भोपाल। मध्यप्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी ताकत के साथ सक्रिय है। राजधानी भोपाल समेत प्रदेश के कई जिलों में लगातार बारिश का दौर जारी है। कहीं सड़कें जलमग्न हैं, कहीं नदी-नाले उफान पर हैं और कई इलाकों में जलभराव के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों के लिए प्रदेश के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
भोपाल में बारिश ने रोकी रफ्तार
राजधानी भोपाल में करीब 11 घंटे से लगातार हो रही बारिश ने शहर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। कई इलाकों में सड़कें पानी में डूब गईं और निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन गई। बैरागढ़ के कैलाश नगर स्थित साईं बाबा रेसीडेंसी, जेल रोड, वार्ड-75 और कंफर्ट ग्रीन कॉलोनी समेत कई इलाकों में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
भारी बारिश के चलते प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ। कई जगह वाहन धीमी गति से चलते नजर आए, जबकि दोपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को सबसे ज्यादा परेशानी हुई। स्थानीय रहवासियों ने जल निकासी की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए प्रशासन और संबंधित एजेंसियों से स्थायी समाधान की मांग की है।
स्कूलों पर भी बारिश का असर
लगातार बारिश और जलभराव को देखते हुए भोपाल में विद्यार्थियों की सुरक्षा के मद्देनजर स्कूल बंद रखने का फैसला लिया गया। अवकाश नर्सरी से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए लागू किया गया। सरकारी और निजी स्कूलों के साथ MPBSE, CBSE, ICSE समेत अन्य बोर्ड के स्कूल भी इसके दायरे में रहे।
डिंडौरी में नर्मदा उफान पर
अब तस्वीर मध्यप्रदेश के पूर्वी हिस्से की। डिंडौरी में लगातार बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। रिपोर्ट के मुताबिक नर्मदा नदी करीब 35 साल बाद पुल के ऊपर से बहती नजर आई। नदी का बहाव तेज होने से आसपास के इलाकों में भी लोगों की चिंता बढ़ गई।
मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए डिंडौरी में आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों के लिए भी अवकाश घोषित किया गया। हालांकि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं अपने निर्धारित समय पर केंद्रों में मौजूद रहकर विभागीय कामकाज करती रहीं। बारिश के कारण स्कूलों को भी बंद रखा गया।
पांच जिलों में अति भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने मध्यप्रदेश के रायसेन, नर्मदापुरम, जबलपुर, नरसिंहपुर और सिवनी में अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इन जिलों में तेज बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं का खतरा भी बताया गया है। कुछ स्थानों पर हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना जताई गई है।
ऐसे में नदी-नालों और निचले इलाकों के आसपास रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। प्रशासन ने भी लोगों से मौसम की स्थिति को देखते हुए अनावश्यक यात्रा से बचने और जलभराव वाले रास्तों से दूरी बनाए रखने की अपील की है।
शहर-शहर बारिश का कहर
भोपाल में जलभराव ने लोगों की मुश्किलें बढ़ाई हैं, तो डिंडौरी में नर्मदा के उफान ने चिंता बढ़ा दी है। प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बारिश से सड़क और यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई है। आने वाले दिनों में भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना के बीच प्रशासन के सामने जल निकासी और संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाने की चुनौती है।
मध्यप्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। राजधानी भोपाल में बारिश ने जहां शहर की रफ्तार थाम दी है, वहीं डिंडौरी में नदियां उफान पर हैं। पांच जिलों में अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और मौसम विभाग व स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की जरूरत है। नदी-नालों, पुल-पुलियाओं और जलभराव वाले रास्तों से दूरी बनाए रखना ही सबसे सुरक्षित विकल्प है।