सितंबर में ठंड का अहसास, दिल्ली का मौसम क्यों अचानक बदला? ‘अर्नब’ चक्रवात का असर कितना?

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दिल्ली-एनसीआर में सितंबर के आखिरी सप्ताह में मौसम का बदला मिजाज सिर्फ बारिश तक सीमित नहीं है। बादल, तेज हवाएं और लगातार बूंदाबांदी ने तापमान को नीचे खिसकाया है, जिससे लोगों को सुबह-शाम हल्की ठंड महसूस होने लगी है। सामान्य तौर पर सितंबर में गर्मी और उमस का असर बना रहता है, लेकिन इस बार मौसम में बदलाव ने सर्दी की आहट का अहसास करा दिया है।

1. यूपी की बारिश का असर दिल्ली तक

उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बारिश का असर दिल्ली-एनसीआर के मौसम पर भी दिखाई दे रहा है। शनिवार को दिल्ली, नोएडा और आसपास के इलाकों में बादल छाए रहे और कई जगह बूंदाबांदी हुई। बारिश के साथ तेज हवाओं ने वातावरण को और ठंडा कर दिया  बारिश के दौरान बादल सूरज की सीधी गर्मी को रोकते हैं। जमीन के पास का तापमान नीचे आता है और हवा में नमी बढ़ने के बावजूद तेज हवाओं के कारण ठंडक का एहसास ज्यादा होता है।

2. तापमान में 7 डिग्री तक गिरावट क्यों?

मौसम में अचानक बदलाव के पीछे कई मौसमी परिस्थितियां एक साथ काम करती हैं। बारिश, बादल और तेज हवाएं दिन के अधिकतम तापमान को प्रभावित करती हैं। धूप कमजोर पड़ने से जमीन तेजी से गर्म नहीं हो पाती और तापमान सामान्य से नीचे चला जाता है। दिल्ली में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की हवाएं और कुछ स्थानों पर इससे अधिक तेज झोंके ठंडक के एहसास को बढ़ा सकते हैं। यानी तापमान में वास्तविक गिरावट के साथ शरीर को महसूस होने वाला तापमान भी कम लग सकता है।

3. उत्तर-पश्चिमी हवाएं ला रहीं बदलाव

मानसून की वापसी के दौर में हवाओं की दिशा में बदलाव महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। दक्षिण-पश्चिमी हवाओं की जगह उत्तर-पश्चिमी हवाएं सक्रिय होने लगती हैं। हिमालय और उत्तर-पश्चिमी क्षेत्रों से आने वाली अपेक्षाकृत ठंडी हवाएं मैदानी इलाकों के तापमान को प्रभावित करती हैं। यही बदलाव सितंबर के आखिर में दिल्ली-एनसीआर में मौसम के स्वरूप को बदलने वाली प्रमुख वजहों में शामिल है।

4. ‘अर्नब’ चक्रवात का असर कितना?

रिपोर्ट में ‘अर्नब’ चक्रवात के प्रभाव का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि दिल्ली के तापमान में बदलाव को केवल किसी एक मौसम प्रणाली से जोड़ना उचित नहीं होगा। चक्रवाती परिसंचरण, मानसून की वापसी, पश्चिमी विक्षोभ, स्थानीय बारिश और हवा की दिशा जैसे कई कारक मिलकर मौसम को प्रभावित करते हैं। इसलिए दिल्ली में महसूस हो रही सितंबर की ठंड को एक बहु-कारकीय मौसमी बदलाव के तौर पर देखना ज्यादा सही होगा।

5. बारिश का अनुमान

भारत मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 27 सितंबर को भी दिल्ली में मौसम सामान्य नहीं रहेगा। अधिकतम तापमान करीब 31 डिग्री और न्यूनतम 22 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। आसमान में बादल छाए रह सकते हैं और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। इस दौरान गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति भी बन सकती है। ऐसे में सितंबर के अंतिम दिनों में दिल्ली-एनसीआर के लोगों को सामान्य गर्मी की बजाय बदला हुआ, अपेक्षाकृत ठंडा मौसम महसूस हो सकता है। सितंबर के आखिर में दिल्ली में ठंड का यह अहसास सर्दी के स्थायी आगमन का संकेत नहीं, बल्कि मौजूदा मौसमी परिस्थितियों का असर है। बारिश और बादलों से धूप कमजोर हुई है, तेज हवाओं ने गर्मी कम की है और उत्तर-पश्चिमी हवाओं ने वातावरण में ठंडक बढ़ाई है। यानी मौसम ने करवट जरूर ली है, लेकिन इसे अभी सर्दियों की दस्तक से ज्यादा मानसून वापसी के दौरान आया अस्थायी बदलाव समझना बेहतर होगा।

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