ट्रेन में घर का खाना ले जाना ठीक, लेकिन यह एक गलती पड़ सकती है भारी!

homemade food on the train

पूड़ी-सब्जी खाने के बाद गंदगी छोड़ी तो देना पड़ सकता है जुर्माना, रेलवे चला रहा विशेष अभियान

नई दिल्ली। ट्रेन यात्रा के दौरान घर का बना खाना साथ ले जाना भारतीय यात्रियों की पुरानी और लोकप्रिय परंपरा है। लंबी दूरी के सफर में आज भी लाखों लोग पूड़ी-सब्जी, पराठे, अचार या अन्य घरेलू भोजन साथ लेकर चलते हैं। लेकिन यदि खाना खाने के बाद उसके पैकेट, पत्तल, प्लास्टिक, बोतल या अन्य कचरे को ट्रेन या स्टेशन परिसर में छोड़ दिया जाए, तो यह आदत आपकी जेब पर भारी पड़ सकती है। भारतीय रेलवे ऐसे यात्रियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रहा है और गंदगी फैलाने पर जुर्माना भी वसूल रहा है।

रेलवे का कहना है कि यात्रियों को स्वच्छ, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न मंडलों में नियमित जांच अभियान चलाए जा रहे हैं। इन अभियानों में बिना टिकट यात्रा, अनियमित यात्रा, बिना बुक किए सामान ले जाना, धूम्रपान और गंदगी फैलाने जैसे मामलों पर विशेष नजर रखी जाती है।

प्रयागराज मंडल के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल माह में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान बड़ी संख्या में यात्रियों पर कार्रवाई की गई। इस अवधि में 1,189 यात्रियों से ट्रेन और स्टेशन परिसर में गंदगी फैलाने के कारण जुर्माना वसूला गया। इनमें ऐसे यात्री भी शामिल थे, जिन्होंने घर से लाया हुआ भोजन खाने के बाद उसका कचरा ट्रेन या स्टेशन पर छोड़ दिया था।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, अप्रैल में कुल 1,05,142 यात्रियों के खिलाफ विभिन्न नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की गई। इनमें बिना टिकट यात्रा, अनियमित यात्रा, अनबुक्ड लगेज, धूम्रपान और गंदगी फैलाने के मामले शामिल रहे। इन अभियानों से रेलवे ने 7.65 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व अर्जित किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाता है।

रेलवे यात्रियों से अपील कर रहा है कि वे यात्रा के दौरान स्वच्छता नियमों का पालन करें। यदि घर से भोजन लेकर चल रहे हैं, तो भोजन के बाद बचा हुआ कचरा डस्टबिन में ही डालें या उचित स्थान पर निस्तारित करें। ट्रेन की सीट के नीचे, खिड़की से बाहर या प्लेटफॉर्म पर कचरा फेंकना नियमों का उल्लंघन माना जा सकता है और इसके लिए जुर्माना लगाया जा सकता है।

रेलवे का मानना है कि स्वच्छ रेल यात्रा केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि यात्रियों की भी साझा जिम्मेदारी है। थोड़ी-सी सावधानी न केवल जुर्माने से बचा सकती है, बल्कि देशभर में स्वच्छ और बेहतर रेल यात्रा सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है।

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