Thursday, October 22, 2026
  • Contact
India News
  • मुख्य समाचार
  • राजनीति
  • संपादक की पसंद
  • शहर और राज्य
    • उत्तर प्रदेश
      • आगरा
      • कानपुर
      • लखनऊ
      • मेरठ
    • छत्तीसगढ
      • जगदलपुर
      • बिलासपुर
      • भिलाई
      • रायपुर
    • दिल्ली
    • बिहार
      • पटना
    • मध्य प्रदेश
      • इंदौर
      • ग्वालियर
      • जबलपुर
      • भोपाल
    • महाराष्ट्र
      • नागपुर
      • नासिको
      • पुणे
      • मुंबई
    • राजस्थान
      • अजमेर
      • कोटा
      • जयपुर
      • जैसलमेर
      • जोधपुर
  • स्टार्टअप
  • कृषि
  • मनोरंजन
  • बिजनेस
  • धर्म
  • ऑटो
  • सरकारी नौकरी
  • वीडियो
No Result
View All Result
India News
Home मनोरंजन

सावन का महीना पवन करे शोर…दशकों बाद भी सावन में लोगों की पहली पसंद है यह गाना

DigitalDesk by DigitalDesk
August 7, 2026
in मनोरंजन, स्पेशल
0
:Sawan ka mahina pawan kare shor
0
SHARES
0
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterWhatsapp

Related posts

Daler Mehndi show Uttarakhand

उत्तराखंड के कुंजापुरी मेले में दलेर मेहंदी का शो… धामी के मंत्री ने मंच पर लगाई दलेर मेहंदी को फटकार

October 21, 2026
story of Deepu Kanwar Barmer

शादी, बेटी की परवरिश और जिम्मेदारियां… फिर भी जज बनने का सपना पूरा…बाड़मेर की दीपू कंवर की कहानी महिलाओं के लिए खास संदेश

October 21, 2026

सुनील दत्त-नूतन की सादगी, लता मंगेशकर और मुकेश की जादुई आवाज

आनंद बख्शी के बोल और लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल के संगीत ने रचा था इतिहास

भारतीय सिनेमा में ऐसे बहुत कम गीत हैं जो समय की सीमाओं को पार कर हर पीढ़ी के दिलों में अपनी जगह बनाए रखते हैं। 1967 में रिलीज हुई फिल्म “मिलन” का सदाबहार गीत “सावन का महीना पवन करे शोर” उन्हीं कालजयी गीतों में शामिल है। रिलीज के लगभग 59 वर्ष बाद भी यह गीत सावन और बारिश के मौसम की पहचान बना हुआ है। जैसे ही मानसून दस्तक देता है, रेडियो, टेलीविजन, सोशल मीडिया और म्यूजिक प्लेटफॉर्म पर यह गीत फिर से गूंजने लगता है। इसकी लोकप्रियता केवल इसकी धुन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके बोल, संगीत, गायकी और फिल्मांकन ने इसे हिंदी सिनेमा के इतिहास में एक अलग स्थान दिलाया है।

सावन की फुहारों के साथ लौट आता है यह गीत

भारतीय संस्कृति में सावन का महीना प्रेम, हरियाली और प्रकृति के उल्लास का प्रतीक माना जाता है। यही वजह है कि फिल्मों में भी सावन पर आधारित गीतों की एक समृद्ध परंपरा रही है। लेकिन जब भी बारिश के सबसे लोकप्रिय गीतों की बात होती है, “सावन का महीना पवन करे शोर” का नाम सबसे पहले लिया जाता है।

इस गीत की खासियत यह है कि इसमें प्रकृति, प्रेम और भावनाओं का ऐसा सहज मेल दिखाई देता है, जो हर दौर के श्रोताओं को आकर्षित करता है। यही कारण है कि यह गीत नई पीढ़ी के बीच भी उतना ही लोकप्रिय है जितना अपने दौर में था।

