Wednesday, October 21, 2026
  • Contact
India News
  • मुख्य समाचार
  • राजनीति
  • संपादक की पसंद
  • शहर और राज्य
    • उत्तर प्रदेश
      • आगरा
      • कानपुर
      • लखनऊ
      • मेरठ
    • छत्तीसगढ
      • जगदलपुर
      • बिलासपुर
      • भिलाई
      • रायपुर
    • दिल्ली
    • बिहार
      • पटना
    • मध्य प्रदेश
      • इंदौर
      • ग्वालियर
      • जबलपुर
      • भोपाल
    • महाराष्ट्र
      • नागपुर
      • नासिको
      • पुणे
      • मुंबई
    • राजस्थान
      • अजमेर
      • कोटा
      • जयपुर
      • जैसलमेर
      • जोधपुर
  • स्टार्टअप
  • कृषि
  • मनोरंजन
  • बिजनेस
  • धर्म
  • ऑटो
  • सरकारी नौकरी
  • वीडियो
No Result
View All Result
India News
Home शहर और राज्य राजस्थान जयपुर

शादी, बेटी की परवरिश और जिम्मेदारियां… फिर भी जज बनने का सपना पूरा…बाड़मेर की दीपू कंवर की कहानी महिलाओं के लिए खास संदेश

DigitalDesk by DigitalDesk
October 21, 2026
in जयपुर, राजस्थान, स्पेशल
0
story of Deepu Kanwar Barmer
0
SHARES
0
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterWhatsapp

शादी हुई, घर-परिवार की जिम्मेदारियां बढ़ीं, बेटी की परवरिश का दायित्व भी आया… लेकिन एक सपना था, जो न जिम्मेदारियों के बोझ तले दबा और न ही असफलताओं के आगे झुका। राजस्थान के बाड़मेर की दीपू कंवर की कहानी उन महिलाओं के लिए खास संदेश है, जो परिवार और अपने करियर के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करती हैं। दीपू ने शादी के बाद भी कानून की पढ़ाई और न्यायिक सेवा में जाने का सपना नहीं छोड़ा। पहले प्रयास में साक्षात्कार में सफलता नहीं मिली, दूसरे प्रयास में मुख्य परीक्षा में निराशा हाथ लगी, लेकिन तीसरे प्रयास में उन्होंने गुजरात न्यायिक सेवा में 79वीं रैंक हासिल कर ली। यह कहानी केवल एक महिला के जज बनने की नहीं, बल्कि उस जिद, धैर्य और पारिवारिक सहयोग की भी है, जो किसी सपने को हकीकत में बदलने की ताकत देता है।

जिम्मेदारियों के बीच सपनों की उड़ान

Related posts

Daler Mehndi show Uttarakhand

उत्तराखंड के कुंजापुरी मेले में दलेर मेहंदी का शो… धामी के मंत्री ने मंच पर लगाई दलेर मेहंदी को फटकार

October 21, 2026
Even a minor change in the physical laws of the universe would make the existence of life impossible

पानी के बहाव में छिपा है जीवन के अस्तित्व का रहस्य!…जीवन के लिए तरल पदार्थों का प्रवाह क्यों जरूरी?

October 21, 2026

शादी के बाद भी नहीं छोड़ी पढ़ाई

तीसरे प्रयास में बनीं न्यायिक अधिकारी

परिवार का साथ, मेहनत से मिली मंजिल

दीपू कंवर की कहानी, महिलाओं के नाम

शादी के साथ भी जिंदा रहा सपना

दीपू कंवर की कहानी का सबसे अहम पहलू यह है कि उनकी शादी उस समय हुई, जब वह एलएलबी के दूसरे वर्ष में पढ़ रही थीं। आम तौर पर शादी के बाद महिलाओं की दिनचर्या और प्राथमिकताओं में बड़ा बदलाव आता है। घर-परिवार की जिम्मेदारियां, रिश्तों को निभाना और भविष्य की योजनाएं उनके समय और ऊर्जा का बड़ा हिस्सा बन जाती हैं। लेकिन दीपू अपने साथ ससुराल में घरेलू सामान के अलावा कानून की किताबें और जज बनने का सपना भी लेकर पहुंचीं। उनके ससुराल वालों ने उनकी पढ़ाई में सहयोग किया और उनके ससुर ने लगातार उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। यही सहयोग उनकी यात्रा का महत्वपूर्ण आधार बना।

