घरेलू शेयर बाजार में बुधवार को कारोबार की शुरुआत भारी गिरावट के साथ हुई। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में जारी उतार-चढ़ाव का असर भारतीय बाजार पर साफ दिखाई दिया। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 700 अंकों से ज्यादा नीचे चला गया, जबकि निफ्टी भी दबाव में नजर आया। बाजार में चौतरफा बिकवाली के चलते निवेशकों को कुछ ही समय में करीब 5.60 लाख करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा।
पश्चिम एशिया के तनाव और तेल की कीमतों ने बाजार का बिगाड़ा माहौल
बुधवार को शेयर बाजार की शुरुआत निवेशकों के लिए निराशाजनक रही। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ी हुई है। इसके साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव ने भारतीय बाजार की चिंता बढ़ा दी। इन दोनों वजहों का असर घरेलू शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों पर पड़ा और कारोबार शुरू होते ही बिकवाली तेज हो गई।
सेंसेक्स में 700 अंकों से ज्यादा की गिरावट, सभी 30 शेयर लाल निशान में
बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 700 अंकों से अधिक फिसलकर 76,471.32 के स्तर के नीचे पहुंच गया। बाजार में बिकवाली का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सेंसेक्स में शामिल सभी 30 शेयर लाल निशान में कारोबार करते दिखाई दिए। इनमें इंडिगो और इन्फोसिस के शेयरों में सबसे ज्यादा कमजोरी नजर आई। निवेशकों की बिकवाली के कारण बाजार पर दबाव लगातार बना रहा।
निफ्टी भी गिरा, 23,800 के आसपास कारोबार करता नजर आया
दूसरी ओर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक निफ्टी भी गिरावट के साथ कारोबार करता दिखा। शुरुआती दौर में निफ्टी 23,820.50 के स्तर तक पहुंच गया। सुबह 9 बजकर 38 मिनट पर निफ्टी 217.80 अंक यानी 0.91 फीसदी की गिरावट के साथ 23,838.00 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। इस दौरान इसका दिन का उच्चतम स्तर 23,882.95 और निचला स्तर 23,786.80 रहा।
सेंसेक्स 629 अंक टूटा, 76,315 के आसपास रहा बाजार
सुबह 9 बजकर 38 मिनट पर सेंसेक्स 629.18 अंक यानी 0.82 फीसदी की गिरावट के साथ 76,315.10 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। इस दौरान सेंसेक्स का ऊपरी स्तर 76,521.67 और निचला स्तर 76,135.72 रहा। शुरुआती उतार-चढ़ाव में बाजार लगातार दबाव में रहा और निवेशकों की नजर आगे के कारोबार पर टिकी रही।
बाजार गिरने से 5.60 लाख करोड़ रुपये घटा निवेशकों का कुल मूल्य
शेयर बाजार में आई इस तेज गिरावट का सीधा असर निवेशकों की संपत्ति पर पड़ा। बीएसई पर सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण करीब 5.60 लाख करोड़ रुपये कम हो गया। यानी बाजार खुलने के शुरुआती समय में ही निवेशकों की संपत्ति में लगभग 5.60 लाख करोड़ रुपये की कमी आ गई। अब बाजार की दिशा काफी हद तक वैश्विक घटनाक्रम, पश्चिम एशिया के तनाव और कच्चे तेल की कीमतों पर निर्भर रहने वाली है।