राजस्थान में मानसून ने एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है… दक्षिणी और पूर्वी राजस्थान के कई इलाकों में मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बेहाल कर दिया है… कहीं सड़कें दरिया बन गईं… कहीं बाजारों में सैलाब जैसे हालात पैदा हो गए… तो कहीं बारिश का पानी स्कूल में घुस गया और करीब 80 बच्चे फंस गए…
झालावाड़ में नाले का पानी स्कूल परिसर में घुसने के बाद बच्चों को सुरक्षित निकालने के लिए शिक्षकों और ग्रामीणों ने मोर्चा संभाला… वहीं कोटा और बूंदी में भी तेज बारिश के बाद कई इलाकों में जलभराव हुआ… वाहन पानी में फंसे और कई जगह लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा…
मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के लिए राजस्थान के कई जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है… मंगलवार को 6 जिलों में ऑरेंज अलर्ट और 19 जिलों में येलो अलर्ट है…लेकिन बड़ा सवाल है… क्या राजस्थान में बारिश की यह दस्तक अगले कुछ दिनों में और बड़ी मुसीबत बन सकती है? बारिश ने खोली मौसम की करवट राजस्थान का मौसम मानचित्र, तेज बारिश, सड़क पर पानी, लोग छाता लेकर चलते हुए। राजस्थान में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है…दक्षिणी और पूर्वी राजस्थान के कई हिस्सों में सोमवार को मौसम ने अचानक करवट ली और देखते ही देखते तेज बारिश शुरू हो गई…बूंदी, झालावाड़ और कोटा में मूसलाधार बारिश हुई… जबकि सीकर में दोपहर बाद तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश देखने को मिली…बारिश से जहां लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली… वहीं कुछ इलाकों में पानी की रफ्तार इतनी तेज रही कि आम जनजीवन प्रभावित हो गया…सड़कें पानी में डूब गईं… बाजारों में पानी भर गया… और लोगों को सुरक्षित जगहों पर रुकने के लिए मजबूर होना पड़ा…
राजस्थान में मानसून फिर सक्रिय
दक्षिणी-पूर्वी राजस्थान में भारी बारिश
कई इलाकों में जलभराव
अगले 5 दिन बारिश का अलर्ट
स्कूल में घुसा सैलाब, 80 बच्चे फंसे
झालावाड़/स्कूल के उपलब्ध विजुअल, पानी से घिरा स्कूल, बच्चों को निकालते ग्रामीण/शिक्षक। सबसे डराने वाली तस्वीर झालावाड़ से सामने आई… मनोहरथाना ब्लॉक के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय झीकनी में लगातार बारिश के बाद नाले का पानी स्कूल परिसर में घुस गया… देखते ही देखते स्कूल जलमग्न होने लगा… उस वक्त विद्यालय में करीब 80 बच्चे मौजूद थे… हालात बिगड़ते देख स्कूल के 7 अध्यापकों और करीब एक दर्जन ग्रामीणों ने बच्चों को सुरक्षित निकालने की जिम्मेदारी संभाली… मुश्किल हालात के बीच बच्चों को एक-एक कर सुरक्षित बाहर निकाला गया… बारिश और तेज बहाव का असर स्कूल की बाउंड्री पर भी पड़ा… नाले के पानी के तेज बहाव से करीब 50 फीट लंबी बाउंड्री क्षतिग्रस्त हो गई… यानी बारिश सिर्फ पानी लेकर नहीं आई… बल्कि अपने साथ डर और खतरे की तस्वीर भी लेकर आई…
झालावाड़ में स्कूल में सैलाब
80 बच्चे फंसे
7 शिक्षक + ग्रामीणों ने किया रेस्क्यू
50 फीट बाउंड्री क्षतिग्रस्त
कोटा रामगंजमंडी, जलमग्न सड़कें, बाजार, उपखंड कार्यालय परिसर। अब तस्वीर कोटा की…रामगंजमंडी क्षेत्र में मौसम की पहली जोरदार बारिश ने प्रशासन और आम लोगों की मुश्किल बढ़ा दी…करीब दो घंटे तक हुई लगातार बारिश के बाद पूरा उपखंड क्षेत्र पानी-पानी हो गया… शहर के कई इलाकों में जलभराव हुआ… सड़कें पानी में डूब गईं और लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा…उपखंड कार्यालय परिसर तक में बारिश का पानी पहुंच गया…यानी सरकारी दफ्तर भी बारिश के पानी से अछूते नहीं रहे…लोगों को पानी के बीच से गुजरना पड़ा… जबकि कई जगहों पर सड़क और नाले का फर्क तक नजर नहीं आया…
2 घंटे की बारिश… शहर बेहाल क्यों?