असफलता आई, लेकिन इरादे नहीं बदले

साल 2021 में दीपू ने अदालत में वकालत की प्रैक्टिस शुरू की। वर्ष 2022 में पहली बार न्यायिक सेवा परीक्षा दी, लेकिन साक्षात्कार में सफलता नहीं मिली। वर्ष 2023 में मुख्य परीक्षा में भी उन्हें निराशा का सामना करना पड़ा। किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में असफलता मनोबल को प्रभावित कर सकती है, खासकर तब, जब तैयारी के साथ पारिवारिक जिम्मेदारियां भी निभानी हों। लेकिन दीपू ने अपनी असफलताओं को अंतिम परिणाम नहीं माना। उन्होंने तैयारी जारी रखी, अपनी कमियों पर काम किया और लक्ष्य से ध्यान नहीं हटने दिया। उनका सफर बताता है कि सफलता तक पहुंचने के लिए केवल प्रतिभा नहीं, बल्कि निरंतरता और खुद को बेहतर बनाने की इच्छा भी जरूरी है।

तीसरे प्रयास में मिली सफलता

लगातार प्रयासों के बाद वर्ष 2025 में दीपू कंवर ने गुजरात न्यायिक सेवा परीक्षा में 79वीं रैंक हासिल की और न्यायिक सेवा में चयन का अपना सपना पूरा किया। उनकी सफलता में उनकी मेहनत के साथ पति और सास-ससुर का सहयोग भी अहम रहा, जिसका श्रेय वह स्वयं अपने परिवार को देती हैं। यह पहलू इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि महिलाओं की प्रतिभा और क्षमता को आगे बढ़ने के अवसर तब अधिक मिलते हैं, जब परिवार उनकी आकांक्षाओं को समझता है और उन्हें समय, प्रोत्साहन तथा सहयोग देता है।

असली चुनौती सपने देखने की नहीं, उन्हें बचाए रखने की है

दीपू कंवर की कहानी को केवल प्रेरणादायक सफलता की कहानी कहकर आगे बढ़ जाना पर्याप्त नहीं होगा। इसके भीतर महिलाओं की शिक्षा, विवाह के बाद करियर की निरंतरता, घरेलू जिम्मेदारियों के बंटवारे और परिवार के सहयोग जैसे कई महत्वपूर्ण सवाल छिपे हैं।

पहला सवाल है कि क्या शादी के बाद महिलाओं के सपनों को अक्सर उनकी पारिवारिक भूमिकाओं के पीछे रख दिया जाता है? दूसरा सवाल यह है कि क्या परिवार महिलाओं की शिक्षा और करियर को उतना ही महत्व देता है, जितना परिवार के दूसरे सदस्यों के भविष्य को? और तीसरा सवाल यह है कि असफलता के समय महिलाओं को दोबारा प्रयास करने के लिए कितना प्रोत्साहन मिलता है?

दीपू की कहानी इन सवालों का एक सकारात्मक उदाहरण सामने रखती है। उनके ससुराल वालों का सहयोग बताता है कि परिवार की भूमिका केवल जिम्मेदारियां सौंपने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि सपनों को पूरा करने के लिए अनुकूल माहौल बनाने में भी होनी चाहिए।

यहां एक और महत्वपूर्ण बात समझनी होगी। महिलाओं की सफलता को केवल इसलिए असाधारण नहीं मानना चाहिए कि उन्होंने शादी की, बच्चा संभाला या घर की जिम्मेदारियां निभाईं। उनकी सफलता उनकी योग्यता, मेहनत और उपलब्धियों के आधार पर भी देखी जानी चाहिए। जरूरत ऐसे सामाजिक माहौल की है, जहां किसी महिला को अपने करियर और परिवार में से किसी एक को चुनने के लिए मजबूर न होना पड़े।

