लंबे इंतजार के बाद शिक्षामित्रों के लिए राहत भरी खबर, मानदेय में बढ़ोतरी लागू
प्रदेश के परिषदीय स्कूलों में कार्यरत शिक्षामित्रों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। सरकार ने उनके मानदेय को बढ़ाकर 18 हजार रुपये प्रति माह कर दिया है। इस फैसले से हजारों शिक्षामित्रों को सीधा लाभ मिलेगा और उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
भुगतान सुनिश्चित करने के लिए 250 करोड़ रुपये की राशि जारी
सरकार ने शिक्षामित्रों के मानदेय के भुगतान में किसी तरह की देरी न हो, इसके लिए 250 करोड़ रुपये का बजट जारी कर दिया है। यह धनराशि बेसिक शिक्षा निदेशालय के माध्यम से सभी जिलों को भेज दी गई है, ताकि समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जा सके।
इसी महीने से मिलेगा बढ़ा हुआ मानदेय, जिलों को दिए गए स्पष्ट निर्देश
आदेश के अनुसार, शिक्षामित्रों को इसी माह से 18 हजार रुपये का भुगतान शुरू हो जाएगा। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता और समयबद्धता बनाए रखें, जिससे किसी भी स्तर पर देरी न हो।
धनराशि का उपयोग केवल मानदेय भुगतान में ही होगा, अन्य मद में खर्च पर रोक
बेसिक शिक्षा विभाग ने साफ कर दिया है कि जारी की गई राशि का उपयोग केवल शिक्षामित्रों के मानदेय के भुगतान के लिए ही किया जाएगा। इसके अलावा समग्र शिक्षा अभियान के तहत भी अलग से धनराशि जारी की जाएगी।
किस्तों में निकासी और उपयोगिता प्रमाण पत्र जरूरी, निगरानी रखेगा विभाग
जिलों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे पूरी राशि एक बार में न निकालें, बल्कि जरूरत के अनुसार हर महीने राजकोष से धनराशि निकालें। साथ ही अगली किस्त जारी होने से पहले खर्च की गई रकम का उपयोगिता प्रमाण पत्र देना अनिवार्य होगा, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे।