Student protest at Jantar Mantar: जंतर-मंतर पर छात्रों का प्रदर्शन, दिल्ली पुलिस की अभेद्य किलेबंदी; संसद मार्ग बना हाई सिक्योरिटी जोन

Jantar Mantar

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली का जंतर-मंतर शनिवार को एक बार फिर देश की राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियों का केंद्र बना रहा। छात्रों के जारी प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने पूरे इलाके को अभूतपूर्व सुरक्षा घेरे में बदल दिया है। संसद मार्ग, जयसिंह मार्ग और जंतर-मंतर के आसपास ऐसी किलेबंदी की गई है, जैसी आमतौर पर केवल संवेदनशील राष्ट्रीय आयोजनों या वीआईपी सुरक्षा के दौरान देखने को मिलती है। सड़क पर लोहे की मोटी शीट्स बिछाकर उन्हें कीलों और भारी पेंचों से स्थायी रूप से जकड़ा गया है, जबकि बैरिकेड्स को लोहे की मजबूत चेन से आपस में बांध दिया गया है ताकि किसी भी स्थिति में उन्हें हटाया या गिराया न जा सके।

  • जंतर-मंतर के चारों ओर सुरक्षा घेरा
  • लोहे की शीट्स और कीलों से बैरिकेड मजबूत
  • संसद मार्ग पर छह से सात लेयर सुरक्षा
  • प्रदर्शन स्थल पर बढ़ी पुलिस की निगरानी
  • भीड़ बढ़ने के बीच हाई अलर्ट पर राजधानी

दिल्ली पुलिस का कहना है कि सुरक्षा के ये इंतजाम एहतियात के तौर पर किए गए हैं, ताकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण बना रहे और किसी भी अप्रिय स्थिति से समय रहते निपटा जा सके। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसके चलते संसद मार्ग और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल, रैपिड एक्शन टीमें और यातायात पुलिस की तैनाती भी बढ़ा दी गई है।

सबसे खास बात यह रही कि पुलिस ने पारंपरिक बैरिकेडिंग के बजाय इस बार नई रणनीति अपनाई है। सड़क पर लोहे की भारी शीट्स लगाकर उन पर बैरिकेड्स को मजबूती से फिक्स किया गया है। इसके अलावा बैरिकेड्स को मोटी लोहे की चेन से एक-दूसरे से जोड़ दिया गया है। इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भीड़ के दबाव में बैरिकेड्स अपनी जगह से न हटें और सुरक्षा घेरा पूरी तरह सुरक्षित बना रहे।

जंतर-मंतर के सामने स्थित संसद मार्ग को कई हिस्सों में विभाजित करते हुए छह से सात लेयर की बैरिकेडिंग की गई है। प्रत्येक सुरक्षा घेरा पुलिसकर्मियों की अलग-अलग टुकड़ियों द्वारा संभाला जा रहा है। प्रदर्शन स्थल की ओर जाने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर निगरानी बढ़ा दी गई है और आने-जाने वाले लोगों पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है। कई स्थानों पर पहचान की जांच के बाद ही लोगों को आगे जाने की अनुमति दी जा रही है।

दिल्ली पुलिस के संयुक्त पुलिस आयुक्त विजय सिंह स्वयं अपनी टीम के साथ संसद मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते नजर आए। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि फिलहाल स्थिति सामान्य और नियंत्रण में है। जब उनसे बैरिकेडिंग के नए तरीके के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि सुरक्षा से जुड़े सभी निर्णय सक्षम प्राधिकारी द्वारा परिस्थितियों को देखते हुए लिए जा रहे हैं और उनका उद्देश्य केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना है।

जंतर-मंतर देश में लंबे समय से लोकतांत्रिक विरोध-प्रदर्शनों का प्रमुख स्थल रहा है। यही वजह है कि यहां होने वाले किसी भी बड़े प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा एजेंसियां विशेष सतर्कता बरतती हैं। इस बार भी संसद मार्ग, जयसिंह मार्ग और आसपास के पूरे क्षेत्र को सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील घोषित करते हुए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। पुलिस लगातार ड्रोन निगरानी, सीसीटीवी कैमरों और कंट्रोल रूम के माध्यम से स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

दोपहर तक प्रदर्शन स्थल के आसपास लोगों की भीड़ लगातार बढ़ती रही। पुलिस ने यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए कई मार्गों पर डायवर्जन लागू किए हैं। यात्रियों से वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की अपील की गई है ताकि जाम की स्थिति न बने। सुरक्षा एजेंसियां यह भी सुनिश्चित कर रही हैं कि प्रदर्शन का असर संसद मार्ग और आसपास स्थित सरकारी कार्यालयों की कार्यप्रणाली पर न्यूनतम पड़े।

विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के वर्षों में बड़े सार्वजनिक प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में कई बदलाव किए गए हैं। अब केवल बैरिकेड लगाना ही पर्याप्त नहीं माना जाता, बल्कि उन्हें स्थायी रूप से मजबूत बनाने और भीड़ नियंत्रण के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार किया जाता है। दिल्ली पुलिस की मौजूदा रणनीति भी इसी आधुनिक भीड़ प्रबंधन प्रणाली का हिस्सा मानी जा रही है।

फिलहाल जंतर-मंतर पर छात्रों का प्रदर्शन जारी है और पुलिस स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। प्रशासन का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन और कानून-व्यवस्था दोनों को समान रूप से प्राथमिकता दी जा रही है। आने वाले घंटों में प्रदर्शनकारियों की संख्या और गतिविधियों के आधार पर सुरक्षा व्यवस्था में आवश्यकता अनुसार बदलाव भी किया जा सकता है। राजधानी के इस संवेदनशील इलाके में फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं और हर गतिविधि की लगातार निगरानी की जा रही है।

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