नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज नई दिल्ली में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PM-VBRY) के तहत लगभग 2,400 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि का वितरण करेंगे। केंद्र सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना देश में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन को बढ़ावा देने और युवाओं को औपचारिक कार्यबल से जोड़ने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
99,446 करोड़ रुपये का है कुल परिव्यय
प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना का कुल परिव्यय 99,446 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है। इस योजना का लक्ष्य अगले दो वर्षों में 3.5 करोड़ से अधिक रोजगार अवसरों के सृजन को प्रोत्साहित करना है। सरकार का मानना है कि यह योजना रोजगार बढ़ाने के साथ-साथ उद्योगों और संस्थानों को नए कर्मचारियों की भर्ती के लिए प्रोत्साहित करेगी।
1.92 करोड़ युवाओं को मिलेगा लाभ
योजना के तहत लगभग 1.92 करोड़ ऐसे लाभार्थियों को फायदा मिलने का अनुमान है, जो पहली बार औपचारिक कार्यबल में प्रवेश करेंगे। इससे युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलने के साथ सामाजिक सुरक्षा और अन्य रोजगार संबंधी सुविधाओं का भी लाभ मिलेगा।
15 लाख रोजगार अवसर पहले ही सृजित
सरकार की ओर से जारी किये गये आंकड़ों के अनुसार इस योजना के प्रारंभिक चरण में ही लगभग 15 लाख रोजगार अवसर अब तक सृजित किए जा चुके हैं। दावा यह भी किया जा रहा है कि इस योजना को देश के युवाओं के लिए रोजगार सृजन की गति को अधिक तेज करने और विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
रोजगार और आर्थिक विकास को मिलेगा बल
विशेषज्ञों का मानना है कि PM-VBRY योजना से उद्योग, सेवा और विनिर्माण क्षेत्रों में नई भर्तियों को बढ़ावा मिलेगा। इससे युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। सरकार का उद्देश्य रोजगार आधारित विकास मॉडल के जरिए अधिक से अधिक लोगों को आर्थिक मुख्यधारा से जोड़ना है। आज के कार्यक्रम में लाभार्थियों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों की सहभागिता भी रहने की संभावना है। योजना के तहत जारी की जा रही प्रोत्साहन राशि रोजगार सृजन की प्रक्रिया को और गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।