आनंद बख्शी के सरल शब्दों का कमाल

गीतकार आनंद बख्शी ने इस गीत के बोल बेहद सरल लेकिन प्रभावशाली अंदाज में लिखे। उन्होंने सावन की फुहारों, बहती हवा और प्रेम की भावनाओं को ऐसे शब्द दिए जो सीधे दिल तक पहुंचते हैं।

उनकी लेखनी की सबसे बड़ी विशेषता यही रही कि कठिन भावनाओं को भी आम बोलचाल की भाषा में प्रस्तुत किया। यही वजह है कि यह गीत केवल सुनने में मधुर नहीं लगता, बल्कि गुनगुनाने में भी बेहद सहज है।

लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल का अमर संगीत

हिंदी फिल्म संगीत की सबसे सफल संगीतकार जोड़ियों में शामिल लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने इस गीत को ऐसी धुन दी, जिसने इसे सदाबहार बना दिया।

गीत का संगीत भारतीय लोकधुनों की मिठास और शास्त्रीय संगीत की गंभीरता का सुंदर मेल प्रस्तुत करता है। बारिश के मौसम का अहसास कराने वाली धुन और सादगी से भरा ऑर्केस्ट्रेशन आज भी श्रोताओं को उसी तरह आकर्षित करता है, जैसे छह दशक पहले करता था।

लता मंगेशकर और मुकेश की आवाज का जादू

इस गीत की सबसे बड़ी ताकत इसकी गायकी मानी जाती है। स्वर कोकिला लता मंगेशकर और मुकेश की आवाज ने इस गीत को अमर बना दिया।

मुकेश की भावपूर्ण गायकी और लता मंगेशकर की मधुर आवाज का ऐसा संतुलन इस गीत में देखने को मिलता है, जो आज भी संगीत प्रेमियों को भावुक कर देता है। दोनों गायकों की अभिव्यक्ति ने गीत के भावों को जीवंत बना दिया। यही कारण है कि यह गीत पुराने फिल्म संगीत के सबसे लोकप्रिय युगल गीतों में गिना जाता है।

सुनील दत्त और नूतन की सादगी ने जीता दिल

फिल्म “मिलन” में इस गीत को अभिनेता सुनील दत्त और अभिनेत्री नूतन पर फिल्माया गया था।

दोनों कलाकारों की सहज अदाकारी, मासूम मुस्कान और स्वाभाविक अभिनय ने गीत को और भी प्रभावशाली बना दिया। बिना किसी भव्य सेट या आधुनिक तकनीक के केवल अभिनय, भावनाओं और प्राकृतिक वातावरण के सहारे फिल्माया गया यह गीत आज भी ताजगी का एहसास कराता है। गीत की सादगी बन गई सबसे बड़ी ताकत

फिल्म ‘मिलन’ भी रही थी सुपरहिट

1967 में रिलीज हुई फिल्म “मिलन” का निर्देशन अदुरथी सुब्बा राव ने किया था। फिल्म अपनी कहानी, संगीत और अभिनय के कारण उस दौर की सफल फिल्मों में शामिल रही।

फिल्म के लगभग सभी गीत लोकप्रिय हुए, लेकिन “सावन का महीना पवन करे शोर” ने सबसे अधिक पहचान बनाई। इस गीत ने फिल्म की सफलता में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

हर पीढ़ी की प्लेलिस्ट में शामिल

डिजिटल दौर में भी इस गीत की लोकप्रियता कम नहीं हुई है। आज भी सावन के महीने में यह गीत रेडियो, एफएम चैनलों, टीवी कार्यक्रमों, यूट्यूब और विभिन्न म्यूजिक ऐप्स पर सबसे अधिक सुने जाने वाले क्लासिक गीतों में शामिल रहता है।

कई रियलिटी शो, सांस्कृतिक कार्यक्रम और संगीत प्रतियोगिताओं में भी इस गीत की प्रस्तुति देखने को मिलती है। यही इसकी कालजयी पहचान का सबसे बड़ा प्रमाण है।

क्यों आज भी नहीं हुआ पुराना?

