आवेदनों के निपटारे के बाद अब वोटर लिस्ट को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया शुरू होगी। एसडीएम स्तर पर 1.77 लाख से ज्यादा बूथों की सूची की भी दोबारा जांच की जाएगी, ताकि किसी प्रकार की त्रुटि न रह जाए। डुप्लिकेट नाम, मृत मतदाता या अधूरी जानकारी वाले नामों को सूची से हटाया जाएगा, जबकि सही पात्रता वाले नामों को शामिल किया जाएगा।
10 अप्रैल को फाइनल लिस्ट जारी
सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद वोटर लिस्ट को ई-रोल के रूप में फ्रीज किया जाएगा और 10 अप्रैल को इसे सार्वजनिक कर दिया जाएगा। यह सूची आगामी चुनावों के लिए आधार बनेगी। उत्तर प्रदेश में वोटर लिस्ट का यह विशेष पुनरीक्षण लोकतांत्रिक प्रक्रिया को पारदर्शी और सटीक बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। आज नोटिस पर जवाब का अंतिम मौका है, जबकि 10 अप्रैल को सामने आने वाली फाइनल सूची यह तय करेगी कि प्रदेश में कौन वोट देने के योग्य होगा।





