केंद्रीय कैबिनेट में गुरुवार को अचानक एक बड़ा फेरबदल किया गया है। कानून मंत्री के पद से किरेन रिजिजू को हटाकर उनकी जगह अर्जुन राम मेघवाल को नया कानून मंत्री बनाया है। रिजिजू को अब भू विज्ञान मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
- मोदी सरकार के मंत्रिमंडल में बड़ा बदलाव
- किरण रिजिजू का मंत्रालय बदला
- कानून मंत्रालय अब अर्जुन राम मेघवाल संभालेंगे
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पीएम नरेंद्र मोदी की सलाह पर मंत्रिमंडल में फेरबदल को मंजूरी दे दी है। अब किरण रिजिजू का तबादला कानून मंत्रालय से भू विज्ञान मंत्रालय किया गया है। वहीं रिजिजू की जगह अर्जुन राम मेघवाल को उनके मौजूदा पोर्टफोलियो के अलावा कानून और न्याय मंत्रालय में राज्यमंत्री का स्वतंत्र प्रभार सौंप गया है। खबर है कि अर्जुन राम मेघवाल जल्द ही प्रगति मैदान में होने वाले एक सरकारी कार्यक्रम में पीएम के साथ मंच पर मौजूद रहेंगे।
चुनाव के चलते किया मंत्रालय में फेरदबदल
बता दें हाल ही में किरेन रिजिजू ने सरकार और न्यायपालिका के बीच किसी भी तरह के टकराव को खारिज करते हुए कहा था कि लोकतंत्र में मतभेद अपरिहार्य हैं, लेकिन इसे संघर्ष के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। वहीं इस बदलाव को लेकर किरण रिजिजू ने कहा कि आने वाले चुनाव को ध्यान में रखते हुए पोर्टफोलियो में बदलाव किया गया है। दरइसल अरुणाचल प्रदेश के पश्चिम कामेंग जिले में जन्मे किरेन रिजिजू अरुणाचल पश्चिम लोकसभा सीट से बीजेपी के सांसद हैं। रिजिजू अरुणाचल पश्चिम लोकसभा सीट से लोकसभा का चुनाव लड़ते रहे हैं।
रिजिजू ने ली थी रविशंकर की जगह
बता दें किरेन रिजिजू का जन्म 19 नवंबर 1971 को अरुणाचल प्रदेश के वेस्ट कामेंग जिले में हुआ था। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से कानून की डिग्री ली है। उन्होंने 2004 (अरुणाचल पश्चिम निर्वाचन क्षेत्र) में पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ा और जीता। लेकिन इसके बाद 2009 के लोकसभा चुनाव में वह हार गए। रिजिजू ने 2014 का चुनाव फिर से जीता और उन्हें प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल में गृह राज्य मंत्री बनाया गया। इसके बाद रिजिजू 2019 में मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में खेल मंत्री स्वतंत्र प्रभार बनाए गए। इसके बाद जुलाई 2021 में कैबिनेट विस्तार के दौरान रिजिजू को कानून मंत्री बनाया गया था। इससे पहले रविशंकर प्रसाद ये जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
IAS रह चुके हैं बीकानेर से सांसद मेघवाल
राजस्थान से ताल्लुक रखने वाले अर्जुन राम मेघवाल 2009 को पहली बार बीकानेर से सांसद चुने गए थे। उनका जन्म बीकानेर के किस्मिदेसर गांव में हुआ। बीकानेर के डूंगर कॉलेज से उन्होंंने बीए और एलएलबी की डिग्री हासिल की। उन्होंने इसी कॉलेज से मास्टर्स डिग्री भी हासिल की। इसके बाद उन्होंने फिलीपींस यूनिवर्सिटी से एमबीए किया। वह राजस्थान कैडर के एक आईएएस अधिकारी भी रह चुके हैं। मेघवाल को राजस्थान राजनीति में अनुसूचित जाति के चेहरे के रूप में देखा जाता है। मेघवाल साल 2009 और 2014 के साथ 2019 में बीकानेर लोकसभा सीट से चुनाव लड़े थे। उन्हें साल 2013 में सर्वश्रेष्ठ सांसद का पुरस्कार भी दिया जा चुका है। दूसरे कार्यकाल के दौरान मेघवाल लोकसभा में बीजेपी के मुख्य सचेतक थे। मई 2019 में मेघवाल संसदीय मामलों और भारी उद्योग और सार्वजनिक उद्यम राज्य मंत्री बनाए गए। अब मेघवाल को कानून मंत्रालय का भी प्रभार सौंपा गया है।
सिब्बल ने कसा तंज
वरिष्ठ वकील और राजनेता कपिल सिब्बल ने इस बदलाव की आलोचना की है। उन्होंने ट्वीट किया, “कानून नहीं, अब भू विज्ञान मंत्री। कानून के पीछे के विज्ञान को समझना आसान नहीं
है। अब विज्ञान के नियमों से जूझने की कोशिश करेंगे। बधाई हो दोस्त।