4 सितंबर को नहीं बदले पेट्रोल-डीजल के रेट, एक्सपोर्ट टैक्स बढ़ोतरी का घरेलू ग्राहकों पर नहीं पड़ेगा सीधा असर
नई दिल्ली। देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर 4 सितंबर 2026 को आम वाहन चालकों को फिलहाल राहत मिली है। तेल कंपनियों ने रोजाना सुबह 6 बजे जारी होने वाले रिटेल रेट में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया है। यानी पेट्रोल-डीजल की कीमतें पिछले स्तर के आसपास ही बनी हुई हैं।
इसका मतलब यह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद उसका तत्काल असर पंप पर दिखाई नहीं दे रहा। वहीं, 1 सितंबर से लागू टैक्स बढ़ोतरी को लेकर भी एक अहम बात समझना जरूरी है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक यह बदलाव निर्यात से जुड़ा है, घरेलू बिक्री पर सीधे लागू नहीं होता। इसलिए सामान्य घरेलू उपभोक्ता के लिए इसका तत्काल सीधा असर नहीं माना जा रहा है।
महानगरों में क्या है पेट्रोल-डीजल का भाव?
4 सितंबर के लिए उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार महानगरों में पेट्रोल और डीजल के दाम इस तरह बताए गए हैं—
- दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर, डीजल ₹95.20
- मुंबई: पेट्रोल करीब ₹111.18–₹111.21, डीजल ₹97.83
- कोलकाता: पेट्रोल करीब ₹113.47–₹113.51, डीजल ₹99.82
- चेन्नई: पेट्रोल करीब ₹107.74–₹107.77, डीजल ₹99.55
दूसरे प्रमुख शहरों में भी कीमतों में अंतर मुख्य रूप से स्थानीय टैक्स, वैट और परिवहन लागत की वजह से दिखाई देता है।
भोपाल में क्यों महंगा है पेट्रोल?
मध्य प्रदेश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों का सवाल आते ही सबसे पहले स्थानीय टैक्स व्यवस्था चर्चा में आती है। उपलब्ध आंकड़ों में भोपाल के लिए पेट्रोल करीब ₹114.54 से ₹114.57 प्रति लीटर और डीजल करीब ₹99.28 से ₹99.64 प्रति लीटर बताया गया है।
यही अंतर बताता है कि देश में पेट्रोल की कीमत केवल अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के भाव से तय नहीं होती। एक ही पेट्रोलियम उत्पाद अलग-अलग राज्यों में अलग कीमत पर मिल सकता है, क्योंकि अंतिम रिटेल कीमत में राज्य स्तर का टैक्स और स्थानीय लागत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
पेट्रोल की कीमत का ‘फॉर्मूला’ आखिर है क्या?
पेट्रोल की कीमत को समझने के लिए इसे सिर्फ कच्चे तेल के दाम से जोड़ना अधूरा होगा।
सबसे पहले अंतरराष्ट्रीय बाजार से कच्चा तेल खरीदा जाता है। चूंकि अंतरराष्ट्रीय क%A





