त्योहारी सीजन में घर पहुंचना होगा आसान, यूपी-बिहार से लेकर दिल्ली, गुजरात और दक्षिण भारत तक के प्रमुख रूटों पर अतिरिक्त ट्रेनें

Reaching home during the festive season easier additional trains running major routes connecting UP Bihar Delhi Gujarat South India

दीपावली, छठ और दुर्गा पूजा के दौरान घर लौटने वाले यात्रियों के लिए भारतीय रेलवे ने बड़ी तैयारी की है। त्योहारों पर ट्रेनों में बढ़ने वाली भीड़, लंबी प्रतीक्षा सूची और टिकटों की मारामारी को देखते हुए 100 से ज्यादा विशेष ट्रेनें चलाने का ऐलान किया गया है। इन ट्रेनों का संचालन मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली-एनसीआर, पश्चिम बंगाल, गुजरात, राजस्थान और दक्षिण भारत के प्रमुख रेल मार्गों पर किया जाएगा। त्योहारी सीजन में सबसे ज्यादा दबाव उत्तर भारत की ओर जाने वाले रेल मार्गों पर रहता है। ऐसे में रेलवे की यह व्यवस्था लाखों यात्रियों के लिए राहत लेकर आ सकती है।

1. यूपी-बिहार के यात्रियों के लिए सबसे बड़ी राहत

त्योहारों के दौरान बड़ी संख्या में लोग दिल्ली, मुंबई, गुजरात और दूसरे राज्यों से उत्तर प्रदेश और बिहार स्थित अपने घरों की ओर लौटते हैं। इसे देखते हुए कई महत्वपूर्ण रूटों पर विशेष ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। कानपुर सेंट्रल से असारवा, आगरा कैंट से उधना, झांसी से बांद्रा टर्मिनस, प्रयागराज से उधना और साबरमती के बीच विशेष ट्रेनें  चलेंगी। इसी तरह मदार जंक्शन से पटना, प्रयागराज से शकूरबस्ती, कानपुर से कोलकाता और कानपुर से गुवाहाटी के बीच भी स्पेशल ट्रेनें यात्रियों को उपलब्ध रहेंगी।

2. दिल्ली से बिहार तक अतिरिक्त कनेक्टिविटी

दिल्ली और बिहार के बीच भी त्योहारों के दौरान रेलवे ने अतिरिक्त व्यवस्था की है। आनंद विहार से जोगबनी और रांची से आनंद विहार के बीच विशेष ट्रेनें चलाई जाएंगी। वहीं प्रयागराज से शकूरबस्ती के बीच चलने वाली विशेष ट्रेन को शुरुआत में प्रतिदिन और बाद में सप्ताह में चार दिन चलाने की योजना है। इसका सीधा फायदा उन यात्रियों को मिलेगा जिन्हें नियमित ट्रेनों में टिकट मिलना मुश्किल हो जाता है।

3. पश्चिम बंगाल से बिहार और यूपी तक विशेष ट्रेनें

दुर्गा पूजा और उसके बाद दीपावली-छठ के कारण पश्चिम बंगाल से बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर जाने वाले यात्रियों की संख्या भी काफी बढ़ती है। रेलवे ने हावड़ा-रक्सौल, सियालदह-पटना, सियालदह-गोरखपुर और कोलकाता-मधुबनी जैसे रूटों पर भी विशेष ट्रेनों की व्यवस्था की है। इनमें कुछ ट्रेनें साप्ताहिक हैं, जबकि कुछ का संचालन सप्ताह में दो दिन किया जाएगा।

4. मुंबई, गुजरात और राजस्थान से भी घर पहुंचना आसान

त्योहारों में प्रवासी कामगारों और नौकरीपेशा लोगों की बड़ी संख्या मुंबई और गुजरात से उत्तर भारत की ओर लौटती है। इसे देखते हुए मुंबई सेंट्रल-कटिहार के बीच विशेष ट्रेन चलाई जा रही है। इसी तरह कानपुर-असारवा, आगरा-उधना, प्रयागराज-उधना और प्रयागराज-साबरमती जैसे रूट भी यात्रियों को अतिरिक्त विकल्प देंगे। यानी रेलवे की रणनीति केवल एक क्षेत्र की भीड़ कम करने तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के अलग-अलग हिस्सों को त्योहारों के दौरान अतिरिक्त रेल संपर्क से जोड़ने की है।

5. टिकट बुकिंग में जल्दबाजी जरूरी

विशेष ट्रेनों के संचालन के साथ यात्रियों के लिए सबसे जरूरी है कि वे ट्रेन नंबर, तारीख और उपलब्धता की जांच करके ही टिकट बुक करें। रेलवे के अनुसार विशेष ट्रेनों की बुकिंग आईआरसीटीसी की वेबसाइट और मोबाइल ऐप के माध्यम से की जा सकती है। यात्रियों को ट्रेन के संचालन की तारीख और वर्तमान स्थिति की जानकारी राष्ट्रीय ट्रेन पूछताछ प्रणाली या 139 सेवा से लेने की सलाह दी गई है।

प्रमुख स्पेशल ट्रेनें एक नजर में

ट्रेन रूट संचालन
01905/01906 कानपुर–असारवा साप्ताहिक
01907/01908 आगरा कैंट–उधना साप्ताहिक
02199/02200 झांसी–बांद्रा टर्मिनस साप्ताहिक
04105/04106 प्रयागराज–उधना सप्ताह में 2 दिन
04179/04180 प्रयागराज–साबरमती सप्ताह में 2 दिन
02877/02878 रांची–आनंद विहार साप्ताहिक
04157/04158 कानपुर–कोलकाता साप्ताहिक
09601/09602 मदार जंक्शन–पटना साप्ताहिक
03041/03042 हावड़ा–रक्सौल साप्ताहिक
03135/03136 सियालदह–पटना साप्ताहिक
03131/03132 सियालदह–गोरखपुर सप्ताह में 2 दिन
04127/04128 कानपुर–गुवाहाटी साप्ताहिक
05736/05735 कटिहार–अमृतसर साप्ताहिक

दीपावली और छठ पर रेलवे के सामने सबसे बड़ी चुनौती यात्रियों की अचानक बढ़ने वाली संख्या को संभालना होती है। ऐसे में 100 से ज्यादा स्पेशल ट्रेनों का संचालन नियमित ट्रेनों पर दबाव कम करने की कोशिश है। हालांकि यात्रियों को सिर्फ स्पेशल ट्रेन की घोषणा देखकर टिकट बुक नहीं करना चाहिए। यात्रा की तारीख, ट्रेन का वास्तविक संचालन, ठहराव और सीट उपलब्धता की पुष्टि जरूर करनी चाहिए। कुल मिलाकर रेलवे की यह तैयारी उन लाखों यात्रियों के लिए बड़ी राहत बन सकती है, जो त्योहार पर अपने घर और परिवार के बीच पहुंचना चाहते हैं।

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