भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को लगातार दूसरे दिन मजबूती देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों हरे निशान में खुले और निवेशकों का उत्साह साफ नजर आया। वैश्विक स्तर पर तनाव कम होने, विदेशी निवेश बढ़ने और भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर सकारात्मक संकेतों ने बाजार में खरीदारी का माहौल बना दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों में सुधार और विदेशी पूंजी का प्रवाह आने वाले दिनों में भी बाजार को मजबूती दे सकता है।
अमेरिका-ईरान समझौते ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया, वैश्विक बाजारों में लौटी तेजी
हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की खबरों ने वैश्विक निवेशकों की चिंता को काफी हद तक कम किया है। लंबे समय से मध्य पूर्व में जारी तनाव के कारण निवेशक सतर्क थे, लेकिन अब हालात सामान्य होने की उम्मीद ने दुनिया भर के बाजारों में सकारात्मक माहौल बनाया है। इसका असर एशियाई बाजारों पर भी दिखाई दिया, जहां कई प्रमुख इंडेक्स मजबूती के साथ कारोबार करते नजर आए। भारतीय बाजार ने भी इसी सकारात्मक संकेत को पकड़ते हुए बढ़त के साथ शुरुआत की।
विदेशी निवेशकों के लिए आसान हुए नियम, भारतीय बाजार में बढ़ी दिलचस्पी
भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा विदेशी व्यक्तिगत निवेशकों को भारतीय शेयरों में सीधे निवेश की अनुमति दिए जाने के बाद बाजार में नई ऊर्जा देखने को मिल रही है। इस फैसले से विदेशी निवेशकों के लिए भारतीय बाजार तक पहुंच आसान हुई है। आर्थिक जानकारों का मानना है कि इससे देश में दीर्घकालिक विदेशी पूंजी निवेश बढ़ सकता है। यही कारण है कि बाजार में निवेशकों का विश्वास मजबूत हुआ है और कई सेक्टरों में खरीदारी का दबाव दिखाई दे रहा है।
बॉन्ड बाजार में रिकॉर्ड निवेश ने भी दिया बाजार को सहारा
सरकार द्वारा विदेशी निवेशकों के लिए कर नियमों में राहत दिए जाने का असर अब साफ दिखने लगा है। जून महीने में भारतीय बॉन्ड बाजार में करीब 1.84 अरब डॉलर का निवेश दर्ज किया गया, जो पिछले 16 महीनों का सबसे ऊंचा स्तर माना जा रहा है। लॉन्ग टर्म और शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स में राहत तथा ब्याज आय पर कर भार कम होने से विदेशी निवेशकों की रुचि बढ़ी है। इसका सकारात्मक असर शेयर बाजार की धारणा पर भी पड़ा है।
एशियाई और अमेरिकी बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत
दुनिया के प्रमुख बाजारों में भी निवेशकों का मूड बेहतर नजर आया। जापान का निक्केई इंडेक्स हाल ही में रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचने में सफल रहा, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी भी मजबूती के साथ खुला। अमेरिका में डॉव जोन्स, एसएंडपी 500 और नैस्डैक जैसे प्रमुख सूचकांकों ने भी मजबूत प्रदर्शन किया। तकनीकी और रक्षा क्षेत्र की कंपनियों में आई तेजी ने अमेरिकी बाजारों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया, जिसका असर वैश्विक निवेश भावना पर दिखाई दिया।
कच्चे तेल की कीमतों पर नजर, आगे की दिशा तय करेंगे वैश्विक संकेत
हालांकि बाजार में तेजी का माहौल है, लेकिन निवेशकों की नजर अभी भी कच्चे तेल की कीमतों और प्रमुख केंद्रीय बैंकों के फैसलों पर बनी हुई है। ब्रेंट और डब्ल्यूटीआई क्रूड की कीमतें बढ़त के साथ कारोबार कर रही हैं, लेकिन अभी भी महत्वपूर्ण स्तरों से नीचे बनी हुई हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि वैश्विक तनाव नियंत्रित रहता है और विदेशी निवेश का प्रवाह जारी रहता है तो भारतीय शेयर बाजार में आने वाले दिनों में और मजबूती देखने को मिल सकती है। फिलहाल निवेशकों के लिए माहौल सकारात्मक दिखाई दे रहा है और बाजार नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ता नजर आ रहा है।





