चीन के राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय ने चीनी जन मुक्ति सेना (PLA) की स्थापना की 99वीं वर्षगांठ के अवसर पर बीजिंग स्थित जन वृहद भवन में भव्य स्वागत समारोह आयोजित किया। 31 जुलाई को आयोजित इस कार्यक्रम में चीन के राष्ट्रीय रक्षा मंत्री डोंग जून ने हिस्सा लिया और सेना की भूमिका, आधुनिकीकरण और भविष्य की रणनीति को लेकर संबोधन दिया। समारोह की शुरुआत शाम करीब 5:30 बजे चीनी जन मुक्ति सेना के राष्ट्रगान की धुन के साथ हुई। कार्यक्रम में चीनी सेना के वरिष्ठ अधिकारियों और अन्य गणमान्य लोगों ने भाग लिया।
सेना को मजबूत बनाने और आधुनिकीकरण पर जोर
रक्षा मंत्री डोंग जून ने अपने भाषण में कहा कि यह वर्ष चीन के लिए कई ऐतिहासिक अवसरों से जुड़ा है। उन्होंने चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की स्थापना की 105वीं वर्षगांठ और लाल सेना के लॉन्ग मार्च की विजय की 90वीं वर्षगांठ का उल्लेख करते हुए कहा कि यह वर्ष चीनी जन मुक्ति सेना के शताब्दी लक्ष्य को हासिल करने के प्रयासों में महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि पीएलए चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के नेतृत्व का पालन करते हुए राष्ट्रीय रक्षा और सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण को उच्च गुणवत्ता के साथ आगे बढ़ाएगी। उन्होंने सेना की युद्ध क्षमता को मजबूत करने और आधुनिक सैन्य तकनीक के विकास को तेज करने पर जोर दिया।
शी चिनफिंग के नेतृत्व में सेना की भूमिका पर जोर
डोंग जून ने कहा कि चीनी सेना शी चिनफिंग के विचारों के मार्गदर्शन में राजनीतिक निर्माण को मजबूत करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि पार्टी की दिशा ही सेना की दिशा हो।उन्होंने कहा कि सेना देश की संप्रभुता, सुरक्षा और विकास हितों की रक्षा के अपने मिशन को पूरा करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
ताइवान मुद्दे पर कड़ा संदेश
अपने संबोधन में चीनी रक्षा मंत्री ने ताइवान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि चीनी सेना किसी भी प्रकार की “ताइवान स्वतंत्रता” अलगाववादी गतिविधियों और विदेशी सैन्य हस्तक्षेप को विफल करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि सेना मातृभूमि के पुनर्मिलन की रक्षा करने वाली मजबूत ताकत के रूप में काम करेगी और राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा के लिए अपनी जिम्मेदारी निभाएगी।
वैश्विक सुरक्षा में भूमिका निभाने का दावा
डोंग जून ने कहा कि चीनी सेना अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय शांति एवं स्थिरता को बनाए रखने के लिए समान विचारधारा वाले देशों के साथ सहयोग करने को तैयार है। उन्होंने कहा कि वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों से निपटने और शांति व्यवस्था को मजबूत करने के लिए चीन की सेना अपनी जिम्मेदारियों को निभाती रहेगी।
99 साल की यात्रा के बाद शताब्दी लक्ष्य पर नजर
चीनी जन मुक्ति सेना की स्थापना 1927 में हुई थी और अब वह अपनी स्थापना के 99वें वर्ष में प्रवेश कर चुकी है। चीन वर्ष 2027 तक अपनी सेना को विश्वस्तरीय सैन्य शक्ति बनाने के लक्ष्य पर काम कर रहा है। इस मौके पर दिए गए संदेश में सैन्य आधुनिकीकरण, राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक क्षमता बढ़ाने को प्रमुख प्राथमिकताओं के रूप में पेश किया गया।
(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग)





