भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को बिकवाली का दबाव देखने को मिला। एक्सपायरी के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ा रहा, वहीं मिडिल ईस्ट में कूटनीतिक समाधान को लेकर बनी अनिश्चितता ने निवेशकों का भरोसा प्रभावित किया। कारोबार के अंत में BSE सेंसेक्स 539.35 अंक यानी 0.70% गिरकर 76,933.59 पर बंद हुआ। वहीं NSE निफ्टी 50 में 116.90 अंक यानी 0.48% की गिरावट आई और यह 24,090.85 पर बंद हुआ।
एक्सपायरी और वैश्विक तनाव ने बाजार की चाल पर डाला असर
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के रिसर्च प्रमुख विनोद नायर के मुताबिक, आने वाले समय में बाजार सीमित दायरे में रह सकता है। एक्सपायरी से जुड़ी हलचल और मिडिल ईस्ट में समाधान की कमी बाजार पर दबाव बनाए हुए है। हालांकि कच्चे तेल की कीमतों और लंबी अवधि के बॉन्ड यील्ड में हालिया नरमी से महंगाई के मोर्चे पर कुछ राहत मिल रही है। विदेशी संस्थागत निवेश और कंपनियों के बेहतर नतीजे भारतीय शेयरों के लिए सकारात्मक बने हुए हैं।
फार्मा में तेजी, मेटल और सरकारी बैंक शेयरों में गिरावट
गुरुवार को ज्यादातर सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में रहे। निफ्टी फार्मा 0.84% चढ़ा, जबकि निफ्टी प्राइवेट बैंक में 0.09% की मामूली तेजी रही। दूसरी ओर निफ्टी मेटल 0.86%, निफ्टी पीएसयू बैंक 0.94%, निफ्टी एफएमसीजी 0.47%, निफ्टी ऑटो 0.40% और निफ्टी आईटी 0.32% नीचे बंद हुए। निफ्टी में अडानी एंटरप्राइजेज 1.83% की बढ़त के साथ सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला शेयर रहा।
इन शेयरों में दिखी सबसे ज्यादा हलचल
निफ्टी के बढ़ने वाले प्रमुख शेयरों में कोटक महिंद्रा बैंक 1.80%, अडानी पोर्ट्स 1.33%, सिप्ला 1.23% और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स 1.01% ऊपर रहे। वहीं गिरावट वाले शेयरों में हिंदाल्को इंडस्ट्रीज सबसे आगे रहा, जिसमें 2.75% की कमजोरी आई। एचडीएफसी बैंक 2.23%, महिंद्रा एंड महिंद्रा 2.01%, श्रीराम फाइनेंस 1.48% और ग्रासिम इंडस्ट्रीज 1.27% नीचे रहे।
एशियाई बाजारों में भी मिला-जुला कारोबार
हेज्ड.इन के रियांक अरोड़ा के अनुसार, गुरुवार की गिरावट के बावजूद बाजार की बड़ी तस्वीर अभी कमजोर नहीं हुई है। हाल की तेजी के बाद मुनाफावसूली देखने को मिली है। एशिया के बाजारों में जापान का निक्केई 0.20% और हांगकांग का हैंग सेंग 0.41% गिरा। इसके उलट दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1.51% और शंघाई कंपोजिट 1.11% चढ़ा। ताइवान इंडेक्स में भी 0.31% की बढ़त रही।
निवेशकों की नजर अब फेड और कच्चे तेल पर
बाजार की अगली दिशा तय करने में अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयर के जैक्सन होल संबोधन की अहम भूमिका रह सकती है। निवेशक महंगाई, ब्याज दर और आगे की मौद्रिक नीति को लेकर संकेत तलाशेंगे। इस बीच ब्रेंट क्रूड 88.36 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था और इसमें 0.60% की तेजी रही। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत कंपनियों में गिरावट के दौरान खरीदारी की रणनीति अपनाई जा सकती है, लेकिन जोखिम को ध्यान में रखना जरूरी होगा।