विशेषज्ञ मानते हैं कि किसी भी गीत की लंबी उम्र केवल उसकी धुन या लोकप्रियता से तय नहीं होती, बल्कि उसकी भावनात्मक गहराई उसे पीढ़ियों तक जीवित रखती है।

“सावन का महीना पवन करे शोर” में प्रकृति, प्रेम, संगीत और भावनाओं का ऐसा संतुलन है, जो हर दौर के श्रोताओं को अपनी ओर आकर्षित करता है। यही कारण है कि 59 साल बाद भी यह गीत सावन की पहली फुहार के साथ लोगों की जुबान पर आ जाता है।

सावन का सदाबहार संगीत

समय बदला, संगीत का अंदाज बदला और तकनीक भी आधुनिक होती गई, लेकिन कुछ गीत ऐसे होते हैं जो हर दौर में अपनी चमक बरकरार रखते हैं। “सावन का महीना पवन करे शोर” ऐसा ही एक गीत है, जिसने भारतीय फिल्म संगीत के स्वर्णिम दौर को अमर बना दिया। आज भी जब बारिश की पहली बूंद गिरती है, तो यह गीत अनायास ही लोगों की यादों और प्लेलिस्ट दोनों में लौट आता है।

Tags: #Film Milan #Actor Sunil Dutt #Actress Nutan #Sawan – Most favorite song#Sawan ka mahina pawan kare shor
LIVE India News

लाइव इंडिया न्यूज 2016 से आप तक खबरें पंहुचा रहा है। लाइव इंडिया वेबसाइट का मकसद ब्रेकिंग, नेशनल, इंटरनेशनल, राजनीति, बिजनेस और अर्थतंत्र से जुड़े हर अपडेट्स सही समय पर देना है। देश के हिंदी भाषी राज्यों से रोजमर्रा की खबरों से लेकर राजनीति नेशनल व इंटरनेशनल मुद्दों से जुडी खबरें और उनके पीछे छुपे सवालों को बेधड़क सामने लाना, देश-विदेश के राजनैतिक, आर्थिक और सामाजिक मुद्दों का विश्लेषण बेबाकी से करना हमारा मकसद है।

Vihan Limelite Event & Entertainment Pvt Ltd
Regd Office Flat No 1
Mig 3 E 6
Arera Colony Bhopal

Branch Office
Main Road. Tikraparaa
Raipur CG

Director Deepti Chaurasia
Mobile No 7725016291

Email id - liveindianewsandviews@gmail.com

Currently Playing

मोदी-योगी की सवा घंटे की मुलाकात, यूपी में चुनावी गणित और संगठन की अगली चाल

Modi Yogi 75 minute meeting

मोदी-योगी की सवा घंटे की मुलाकात, यूपी में चुनावी गणित और संगठन की अगली चाल

उत्तर प्रदेश
अजीत अगरकर के बाद कौन बनेगा टीम इंडिया का नया चीफ सेलेक्टर?

अजीत अगरकर के बाद कौन बनेगा टीम इंडिया का नया चीफ सेलेक्टर?

मनोरंजन
हलफनामे में 3.82 करोड़ की संपत्ति, रोल्स रॉयस की कीमत 13 करोड़, मैथिली ठाकुर पर क्यों उठे सवाल?

हलफनामे में 3.82 करोड़ की संपत्ति, रोल्स रॉयस की कीमत 13 करोड़, मैथिली ठाकुर पर क्यों उठे सवाल?

स्पेशल

RSS feed: Unknown Feed Unknown Feed

  • Contact

© Copyright 2022,LIVE INDIA NEWS. All Rights Reserved | Email: Info@liveindia.news

No Result
View All Result
  • Home
  • मुख्य समाचार
  • शहर और राज्य
  • राजनीति
  • बिजनेस
  • संपादक की पसंद
  • मनोरंजन
  • स्टार्टअप
  • धर्म
  • कृषि

© Copyright 2022,LIVE INDIA NEWS. All Rights Reserved | Email: Info@liveindia.news

Go to mobile version