पटना। बिहार की राजधानी पटना की रहने वाली जुड़वां बहनें सबा और फ़रहा एक बार फिर चर्चा में हैं। जन्म से सिर से जुड़ी इन दोनों बहनों ने पिछले 22 वर्षों से एक-दूसरे के साथ ही जीवन बिताया है। बचपन में उनकी कहानी ने पूरे देश का ध्यान खींचा था। उस समय बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान और अबू धाबी के तत्कालीन क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन ज़ाएद अल नाहयान ने भी उनकी मदद के लिए पहल की थी।
सलमान खान और अबू धाबी के शाही परिवार ने बढ़ाया था मदद का हाथ
सबा-फ़रहा की जिंदगी आज भी आसान नहीं
22 साल से एक ही जिंदगी, दो बहनों का संघर्ष
साल 2005 में दोनों बहनों की कहानी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मीडिया में सुर्खियां बनी थी। उनकी दुर्लभ चिकित्सीय स्थिति को देखते हुए विदेश में इलाज और ऑपरेशन की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। इसी दौरान सलमान खान ने परिवार से मुलाकात कर हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया था, जबकि अबू धाबी के शाही परिवार की ओर से भी इलाज में सहयोग की पहल की गई थी।
हालांकि, तमाम कोशिशों के बावजूद दोनों बहनों का अलगाव (सेपरेशन सर्जरी) संभव नहीं हो सका। चिकित्सकों के अनुसार, उनके सिर की नसें और मस्तिष्क की रक्त वाहिकाएं इस तरह जुड़ी हुई हैं कि ऑपरेशन बेहद जटिल और अत्यधिक जोखिम भरा है। यही वजह रही कि वर्षों बाद भी वे एक-दूसरे से अलग नहीं हो सकीं।
आज सबा और फ़रहा वयस्क हो चुकी हैं। दोनों ने अपनी परिस्थितियों के साथ जीना सीख लिया है और सामान्य जीवन जीने की कोशिश कर रही हैं। परिवार के सहयोग से वे रोजमर्रा के काम करती हैं, लेकिन स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां और भविष्य की चिंताएं अब भी बनी हुई हैं। उनकी कहानी केवल चिकित्सा विज्ञान की जटिलता नहीं, बल्कि साहस, धैर्य और जीवन के प्रति अदम्य जिजीविषा की मिसाल भी है। वर्षों पहले मिली मदद और सहानुभूति ने उम्मीद जरूर जगाई थी, लेकिन आज भी उनकी सबसे बड़ी जरूरत बेहतर चिकित्सा देखभाल, सामाजिक सहयोग और सुरक्षित भविष्य है।