बॉलीवुड की ‘चांदनी’ श्रीदेवी की खूबसूरती का ऐसा असर कि अदालत तक में उमड़ पड़ी थी भीड़, वरिष्ठ वकील माजिद मेमन ने सुनाया दिलचस्प किस्सा
बॉलीवुड सितारों की लोकप्रियता के कई किस्से सुनने को मिलते हैं। प्रशंसक अपने पसंदीदा कलाकार की एक झलक पाने के लिए घंटों इंतजार करते हैं, लेकिन क्या आपने कभी सुना है कि किसी जज ने किसी अभिनेत्री को सिर्फ देखने की इच्छा के कारण कोर्ट में बुला लिया हो? सुनने में यह किसी फिल्मी कहानी जैसा लगता है, लेकिन वरिष्ठ अधिवक्ता और पूर्व सांसद माजिद मेमन ने दिवंगत अभिनेत्री श्रीदेवी से जुड़ा ऐसा ही एक रोचक प्रसंग साझा किया।
यह घटना उस दौर की है, जब श्रीदेवी भारतीय सिनेमा की सबसे लोकप्रिय और सफल अभिनेत्रियों में शुमार थीं। उनकी फिल्मों का जादू बॉक्स ऑफिस पर चलता था और उनकी खूबसूरती व अभिनय के करोड़ों लोग दीवाने थे। बताया जाता है कि उनकी लोकप्रियता सिर्फ आम लोगों तक सीमित नहीं थी, बल्कि प्रभावशाली और प्रतिष्ठित लोग भी उनके प्रशंसकों में शामिल थे।
वरिष्ठ वकील माजिद मेमन ने एक बातचीत के दौरान बताया कि वह एक मामले में श्रीदेवी की ओर से अदालत में पैरवी कर रहे थे। उस समय अभिनेत्री के खिलाफ एक कानूनी प्रक्रिया चल रही थी, जिसके दौरान उन्होंने अदालत से राहत देने की मांग की थी। मेमन के अनुसार, उन्होंने अदालत में श्रीदेवी की व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट दिलाने का प्रयास किया, लेकिन न्यायाधीश ने इस आग्रह को स्वीकार नहीं किया और अभिनेत्री की अदालत में मौजूदगी पर जोर दिया।
माजिद मेमन के मुताबिक, उस समय ऐसा महसूस हो रहा था कि न्यायाधीश स्वयं भी श्रीदेवी को एक बार देखना चाहते थे। इसी कारण अदालत से उन्हें समन जारी किया गया और व्यक्तिगत रूप से पेश होने के लिए कहा गया। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है और इसे मेमन द्वारा साझा किए गए व्यक्तिगत अनुभव के रूप में ही देखा जाता है।
जब श्रीदेवी अदालत पहुंचीं तो वहां का नजारा किसी फिल्मी प्रीमियर से कम नहीं था। कोर्ट परिसर में अभिनेत्री की एक झलक पाने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुट गए। देखते ही देखते भारी भीड़ जमा हो गई और हालात ऐसे बन गए कि व्यवस्था बनाए रखना मुश्किल हो गया। सुरक्षा व्यवस्था पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ा। अदालत परिसर में मौजूद लोग सिर्फ श्रीदेवी को देखने के लिए उत्सुक थे।
यह घटना उस दौर में श्रीदेवी की अपार लोकप्रियता का प्रतीक मानी जाती है। 1980 और 1990 के दशक में श्रीदेवी भारतीय फिल्म उद्योग की सबसे बड़ी सुपरस्टार थीं। हिंदी फिल्मों के अलावा तमिल, तेलुगु, मलयालम और कन्नड़ फिल्मों में भी उन्होंने शानदार अभिनय किया। ‘चांदनी’, ‘मिस्टर इंडिया’, ‘चालबाज’, ‘नगीना’, ‘लम्हे’ और ‘जुदाई’ जैसी फिल्मों ने उन्हें देशभर में असाधारण पहचान दिलाई।
माजिद मेमन का बॉलीवुड से भी पुराना और गहरा रिश्ता रहा है। उन्होंने बताया कि कॉलेज के दिनों से ही उनकी कई फिल्मी हस्तियों से पहचान थी। वह अक्सर संगीतकार नौशाद के घर जाया करते थे, जहां उनकी मुलाकात दिलीप कुमार, सुनील दत्त और अन्य दिग्गज कलाकारों से होती थी। वकालत के पेशे में आने के बाद भी उनका फिल्म जगत से संपर्क बना रहा और उन्होंने कई चर्चित कलाकारों के कानूनी मामलों में पैरवी की।
श्रीदेवी का व्यक्तित्व सिर्फ उनकी सुंदरता तक सीमित नहीं था। वह अपनी सहजता, अनुशासन और अभिनय प्रतिभा के लिए भी जानी जाती थीं। उन्होंने भारतीय सिनेमा में महिला प्रधान फिल्मों को नई पहचान दिलाई और कई दशकों तक दर्शकों के दिलों पर राज किया। वर्ष 2018 में उनके निधन ने फिल्म जगत और उनके करोड़ों प्रशंसकों को गहरा झटका दिया, लेकिन उनकी लोकप्रियता आज भी बरकरार है।
माजिद मेमन द्वारा साझा किया गया यह किस्सा आज भी चर्चा में रहता है। यह न केवल श्रीदेवी की असाधारण लोकप्रियता को दर्शाता है, बल्कि उस दौर के स्टारडम की झलक भी पेश करता है, जब किसी सुपरस्टार की एक झलक पाने के लिए हजारों लोग उमड़ पड़ते थे। हालांकि, यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि न्यायाधीश की मंशा को लेकर किया गया उल्लेख मेमन के व्यक्तिगत अनुभव और बयान पर आधारित है, न कि किसी आधिकारिक न्यायिक रिकॉर्ड पर। इसलिए इसे एक चर्चित संस्मरण के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
श्रीदेवी भले आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनसे जुड़े ऐसे दिलचस्प किस्से उनके व्यक्तित्व, लोकप्रियता और भारतीय सिनेमा में उनके अमिट योगदान की याद हमेशा ताजा करते रहेंगे।