दीपू कंवर की उपलब्धि इसी दिशा में उम्मीद जगाती है। उनकी कहानी उन महिलाओं को प्रेरित कर सकती है, जो किसी परीक्षा में असफल होने के बाद या पारिवारिक परिस्थितियों के कारण अपने लक्ष्य से दूर हो रही हैं। साथ ही, यह परिवारों को भी सोचने का अवसर देती है कि सही समय पर दिया गया प्रोत्साहन किसी की जिंदगी की दिशा बदल सकता है।

दीपू कंवर ने तीसरे प्रयास में गुजरात न्यायिक सेवा में 79वीं रैंक हासिल कर यह साबित किया कि असफलताएं किसी सपने का अंत नहीं होतीं। लेकिन उनकी कहानी का संदेश केवल महिलाओं से मेहनत करने की अपील नहीं है। यह परिवार और समाज से भी अपेक्षा करती है कि महिलाओं के सपनों को बराबर का महत्व दिया जाए। क्योंकि जब किसी महिला को अपनी मेहनत के साथ अपनों का भरोसा भी मिलता है, तो उसकी संभावनाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलता है। बाड़मेर की दीपू कंवर की सफलता इसी भरोसे, संघर्ष और दृढ़ संकल्प की कहानी है। सपने देखना व्यक्तिगत हौसला है, लेकिन उन्हें पूरा करने का अवसर देना पूरे परिवार और समाज की साझा जिम्मेदारी है।

Tags: #Deepu Kanwar Barmer#Marriage raising #daughter and various responsibilities #fulfilled her dream #story of Deepu Kanwar Barmer
LIVE India News

लाइव इंडिया न्यूज 2016 से आप तक खबरें पंहुचा रहा है। लाइव इंडिया वेबसाइट का मकसद ब्रेकिंग, नेशनल, इंटरनेशनल, राजनीति, बिजनेस और अर्थतंत्र से जुड़े हर अपडेट्स सही समय पर देना है। देश के हिंदी भाषी राज्यों से रोजमर्रा की खबरों से लेकर राजनीति नेशनल व इंटरनेशनल मुद्दों से जुडी खबरें और उनके पीछे छुपे सवालों को बेधड़क सामने लाना, देश-विदेश के राजनैतिक, आर्थिक और सामाजिक मुद्दों का विश्लेषण बेबाकी से करना हमारा मकसद है।

Vihan Limelite Event & Entertainment Pvt Ltd
Regd Office Flat No 1
Mig 3 E 6
Arera Colony Bhopal

Branch Office
Main Road. Tikraparaa
Raipur CG

Director Deepti Chaurasia
Mobile No 7725016291

Email id - liveindianewsandviews@gmail.com

Currently Playing

मोदी-योगी की सवा घंटे की मुलाकात, यूपी में चुनावी गणित और संगठन की अगली चाल

Modi Yogi 75 minute meeting

मोदी-योगी की सवा घंटे की मुलाकात, यूपी में चुनावी गणित और संगठन की अगली चाल

उत्तर प्रदेश
अजीत अगरकर के बाद कौन बनेगा टीम इंडिया का नया चीफ सेलेक्टर?

अजीत अगरकर के बाद कौन बनेगा टीम इंडिया का नया चीफ सेलेक्टर?

मनोरंजन
हलफनामे में 3.82 करोड़ की संपत्ति, रोल्स रॉयस की कीमत 13 करोड़, मैथिली ठाकुर पर क्यों उठे सवाल?

हलफनामे में 3.82 करोड़ की संपत्ति, रोल्स रॉयस की कीमत 13 करोड़, मैथिली ठाकुर पर क्यों उठे सवाल?

स्पेशल

RSS feed: Unknown Feed Unknown Feed

  • Contact

© Copyright 2022,LIVE INDIA NEWS. All Rights Reserved | Email: Info@liveindia.news

No Result
View All Result
  • Home
  • मुख्य समाचार
  • शहर और राज्य
  • राजनीति
  • बिजनेस
  • संपादक की पसंद
  • मनोरंजन
  • स्टार्टअप
  • धर्म
  • कृषि

© Copyright 2022,LIVE INDIA NEWS. All Rights Reserved | Email: Info@liveindia.news

Go to mobile version