Stock Market Today: एशियाई बाजारों में बिकवाली के बीच भारतीय बाजार ने दिखाई मजबूती, सेंसेक्स-निफ्टी हरे निशान में खुले

वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के बावजूद भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार को सकारात्मक शुरुआत की। कारोबार के शुरुआती घंटों में निवेशकों ने घरेलू बाजार में खरीदारी दिखाई, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी दोनों बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए। खास बात यह रही कि एशियाई बाजारों में बड़ी गिरावट के बावजूद भारतीय बाजार ने मजबूती दिखाई और चुनिंदा सेक्टरों के शेयरों ने बाजार को सहारा दिया।

घरेलू बाजार में एफएमसीजी, बैंकिंग और ऑटो शेयरों ने संभाली कमान

कारोबार की शुरुआत में सेंसेक्स 227 अंक की बढ़त के साथ 77,150 के स्तर तक पहुंच गया, जबकि निफ्टी 94 अंक चढ़कर 24,100 के करीब कारोबार करता दिखा। बाजार में खरीदारी का सबसे ज्यादा असर एफएमसीजी, बैंकिंग और ऑटो सेक्टर में देखने को मिला। Hindustan Unilever, ITC, Maruti Suzuki, SBI और Kotak Bank जैसे दिग्गज शेयरों में तेजी दर्ज की गई। हालांकि आईटी सेक्टर दबाव में रहा और TCS तथा Infosys जैसे शेयरों में कमजोरी देखने को मिली।

दक्षिण कोरिया में बड़ी गिरावट, एशियाई बाजारों पर बढ़ा दबाव

एशियाई शेयर बाजारों में आज भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। सबसे अधिक दबाव दक्षिण कोरिया के Kospi Index पर रहा, जहां शुरुआती कारोबार में 6.67% से 7% तक की गिरावट दर्ज की गई। SK Hynix और Samsung जैसी प्रमुख चिप कंपनियों के शेयर 6.2% तक टूट गए। हालात इतने बिगड़े कि बाजार में कुछ समय के लिए ट्रेडिंग रोकनी पड़ी। Kosdaq भी 3.55% नीचे रहा, जबकि जापान का Nikkei 225 करीब 0.70% फिसला। केवल Topix इंडेक्स में 0.13% की मामूली बढ़त दर्ज की गई।

अमेरिकी टेक शेयरों में बिकवाली का असर भारतीय आईटी सेक्टर पर पड़ा

बुधवार रात अमेरिकी बाजारों में टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों में तेज मुनाफावसूली देखने को मिली। Micron Technology और Sandisk के शेयर 10% से अधिक टूट गए, जबकि Nvidia और Broadcom में भी गिरावट रही। इसका असर अमेरिकी सूचकांकों पर भी दिखा। S&P 500 में 0.22% की गिरावट रही, Nasdaq Composite 0.66% टूटकर 26,040.03 पर बंद हुआ। वहीं Dow Jones ने रिकॉर्ड स्तर छूने के बाद 0.03% की हल्की कमजोरी के साथ कारोबार समाप्त किया।

कच्चा तेल और डॉलर इंडेक्स में नरमी, रुपये पर बना दबाव

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट जारी रही। ब्रेंट क्रूड करीब 1.02% टूटकर 70.84 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि WTI Crude 1.21% गिरकर 67.75 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा। दूसरी ओर, अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) 0.02% गिरकर 101.40 पर रहा। इसके बावजूद भारतीय रुपया दबाव में रहा और 1 जुलाई को डॉलर के मुकाबले 0.60% कमजोर होकर 95.24 के स्तर पर बंद हुआ।

 

 

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