दर्द पर सियासत…सियासत का दर्द …गाजीपुर से उठे सवाल, सियासत में घमासान…!

Uttar Pradesh Ghazipur

दर्द पर सियासतसियासत का दर्द …गाजीपुर से उठे सवाल, सियासत में घमासान…!

उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में एक बेटी की मौत ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया, लेकिन इस दर्दनाक घटना पर सियासत की तपिश लगातार बढ़ती जा रही है। करंडा थाना क्षेत्र के कटरियां गांव की यह घटना अब संवेदना से ज्यादा राजनीतिक बयानबाजी का केंद्र बन चुकी है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के बयान के बाद बीजेपी नेता शाहनवाज हुसैन ने तीखा पलटवार करते हुए सपा पर माहौल खराब करने का आरोप लगाया है।

बीजेपी का कहना है कि संवेदनशील मामलों पर भी राजनीति करना सपा की पुरानी आदत है, जबकि सपा सरकार पर सवाल उठाकर खुद को जनता के बीच प्रासंगिक बनाए रखना चाहती है। वहीं सपा का आरोप है कि सरकार कानून व्यवस्था में विफल है और मुद्दों को दबाने की कोशिश कर रही है।

घटना के बाद सपा प्रतिनिधिमंडल पर हुए पथराव और पुलिस की कार्रवाई ने मामले को और गर्मा दिया। 47 नामजद और 200 अज्ञात के खिलाफ केस, 17 लोगों की गिरफ्तारी—ये आंकड़े बताते हैं कि मामला सिर्फ कानून का नहीं, बल्कि राजनीतिक असर का भी बन चुका है।

अब बहस “जंगलराज बनाम कानून का राज” पर आकर टिक गई है। एक ओर सरकार अपनी सख्ती को उपलब्धि बता रही है, तो दूसरी ओर विपक्ष इसे सवालों के घेरे में खड़ा कर रहा है।

लेकिन सबसे बड़ा सवाल अब भी वही है—क्या एक बेटी का दर्द सिर्फ बयानबाजी तक सीमित रह जाएगा? या फिर राजनीति से ऊपर उठकर न्याय की बात होगी? क्योंकि आखिरकार जनता यह देख रही है कि इस लड़ाई में कौन संवेदना के साथ खड़ा है और कौन इसे सियासी हथियार बना रहा है।

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