भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला बुधवार को भी जारी रहा। पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और विदेशी निवेशकों की बिकवाली जैसे कई कारणों ने बाजार का माहौल कमजोर कर दिया है। कारोबार शुरू होते ही सेंसेक्स 600 अंकों से ज्यादा नीचे दिखाई दिया। हालांकि, बाजार में जारी इस कमजोरी के बीच विशेषज्ञ इसे लंबी अवधि के निवेशकों के लिए खरीदारी का अवसर भी मान रहे हैं।
सेंसेक्स 600 अंक से ज्यादा फिसला, निफ्टी की भी कमजोर शुरुआत ने निवेशकों की बढ़ाई चिंता
बुधवार के शुरुआती कारोबार में 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 75,216.22 के स्तर पर लाल निशान में खुला। वहीं, 50 शेयरों वाला निफ्टी 23,522.05 पर कारोबार की शुरुआत करता दिखाई दिया। सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में IT शेयरों पर खास दबाव नजर आया। इन्फोसिस में 4.26 फीसदी की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई और इसका शेयर 1,036.85 रुपये के आसपास कारोबार करता दिखा। बाजार की लगातार कमजोरी से निवेशकों के बीच चिंता का माहौल बना हुआ है।
मंगलवार की भारी गिरावट के बाद भी बाजार को नहीं मिली राहत, सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में बंद हुए
इससे पहले मंगलवार यानी 8 सितंबर को भी घरेलू शेयर बाजार में जोरदार बिकवाली देखने को मिली थी। कारोबार की शुरुआत में सेंसेक्स 300 अंकों से ज्यादा नीचे था और सुबह 9:17 बजे यह 75,811.62 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। निफ्टी भी कमजोरी के साथ 23,743.10 पर खुला था। दिन के अंत में सेंसेक्स 555.23 अंक यानी 0.73 फीसदी गिरकर 75,577.58 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी में 144.05 अंक यानी 0.61 फीसदी की गिरावट आई और यह 23,635.10 पर बंद हुआ।
ईरान-अमेरिका तनाव और 100 डॉलर तक पहुंचा कच्चा तेल, बाजार पर पड़ा सीधा दबाव
बाजार में मौजूदा गिरावट के पीछे कई अंतरराष्ट्रीय और घरेलू कारण बताए जा रहे हैं। पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव निवेशकों की चिंता बढ़ा रहा है। इसके साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है और इसके 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने का असर भारतीय बाजार पर पड़ रहा है। इसके अलावा निवेशकों का रुख IPO बाजार की ओर बढ़ने से भी शेयर बाजार में उपलब्ध पूंजी पर दबाव पड़ रहा है।
IT शेयरों में तेज बिकवाली से बाजार को लगा झटका, ब्याज दरों को लेकर भी निवेशक सतर्क
बाजार की कमजोरी में IT कंपनियों के शेयरों की गिरावट भी अहम रही। इन्फोसिस, TCS और टेक महिंद्रा समेत कई IT शेयर दबाव में नजर आए। फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर उम्मीदों ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ाई है। इसके साथ ही विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली बाजार पर अतिरिक्त दबाव डाल रही है। NSE के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी निवेशकों ने मंगलवार को भारतीय शेयरों में 123 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की।
रुपये की कमजोरी ने भी बढ़ाई मुश्किल, गिरते बाजार के बीच निवेशकों के लिए क्या है संकेत
शेयर बाजार के साथ भारतीय रुपया भी दबाव में रहा। शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 14 पैसे कमजोर होकर 94.88 के स्तर पर पहुंच गया। यानी पश्चिम एशिया का तनाव, महंगा कच्चा तेल, विदेशी निवेशकों की बिकवाली, IT शेयरों में कमजोरी और रुपये की गिरावट मिलकर बाजार पर दबाव बना रहे हैं। हालांकि, मौजूदा गिरावट को लेकर विशेषज्ञों का एक वर्ग मानता है कि मजबूत कंपनियों में लंबी अवधि के नजरिए से निवेश करने वालों के लिए ऐसे कमजोर बाजार में बेहतर अवसर बन सकते हैं।