राहुल गांधी की बेलगाम जुबान फिर फिसली, योगी पर किया कटाक्ष तो भाजपा के नेता भड़के

Bharat Jodo Yatra at last stop Rahul Gandhi Tweet

राहुल हैं कि मानते नहीं। उनकी जुबान बार-बार फिसल जाती है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर कटाक्ष करना चाहा होगा, लेकिन बोलते-बोलते बहक गए। राहुल ने यूपी सीएम के बारे में बात करते हुए कहा कि वह धार्मिक नेता नहीं बल्कि एक ‘ठग’ हैं। हालांकि, राहुल के इस बयान पर यूपी सीएम ने पलटवार करते हुए कहा कि उनकी पार्टी कांग्रेस का इतिहास ही देश को ठगने का रहा है। वहीं, बीजेपी के कई नेताओं ने राहुल पर हमला बोल दिया है। सोशल मीडिया पर भी लोग अपनी राय दे रहे हैं और कांग्रेस नेता के पक्ष या विपक्ष में अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

राहुल गांधी समझे बिना बोलते हैं

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दिल्ली में सामाजिक संगठनो के साथ हो रही एक चर्चा के दैरान जुबानी सीमा तोड़ दी। उन्होंने कहा कि कोई भी धर्म उत्तर प्रदेश में हिंसा को बढ़ावा नहीं दे रहा, लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ धार्मिक नेता नहीं कहे जा सकते।

राहुल के बयान पर बवाल

राहुल के बयान पर बवाल मचना ही था। नई दिल्ली स्थित कॉस्टीट्यूशनल क्लब में आयोजित एक कार्यक्रम में राहुल गांधी ने कहा कि देश की सबसे बड़ी आबादी वाले राज्य में भाजपा जो कर रही है वह धर्म नहीं, अधर्म है। राहुल ने कहा कि योगी आदित्यनाथ को यदि हिंदू धर्म समझ में आता तो जो वह कर रहे हैं नहीं करते और योगी अपने मठ का अपमान कर रहे है। इसके बाद भाजपा नेताओं ने घोड़े खोल लिए और राहुल पर जमकर हमला बोला।

सपा से मिला साथ

हालांकि, राहुल की टिप्पणी पर उन्हें समाजवादी पार्टी के नेताओं का साथ भी मिला है। सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. आशुतोष वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ संत तो नहीं है। उनकी कार्यप्रणाली वैसी नहीं है। जो संत होता है, उसके कर्म और मन में हमेशा जनकल्याण होता है।

हालांकि, कभी कांग्रेस में ही रह चुके और उत्तर प्रदेश के भूतपूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान में भाजपा सांसद जगदम्बिका पाल ने कहा कि राहुल गांधी ने इस तरह के निंदनीय बयान से जाहिर कर दिया है कि वह पप्पू ही है। उन्होंने कहा कि राहुल ने योगी पर इस तरह का बयान देकर हिंदुओं और गोरक्षनाथ मठ का अपमान किया है। उन्हें इस बयान के लिए माफी मांगनी चाहिए।

राहुल के सलाहकारों को सावधानी बरतने की जरूरत

राहुल जिस तरह मसखरेपन से भरे बयान दे रहे हैं, यह साफ पता चल जा रहा है कि उनमें राजनीतिक परिपक्वता की कमी है। किसी संत को ठग बताना यह बता देता है कि उन्हें भारतीय समाज का ज्ञान नहीं है। उनके सलाहकारों को संभल कर बरतने की जरूरत है।

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