जल निकासी की व्यवस्था पर सवाल
बाजार से दफ्तर तक पानी
नागदी बाजार में सैलाब जैसे हालात
नागदी बाजार में जलभराव, पानी में वाहन, बाइक, दुकानदार। करीब डेढ़ घंटे की मूसलाधार बारिश ने नागदी बाजार की तस्वीर पूरी तरह बदल दी…देखते ही देखते बाजार की सड़कें पानी में डूब गईं…सड़क पर पानी इतना बढ़ा कि कई वाहन फंस गए…कई बाइक पानी में बहने की बात सामने आई है… जबकि कुछ वाहनों के इंजन में पानी घुसने से नुकसान की जानकारी है…बारिश के दौरान लोग अपने वाहनों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों की तरफ जाते नजर आए…दुकानदारों के लिए भी हालात मुश्किल रहे…बारिश का पानी सड़क से आगे बढ़कर आसपास के इलाकों तक पहुंच गया…
नागदी बाजार में जलसैलाब
सड़कें डूबीं
वाहन फंसे
बाइक बहने की जानकारी
ग्रामीण क्षेत्र, रपट पर बहता पानी, पशु/बारिश के विजुअल। शहरी इलाकों के साथ ग्रामीण इलाकों में भी बारिश ने परेशानी बढ़ाई… सुकेत के पास झिरी झिलारा गांव में रपट पर पानी आने के बाद भैंसों के बहने की जानकारी सामने आई…अचानक बढ़े जलस्तर ने लोगों को सतर्क कर दिया…वहीं तेज बारिश के कारण मंडी में टीन शेड के नीचे रखा अनाज भी भीग गया…यानी बारिश ने किसानों और व्यापारियों की चिंता भी बढ़ा दी…एक तरफ खेतों और जलस्रोतों के लिए बारिश जरूरी है… लेकिन दूसरी तरफ जब बारिश कम समय में बहुत ज्यादा हो जाए तो वही पानी मुसीबत में बदल जाता है…
25 जिलों पर मौसम विभाग की नजर
राजस्थान का मैप, ऑरेंज और येलो अलर्ट वाले जिलों की मैपिंग। अब नजर मौसम विभाग के अलर्ट पर…राजस्थान में मंगलवार यानी 11 अगस्त को 25 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है…इनमें दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के छह जिलों में ऑरेंज अलर्ट है…बारां, भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़, कोटा और झालावाड़ में मध्यम से भारी बारिश की चेतावनी दी गई है…वहीं अजमेर, बांसवाड़ा, दौसा, जयपुर और उदयपुर समेत 19 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है…मौसम विभाग के मुताबिक राज्य के कई हिस्सों में 13 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रह सकता है…
11 अगस्त: राजस्थान में 25 जिलों पर अलर्ट
बारां | भीलवाड़ा | बूंदी
चित्तौड़गढ़ | कोटा | झालावाड़
अजमेर | बांसवाड़ा | दौसा
जयपुर | उदयपुर समेत 19 जिले
अगले 5 दिन क्यों अहम?
मौसम विभाग का पूर्वानुमान, बादल, बारिश, राजस्थान मैप। मौसम विभाग ने राजस्थान के कई हिस्सों में अगले पांच दिनों तक बारिश का पूर्वानुमान जताया है…खासकर दक्षिणी और पूर्वी हिस्सों में बारिश का असर ज्यादा रहने की संभावना है…इस दौरान कहीं मध्यम तो कहीं भारी बारिश हो सकती है…लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, नदी-नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी और सड़कों पर यातायात प्रभावित होने जैसी स्थिति बन सकती है…ऐसे में प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती है—जलभराव वाले इलाकों में राहत और बचाव व्यवस्था को मजबूत रखना…और लोगों के लिए जरूरी है कि वे तेज बहाव वाले पानी, रपट और पुल-पुलियों को पार करने की कोशिश न करें…
बारिश सामान्य से कम, लेकिन असर ज्यादा
राजस्थान का वर्षा आंकड़ा, सूखे क्षेत्र और बारिश वाले इलाकों का कॉम्बिनेशन। दिलचस्प बात यह है कि राजस्थान में इस सीजन अब तक बारिश सामान्य से कम रही है…मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक राज्य में सामान्य से करीब 12.46 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है… लेकिन अब मानसून की सक्रियता के साथ कुछ इलाकों में कम समय में तेज बारिश देखने को मिल रही है…यही वजह है कि एक तरफ बारिश की कमी का आंकड़ा है… और दूसरी तरफ अचानक हुईमूसलाधार बारिश से जलभराव और सैलाब जैसे हालात…यानी राजस्थान के मौसम की तस्वीर इस वक्त दो हिस्सों में बंटी नजर आ रही है…कहीं बारिश का इंतजार… तो कहीं बारिश से बचने की चुनौती…
राजस्थान में मानसून ने एक बार फिर अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है… झालावाड़ में स्कूल में पानी घुसने के बाद करीब 80 बच्चों का रेस्क्यू करना पड़ा… कोटा और बूंदी में सड़कों पर सैलाब जैसे हालात बने… कई वाहन पानी में फंसे… और अब मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों तक बारिश का अलर्ट जारी किया है… 11 अगस्त को 25 जिलों में अलर्ट है… छह जिलों में ऑरेंज और 19 जिलों में येलो अलर्ट… ऐसे में प्रशासन की चुनौती सिर्फ बारिश से निपटने की नहीं… बल्कि जलभराव, तेज बहाव और निचले इलाकों में संभावित खतरे को रोकने की भी है… बारिश राजस्थान के लिए राहत है… लेकिन जब यही बारिश रफ्तार पकड़ती है, तो राहत और आफत के बीच का फर्क भी बेहद छोटा हो जाता है।