लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची को दुरुस्त करने और पात्र नागरिकों को मतदान का अधिकार दिलाने के लिए चुनाव आयोग ने शनिवार, 24 अक्टूबर को विशेष शिविर लगाए हैं। प्रदेश के सभी जिलों में आयोजित इन शिविरों में करीब 1.77 लाख बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान केंद्रों पर मौजूद रहेंगे। इस अभियान का उद्देश्य पहली बार मतदाता बनने वाले युवाओं के साथ उन लोगों को भी सूची में शामिल करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाना है, जिनके नाम विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद छूट गए हैं।
यूपी में वोटर लिस्ट पर विशेष अभियान
9 लाख नवविवाहिताओं के नाम जोड़ने की चुनौती
प्रदेश के सभी मतदान केंद्रों पर विशेष शिविर 1.77 लाख बीएलओ संभालेंगे जिम्मेदारी
SIR ..छूटे मतदाताओं को नाम जुड़वाने का मौका
नवविवाहिताओं के नाम जुड़वाना बड़ी चुनौती
उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में करीब सवा करोड़ लोग अब तक किसी कारण से मतदाता नहीं बन पाए हैं। इनमें लगभग नौ लाख महिलाएं ऐसी बताई गई हैं, जो शादी के बाद ससुराल आ गईं, लेकिन मायके की मतदाता सूची से नाम कटने के बाद ससुराल की सूची में उनका नाम दर्ज नहीं हो पाया। विशेष शिविरों में ऐसे पात्र मतदाताओं को नाम जुड़वाने और विवरण में सुधार कराने का अवसर मिलेगा।
एसआईआर के बाद छूटे मतदाताओं पर नजर
रिपोर्ट के अनुसार, एसआईआर से पहले मतदाता सूची में शामिल रहे करीब 2.89 करोड़ लोगों के नाम अंतिम प्रारूप सूची में नहीं हैं। चुनाव आयोग ने इन नामों को अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या दोहरे पंजीकरण जैसी श्रेणियों से जोड़कर चिह्नित किया था। अब इन मतदाताओं की स्थिति की जांच और पात्र लोगों के नाम जोड़ने की प्रक्रिया पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
कौन-सा फॉर्म भरना होगा?
- फॉर्म-6: नया नाम जुड़वाने के लिए।
- फॉर्म-7: मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए।
- फॉर्म-8: नाम-पते सहित विवरण में सुधार या स्थानांतरण के लिए।
- फॉर्म-6A: विदेश में रहने वाले पात्र भारतीय नागरिकों के मतदाता पंजीकरण के लिए।
पात्र नागरिक अपने मतदान केंद्र पर बीएलओ से संपर्क कर सकते हैं। आवेदन ऑनलाइन भी चुनाव आयोग के मतदाता सेवा पोर्टल voters.eci.gov.in या ईसीआईनेट मोबाइल ऐप के माध्यम से किया जा सकता है।
बीजेपी और सपा भी सक्रिय
मतदाता सूची के इस अभियान के बीच राजनीतिक दलों ने भी अपने बूथ स्तरीय एजेंटों को सक्रिय किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने एजेंटों को प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में कम से कम 27 हजार नए और वैध मतदाता जोड़ने का लक्ष्य दिया है। वहीं, बीजेपी ने भी बूथ स्तर पर काम तेज करने के निर्देश दिए हैं। उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची का यह अभियान प्रशासनिक प्रक्रिया के साथ राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। हालांकि, नए नाम जुड़ने और छूटे मतदाताओं की स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही तस्वीर साफ होगी। पात्र नागरिकों के लिए जरूरी है कि वे अपना नाम मतदाता सूची में जांचें और आवश्यकता होने पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन करें।