शहीदों को नमन, परिवारों के सम्मान का संकल्प
देश की सुरक्षा के लिए जब भी कोई चुनौती सामने आती है, पुलिस के जवान अपनी जान की परवाह किए बिना मोर्चे पर डटे रहते हैं। अपराध से मुकाबला हो, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई हो या नक्सलवाद का खात्मा… कर्तव्य निभाते हुए अनेक वीर जवानों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। पुलिस स्मृति दिवस पर भोपाल के लाल परेड मैदान में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अमर शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने देश की आंतरिक सुरक्षा और लोकतंत्र की रक्षा में पुलिस बल की भूमिका को रेखांकित किया। साथ ही, शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारों को एक करोड़ रुपये की सहायता राशि में से 50 प्रतिशत पत्नी और 50 प्रतिशत माता-पिता को देने के निर्णय को संवेदनशील पहल बताया।
लाल परेड मैदान में शहीदों को श्रद्धांजलि
देश की सुरक्षा में पुलिस का सर्वोच्च बलिदान
नक्सलवाद के खिलाफ जवानों का योगदान
शहीद परिवारों के लिए एक करोड़ की सहायता
वीर पुलिसकर्मियों के बलिदान को सलाम
पुलिस स्मृति दिवस… उन वीर जवानों के अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा और बलिदान को याद करने का अवसर, जिन्होंने देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। भोपाल के लाल परेड मैदान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया में उथल-पुथल के बीच भारत में लोकतंत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने में पुलिस बल की महत्वपूर्ण भूमिका है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने से लेकर नागरिकों की सुरक्षा तक, पुलिसकर्मी हर परिस्थिति में अपने दायित्वों का निर्वहन करते हैं।
मध्यप्रदेश में नक्सलवाद के खिलाफ अभियान में पुलिस जवानों के योगदान को भी मुख्यमंत्री ने अविस्मरणीय बताया। कठिन परिस्थितियों में अभियान चलाने वाले जवानों का साहस और समर्पण प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है।
शहीदों के बलिदान को नमन करने के साथ उनके परिवारों के सम्मान और आर्थिक सुरक्षा का मुद्दा भी अहम रहा। मुख्यमंत्री ने बताया कि शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारों को दी जाने वाली एक करोड़ रुपये की सहायता राशि में 50 प्रतिशत पत्नी और 50 प्रतिशत माता-पिता को देने का निर्णय लिया गया है। इसका उद्देश्य उन परिवारों के प्रति जिम्मेदारी निभाना है, जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपने प्रियजन को खोया है।
वर्दी केवल एक पहचान नहीं, बल्कि देश और समाज के प्रति जिम्मेदारी का प्रतीक है। इस जिम्मेदारी को निभाते हुए शहीद हुए पुलिसकर्मियों का बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा। पुलिस स्मृति दिवस हमें याद दिलाता है कि देश की सुरक्षा के पीछे अनेक परिवारों का त्याग भी जुड़ा है। शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि यही है कि उनके बलिदान का सम्मान किया जाए और उनके परिवारों को संबल, सुरक्षा और सम्मान मिले।अमर शहीद पुलिसकर्मियों को शत-शत नमन।