दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए बड़ी राहत: मुख्यमंत्री शिक्षा प्रोत्साहन योजना के आवेदन 31 अगस्त तक
स्पर्श पोर्टल से होगी पूरी प्रक्रिया, 3 दिसंबर को मिलेगा लाभ
भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने दिव्यांग छात्र-छात्राओं की शिक्षा को प्रोत्साहन देने के लिए संचालित मुख्यमंत्री दिव्यांगजन शिक्षा प्रोत्साहन योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। पात्र विद्यार्थी अब 31 अगस्त 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदन और स्वीकृति की पूरी प्रक्रिया स्पर्श पोर्टल के माध्यम से संपादित की जाएगी।
सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा योजना के प्रभावी संचालन के लिए राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) मध्यप्रदेश के सहयोग से स्पर्श पोर्टल पर ऑनलाइन व्यवस्था विकसित की गई है। इसके माध्यम से दिव्यांग विद्यार्थी स्वयं अपने आवेदन ऑनलाइन प्रस्तुत कर सकेंगे।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, यदि किसी विद्यार्थी द्वारा ऑफलाइन आवेदन प्रस्तुत किया जाता है, तो उसे संबंधित जिला कार्यालय के संयुक्त अथवा उप संचालक, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण द्वारा पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा, ताकि सभी आवेदनों का एकीकृत रूप से परीक्षण किया जा सके।
जिला स्तर पर होगी जांच
ऑनलाइन प्राप्त सभी आवेदनों का परीक्षण जिला स्तर पर किया जाएगा। निर्धारित पात्रता और नियमों के अनुरूप पाए जाने वाले आवेदनों को स्वीकृति प्रदान की जाएगी, जबकि अपात्र आवेदनों को अस्वीकृत कर दिया जाएगा। विभाग ने आवेदन प्राप्त करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 निर्धारित की है।
इसके बाद प्राप्त आवेदनों की जांच, सत्यापन तथा स्वीकृति-अस्वीकृति की प्रक्रिया 15 सितंबर 2026 तक पूरी कर ली जाएगी। अधिकारियों को इस पूरी प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
विश्व दिव्यांग दिवस पर मिलेगा लाभ
योजना के अंतर्गत स्वीकृत हितग्राहियों को उनकी पात्रता के अनुसार आवश्यक सामग्री एवं सहायता का वितरण 3 दिसंबर 2026 को विश्व दिव्यांग दिवस के अवसर पर आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रमों में किया जाएगा।
सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग ने सभी पात्र दिव्यांग छात्र-छात्राओं से समय सीमा के भीतर आवेदन करने की अपील की है। साथ ही जिला अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि योजना के ऑनलाइन क्रियान्वयन से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं का प्रभावी और पारदर्शी ढंग से पालन सुनिश्चित किया जाए। यह योजना दिव्यांग विद्यार्थियों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने और उन्हें आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।